Homeदेश-समाजबिहार के गया में देवताओं की मूर्तियाँ तोड़ी, पुजारी का भी सुराग नहीं: सीता...

बिहार के गया में देवताओं की मूर्तियाँ तोड़ी, पुजारी का भी सुराग नहीं: सीता कुंड के सामने स्थित पंचदेव मंदिर बना निशाना, भारी पुलिस बल तैनात

26 अक्टूबर की सुबह जब श्रद्धालु पंचदेव मंदिर में आए तो उन्हें सभी मूर्तियाँ क्षतिग्रस्त हालत में मिलीं। किसी मूर्ति का हाथ क्षतिग्रस्त था तो किसी का सिर। स्थानीय लोगों ने पुजारी तीर्थानंद की तलाश की तो उनका भी पता नहीं चला।

बिहार के गया में पंचदेव मंदिर में देवताओं की मूर्तियाँ खंडित कर दी गई है। मंदिर के पुजारी को अगवा करने की बात भी कही जा रही है। घटना 25 अक्टूबर 2022 के रात की है। 26 अक्टूबर की सुबह लोगों को इसकी जानकारी मिली। श्रद्धालुओं का आक्रोश देखते हुए भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है।

पुलिस की टीमें अपहृत पुजारी को खोजने में लगी हुई हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला गया के मुफस्सिल थानाक्षेत्र का है। यहाँ बाईपास रोड पर जूना अखाड़े का पंचदेव मंदिर है। यह मंदिर फल्गु नदी के तट पर स्थित सीता कुंड के सामने ही है।

26 अक्टूबर की सुबह जब श्रद्धालु पंचदेव मंदिर में आए तो उन्हें सभी मूर्तियाँ क्षतिग्रस्त हालत में मिलीं। किसी मूर्ति का हाथ क्षतिग्रस्त था तो किसी का सिर। स्थानीय लोगों ने पुजारी तीर्थानंद की तलाश की तो उनका भी पता नहीं चला। मामले की जानकारी होने पर हिन्दू संगठनों के लोग भी मंदिर पहुँचे।

हालत तनावपूर्ण होते देख मंदिर और आसपास भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। मंदिर के पुजारी के मोबाइल से उनकी लोकेशन का पता लगाने का प्रयास हुआ। लेकिन पुलिस को कोई सफलता नहीं मिली। एसपी मनीष कुमार के हवाले से आज तक ने बताया है कि आसपास के सीसीटीवी की जॉंच हो रही है। टेक्निकल टीम और डॉग स्क्वायड के किसी निष्कर्ष पर पहुँचने के बाद ही इस संबंध में कुछ कहा जा सकता है। एसपी ने आरोपितों को जल्द पकड़ने का भरोसा दिलाया है।

इस घटना के पीछे भूमाफियाओं का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है। पंचदेव धाम के संस्थापक सदस्य बीगन विश्वकर्मा के अनुसार तीन साल पहले भी मंदिर के आसपास भूमाफियाओं ने कब्जे के दौरान हिंसक घटनाओं को अंजाम दिया था।

स्थानीय भाजपा नेता मुन्ना सिंह ने भी इसके पीछे भूमाफियाओं का हाथ होने का अंदेशा जताया है। उन्होंने बताया कि भूमाफिया सरकारी जमीनों के अवैध कागज बनवाकर धड़ल्ले से बेच रहे हैं। स्थानीय प्रशासन की मिलीभगत से यहाँ कई अवैध निर्माण हुए हैं। उनके अनुसार कुछ दिन पहले ही मंदिर के पास एक स्थानीय व्यक्ति को गोली भी मारी गई थी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -