Homeदेश-समाज5 साल की बच्ची के साथ दरिंदगी करने वाले की मौत की सजा पर...

5 साल की बच्ची के साथ दरिंदगी करने वाले की मौत की सजा पर SC ने लगाई रोक, मनोवैज्ञानिक जाँच का दिया आदेश: चाकू से फाड़ दिया था प्राइवेट पार्ट

भोपाल में 5 साल की बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के दोषी अतुल निहाले की फाँसी पर सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी, अपील पर सुनवाई तक सजा स्थगित।

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के शाहजहानाबाद इलाके में 5 साल की बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए आरोपित की फाँसी की सजा पर सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है। जस्टिस विक्रम नाथ, संदीप मेहता और एन वी अंजारिया की बेंच ने आरोपित की अपील पर सुनवाई करते हुए उसकी फाँसी की सजा पर तब तक के लिए रोक लगा दी है, जब तक कि मामले पर अंतिम फैसला नहीं हो जाता।

अदालत ने इस दौरान मामले से जुड़े सभी रिकॉर्ड, प्रोबेशन अधिकारी की रिपोर्ट, जेल में आरोपित के व्यवहार और उसके मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन की रिपोर्ट भी मँगाने के निर्देश दिए हैं।

यह मामला उस आरोपित अतुल निहाले का है, जिसे मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 22 जनवरी 2026 को दोषी ठहराते हुए ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई फाँसी की सजा को बरकरार रखा था।

इससे पहले भोपाल की विशेष POCSO एक्ट कोर्ट ने 10 मार्च 2025 को अपने फैसले में उसे 5 साल की बच्ची से दुष्कर्म और हत्या का दोषी मानते हुए मौत की सजा सुनाई थी।

अब आरोपित ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिस पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने फिलहाल उसकी फाँसी की सजा पर रोक लगा दी है।

हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान क्या पाया?

चाकू से चीरकर फैलाई पीड़िता की योनि: हाईकोर्ट

विशेष POCSO एक्ट कोर्ट के फैसले के खिलाफ आरोपित द्वारा दायर अपील पर सुनवाई करते हुए मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने ट्रायल के दौरान पेश किए गए सभी सबूतों और दस्तावेजों की विस्तार से जाँच की। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि आरोपित ने एक मासूम बच्ची के साथ बेहद बर्बर और अमानवीय तरीके से अपराध किया था।

हाई कोर्ट ने अपने आदेश में बताया कि आरोपित ने पाँच साल की उस बच्ची को निशाना बनाया, जो खुद का बचाव करने में पूरी तरह असमर्थ थी। अदालत के मुताबिक, आरोपित ने पहले बच्ची का मुँह दबा दिया और फिर रसोई में इस्तेमाल होने वाले चाकू का इस्तेमाल करते हुए उसके साथ क्रूरता से दुष्कर्म किया, जिसके बाद उसकी हत्या कर दी।

इस कृत्य की बर्बरता हर सबूत से झलक रही है: हाईकोर्ट

अपने फैसले में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने कहा कि आरोपित द्वारा किए गए हमले के कारण बच्ची को मरने से पहले असहनीय पीड़ा झेलनी पड़ी होगी। अदालत ने बताया कि बच्ची के शरीर पर कुल 10 चोटों के निशान पाए गए थे, जिनमें पेल्विक हिस्से में गंभीर चोट भी शामिल थी, जो उसकी मौत का मुख्य कारण बनी।

अदालत के अनुसार, एक मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म करने के लिए उसके साथ इस तरह की क्रूरता करना बेहद बर्बर और अमानवीय कृत्य है। फैसले में कहा गया कि सबूतों का हर हिस्सा इस घटना की भयावहता और आरोपित की दरिंदगी को साफ दिखाता है।

हाई कोर्ट ने यह भी माना कि घटना के समय बच्ची पूरी तरह असहाय थी और उसे अत्यधिक दर्द और यातना सहनी पड़ी होगी। अदालत ने कहा कि जिस हालत में बच्ची को चोटें पहुँचाई गईं, उससे इस अपराध की क्रूरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

साथ ही अदालत ने आरोपित के आपराधिक रिकॉर्ड का भी जिक्र किया। कोर्ट ने बताया कि आरोपित पहले भी IPC के तहत एक मामले में दोषी ठहराया जा चुका है और उसके खिलाफ पहले से पाँच आपराधिक मामले लंबित हैं। इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए हाईकोर्ट ने उसकी अपील खारिज कर दी थी।

अपराध करते समय आरोपित किसी मानसिक बीमारी से पीड़ित नहीं था: हाईकोर्ट

सुनवाई के दौरान मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने आरोपित के मेडिकल रिकॉर्ड की भी जाँच की। अदालत ने पाया कि आरोपित किसी भी तरह की मानसिक बीमारी या मानसिक विकार से पीड़ित नहीं था, जो उसके कृत्य को समझने की क्षमता को प्रभावित करता हो।

कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि इस संबंध में ट्रायल कोर्ट ने डॉक्टर राहुल शर्मा (CW-1) की गवाही दर्ज की थी। डॉक्टर ने स्पष्ट रूप से बताया कि जाँच के दौरान ऐसा कोई संकेत नहीं मिला कि आरोपित किसी बाइपोलर मूड डिसऑर्डर या अन्य मानसिक बीमारी से ग्रस्त था।

अदालत ने यह भी कहा कि रिकॉर्ड में ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला, जिससे यह साबित हो सके कि आरोपित किसी मानसिक बीमारी से पीड़ित था और उसी कारण वह अपने कृत्य को समझने में असमर्थ था।

कोर्ट के मुताबिक, मौजूद सबूतों के आधार पर ट्रायल कोर्ट ने सही माना कि घटना के समय आरोपित पूरी तरह मानसिक रूप से सक्षम था और अदालत में अपना बचाव करने की स्थिति में भी था।

क्या था मामला

यह मामला 24 सितंबर 2024 को शुरू हुआ, जब 5 साल की बच्ची की माँ ने शाहजहानाबाद पुलिस स्टेशन में अपनी बेटी के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई। बच्ची के गायब होने के बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की।

दो दिन की लगातार खोज के बाद 26 सितंबर 2024 को पुलिस को बाजपेयी नगर के ईदगाह हिल्स इलाके में स्थित ब्लॉक A-1 के फ्लैट F-2 से तेज बदबू आती महसूस हुई। यह फ्लैट आरोपित के परिवार के कब्जे में था।

जब पुलिस बदबू के स्रोत का पता लगाने के लिए फ्लैट के अंदर जाने लगी, तो आरोपित की माँ और बहन ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस जबरन घर के अंदर दाखिल हुई और तलाशी शुरू की।

तलाशी के दौरान बाथरूम में रखे एक सफेद प्लास्टिक टैंक के अंदर से बच्ची का शव बरामद हुआ। पुलिस को मौके से खून से सने कपड़े और एक चाकू समेत कई अहम सबूत भी मिले। इसके बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस एक्ट की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया।

बाद में बच्ची के माता-पिता ने शव की पहचान की। शव का पोस्टमार्टम ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंस भोपाल के फॉरेंसिक विभाग के तीन डॉक्टरों की टीम ने किया, जिसमें पुष्टि हुई कि बच्ची के साथ दुष्कर्म किया गया था और उसकी हत्या की गई थी।

जाँच के दौरान जब्त किए गए सामान की फॉरेंसिक जाँच से भी आरोपित के शामिल होने के सबूत मिले है, सबूतों और गवाहों के बयानों के आधार पर विशेष पॉक्सो अदालत ने आरोपित को BNS और प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस एक्ट की अलग-अलग धाराओं के तहत दोषी ठहराया।

(मूल रूप से ये रिपोर्ट अंग्रेजी में प्रकाशित है। मूल रिपोर्ट पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।)

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

6 पर FIR, 4 गिरफ्तार और 4 अधिकारी सस्पेंड: लखनऊ अग्रिकांड केस में CM योगी ने रातोंरात लिया सख्त एक्शन, SIT गठित कर कहा-...

लखनऊ में अलीगंज क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देर रात तक लगातार मॉनिटरिंग करते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

PFI के ‘मिशन 2047’ में भारत सरकार को उखाड़ फेंकने का लक्ष्य, MP ATS की जाँच में चौंकाने वाले खुलासे: जानें- पाकिस्तानी हैंडलर कैसे...

मध्य प्रदेश के भोपाल से मोहम्मद फराज की गिरफ्तारी के बाद ATS जाँच में PFI के मिशन 2047, पाकिस्तान कनेक्शन, भर्ती और फंडिंग की पड़ताल तेज।
- विज्ञापन -