Homeराजनीतिगाड़ी से उतरे ही नहीं, हमें मिलने तक नहीं दिया... नीतीश कुमार की 'समाधान...

गाड़ी से उतरे ही नहीं, हमें मिलने तक नहीं दिया… नीतीश कुमार की ‘समाधान यात्रा’ में बवाल-आगजनी, ग्रामीणों ने जलाए CM और तेजस्वी के पोस्टर

अब कटिहार में नाराज़ ग्रामीणों ने हंगामा किया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि नेताओं-अधिकारियों से घिरे सीएम नीतीश चल रहे हैं और ग्रामीण आसपास खड़े हैं।

बिहार के कटिहार जिले में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ‘समाधान यात्रा’ के दौरान ग्रामीणों ने आगजनी और नारेबाजी की है। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें लोगों को सड़क पर प्रदर्शन करते हुए देखा जा सकता है। लोगों का कहना है कि सीएम नीतीश कुमार से उन्हें नहीं मिलने दिया गया। बवाल का कारण इसे ही बताया जा रहा है। इससे पहले उन्हें सारण में भी काले झंडे दिखाए जा चुके हैं। काफिले के सामने युवक ने ऐसा किया था, जिसके बाद उसे तुरंत हिरासत में ले लिया गया था।

अब कटिहार में नाराज़ ग्रामीणों ने हंगामा किया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि नेताओं-अधिकारियों से घिरे सीएम नीतीश चल रहे हैं और ग्रामीण आसपास खड़े हैं। वहीं एक अन्य फुटेज में लोग सड़क पर लकड़ियाँ-कपड़े जला कर आगजनी कर रहे हैं। इसमें अधिकतर युवा थे। उन्होंने मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। युवकों ने कहा कि ‘समाधान यात्रा’ में कोई समाधान नहीं हो रहा है, वो गाड़ी से भी नहीं उतरे और किसी से उनकी मुलाकात नहीं हुई।

ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें मुख्यमंत्री से मिलने तक नहीं दिया गया। इतना ही नहीं, लोगों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ-साथ बिहार के उप-मुख्यमंत्री व राजद नेता तेजस्वी यादव के पोस्टरों को भी आग के हवाले कर दिया। ये घटना कटिहार के कोढ़ा प्रखंड स्थित दिघरि पंचायत की है। कई घंटों तक लोगों का विरोध प्रदर्शन जारी रहा। ऐसा लग रहा है कि पूरे राज्य में नीतीश कुमार के कामकाज से लोग खुश नहीं है, तभी उनके खिलाफ जनता में इतना गुस्सा है।

हाल ही में चुनावी रणनीतिकार और ‘सुराज यात्रा’ निकाल रहे प्रशांत किशोर ने भी कहा है कि नीतीश कुमार ने तीन-तीन बार लोगों को ठगा है। कभी महागठबंधन के रणनीतिकार रहे पीके ने खुलासा किया कि नीतीश कुमार ने कहा था कि वो थोड़े दिन बाद भाजपा छोड़ेंगे, क्योंकि मोदी की हवा अभी कुछ दिन और रहेगी। उन्होंने कहा कि CAA-NRC के विरोध की योजना बनी थी, लेकिन नीतीश ने संसद में जदयू से इसके पक्ष में वोटिंग करा दी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

अखिलेश सरकार में हुए 62+ हत्याओं को याद करा रहा ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ पोस्टर: मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर...

मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर उत्तर प्रदेश के कई शहरों में ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ लिखे पोस्टर लगा गए हैं। इन पोस्टर्स ने 2013 की उस भयावह हिंसा की याद फिर ताजा कर दी है।

हैशटैग लगाओ, दुनिया बदलो… कितना आसान है न? क्या सोशल मीडिया लोकतंत्र को बर्बाद कर रहा है?

लोकतंत्र इंसान की कमियों को स्वीकार कर समझौतों से चलता है। लेकिन सोशल मीडिया का अनियंत्रित दौर हर छोटी कमी को भ्रष्टाचार बताकर लोकतंत्र की बुनियाद पर चोट कर रहा है। कैसे आज का सोशल मीडिया और डिजिटल यूटोपियनवाद हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका है।
- विज्ञापन -