Thursday, July 18, 2024
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मदरसा, मस्जिद, बगीचा, रेलवे स्टेशन: बिहार में जून में 4 ब्लास्ट, कहीं आपस में जुड़े हुए तो नहीं तार?

ये घटनाएँ आम जन को न केवल डराती हैं बल्कि सवाल खड़ा करती हैं कि क्या ये धमाके किसी चेन का हिस्सा तो नहीं हैं? इनके पीछे आतंकी या घुसपैठियों का हाथ तो नहीं?

बिहार के अलग-अलग जिलों से हाल में विस्फोट की घटना सामने आई है। कहीं मदरसे के भीतर बम ब्लास्ट हुआ तो कहीं मस्जिद के बिलकुल पीछे बम फटा। एक मामले में तो पार्सल के भीतर विस्फोटक पदार्थ था। अररिया में तो एक झोला सरिया से टकरा जाने से धमाका हो गया। इन घटनाओं से न केवल राज्य की सियासत गरम है, बल्कि इनसे कई सवाल भी खड़े हो गए हैं।

7 जून: बांका के नूरी मस्जिद परिसर में ब्लास्ट

बिहार के बांका जिले के नवटोलिया क्षेत्र में नूरी मस्जिद के परिसर में हुआ बम ब्लास्ट इस माह की ऐसी खबर थी जिसने सबको झकझोरा। हाई फ्रीक्वेंसी वाले इस ब्लास्ट में मदरसा पूरी तरह जमींदोज हो गया था। कथित तौर पर अवैध मदरसे के भीतर कंटेनर में रखे देसी बम से धमाका हुआ था, जिसके फटने से मौलाना की मौत हो गई थी। इस केस में बिहार पुलिस की एसआईटी, एटीएस, सेंट्रल आईबी जाँच में जुटे हुए हैं।

10 जून: अररिया में झोले में रखा बम फटा

घटना अररिया जिले के बैरगाछी थाना क्षेत्र के अंतर्गत भुवनेश्वरी रामपुर गाँव की है। वहाँ 10 जून की शाम को आम के बगीचे के पास इतना जोरदार धमाका हुआ कि मोहम्मद अफरोज नाम का शख्स बुरी तरह घायल हो गया। बाद में बताया गया कि अफरोज झोले में बम ले जा रहा था। लेकिन सरिया से टकराकर वह उसके हाथ में ही फट गया। दो जिंदा बम भी बरामद किया गया था।

17 जून: रेलवे जंक्शन पर हुआ विस्फोट

धमाका दरभंगा जंक्शन रेलवे स्टेशन पर हुआ। पड़ताल में पुलिस ने पाया कि दरभंगा के मोहम्मद सुफियान के लिए सिकंदराबाद से एक रजिस्टर्ड पार्सल आया था। उसी में 17 जून की दोपहर करीब 3.25 पर विस्फोट हुआ। मौके पर पहुँची पुलिस ने आग बुझा दी और घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। लेकिन कपड़ों के बीच रखे गए विस्फोटक को देख पुलिस ने इस मामले में अपनी जाँच शुरू कर दी। इस संबंध में दरभंगा जीआरपी की एक विशेष टीम सिकंदराबाद गई। वहाँ लगातार विभिन्न बिंदुओं पर जाँच की गई। इस मामले में दरभंगा जीआरपी की टीम सिकंदराबाद जीआरपी पुलिस के साथ मिलकर पड़ताल में जुटी है।

20 जून: सिवान में मस्जिद के पीछे विस्फोट

बिहार के सिवान में हुसैनगंज थाना क्षेत्र के जुड़कन गाँव में 20 जून को मस्जिद के पीछे जबरदस्त ब्लास्ट हुआ। जाँच में सामने आया कि घटना के समय विनोद माँझी अपने बेटे सत्यम को लेकर गाँव की दुकान पर बिस्किट खरीदने गए थे। उसी दौरान उनकी मुलाकात सगीर साई नाम के व्यक्ति से हुई और उसने एक एक झोला दे दिया। सगीर ने किसी व्यक्ति का नाम लेते हुए कहा कि वह आएगा तो ये झोला उसे दे देना है। इसी बीच झोले में रखा बम ब्लास्ट हो गया। दोनो पिता-पुत्र अब अस्पताल में हैं। पुलिस को सगीर की तलाश है।

बता दें कि 15 दिन के भीतर हुई इन घटनाओं से आसपास के इलाकों में दहशत है। पुलिस अब तक इनकी गुत्थी सुलझाने में विफल रही है। सवाल है कि चलते-फिरते लोगों के पास बम आ कहाँ से रहे हैं? विस्फोटक पदार्थों को लेकर इस तरह खुले में लेकर कैसे घूम रहे हैं? उक्त सारी घटनाएँ आम जन को न केवल डराती हैं बल्कि सवाल खड़ा करती हैं कि क्या ये धमाके किसी चेन का हिस्सा तो नहीं हैं? इनके पीछे आतंकी या घुसपैठियों का हाथ तो नहीं? बांका ब्लास्ट के बाद तो कुछ मीडिया रिपोर्टों में बांग्लादेशी कनेक्शन की आशंका जताते हुए इस मामले की जाँच NIA को सुपुर्द करने की संभावना भी जताई गई थी।

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