Monday, July 15, 2024
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पहले उखाड़ फेंका था ध्वज, अब कवर्धा के पंडालों में भगवा लगा रहे मुस्लिम, 1000 के खिलाफ FIR दर्ज: पूर्व CM रमन सिंह भी पहुँचे

रमन सिंह ने कहा कि जिस इलाके को 'शांति का टापू' कहा जाता है, वहाँ बहुसंख्यक समाज के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई हुई है। वो इस हिंसा के घायलों और जेल में बंद लोगों से मिलेंगे।

कवर्धा में मुस्लिम भीड़ द्वारा हिन्दुओं की पिटाई और भगवा ध्वज जबरन उतार कर फेंक के उसे अपमानित करने का मामला ठंडा होता नहीं दिख रहा है। शहर में पिछले एक सप्ताह से तनाव का माहौल है। शनिवार (9 सितंबर, 2021) को 4 घंटों के लिए बाजार खुले। इंटरनेट सेवाएँ बहाल हो गई हैं। मुस्लिम समुदाय के लोग अब दुर्गा पूजा पंडालों में पहुँच रहे हैं। इधर पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह भी कवर्धा पहुँचे हैं।

‘दैनिक भास्कर’ की खबर के अनुसार, मुस्लिमों ने शहर के सबसे पुराने दुर्गा पूजा पंडाल में पहुँच कर भगवा झंडे लगाए और तोरण बाँधा। झंडे के कारण ही शहर में हिंसा भड़की थी। धारा-144 लगे जाने के बावजूद हिंदुओं का आक्रोश नहीं थमा, क्योंकि उनका आरोप है कि पुलिस ने भी उलटा हिंदू युवकों की ही पिटाई की। हिंदू संगठनों ने रैलियाँ की और विरोध प्रदर्शन हुआ। कर्फ्यू तक लगाना पड़ा था।

यहाँ तक कि राजनांदगाँव और बेमेतरा तक की इंटरनेट सेवाएँ बंद कर दी गई थीं। पंडरिया नगर क्षेत्र में मुस्लिमों ने पुराने बस स्टैंड स्थित दुर्गा पूजा पंडाल श्री पुष्पांजलि दुर्गा उत्सव समिति पहुँच कर हिंदुओं को नवरात्रि की बधाई दी। उनके साथ बच्चे भी थे। कुछ सिख समुदाय के लोग भी वहाँ जुटे। कवर्धा की सीमाओं को सील कर बाहरी लोगों के प्रवेश पर बंदिश लगा दी गई है और हर मोहल्ले में 9-9 लोगों की एक शांति समिति बनाई गई है।

अशान्ति फैलाने के आरोप में कुल 1000 लोगों के खिलाफ छत्तीसगढ़ पुलिस ने FIR दर्ज की है। इसमें 171 लोगों को चिह्नित कर लिया गया है और 93 की गिरफ़्तारी भी हुई है। पुलिस ने सोशल मीडिया से कुछ वीडियो भी हटवाए हैं। साथ ही लोगों से डिजिटल तथ्य माँगे हैं। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कार्रवाई हो रही है। सत्ताधारी कॉन्ग्रेस के नेता इसे भाजपा की साजिश बता रहे हैं। हालाँकि, मंत्री रवींद्र चौबे ने शुरुआत में प्रशासनिक चूक की बात स्वीकार की है।

उधर भाजपा नेता और 15 वर्षों तक राज्य के मुख्यमंत्री रहे रमन सिंह ने कवर्धा पहुँच कर लोगों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि जिस इलाके को ‘शांति का टापू’ कहा जाता है, वहाँ बहुसंख्यक समाज के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई हुई है। वो इस हिंसा के घायलों और जेल में बंद लोगों से मिलेंगे। उन्होंने कहा कि सीएम इस स्थिति में यूपी में चुनाव प्रचार कर रहे हैं। रमन सिंह ने इस घटना की न्यायिक जाँच की माँग की।

हाल ही में खबर आई थी कि कवर्धा में जहाँ मुस्लिम भीड़ ने हिन्दू झंडे को उखाड़ के फेंक दिया था, वहाँ हिन्दू समाज ने फिर से भगवा महावीरी ध्वज स्थापित कर दिया है। बताते चलें कि जब हिन्दू ध्वज उखाड़ के फेंका जा रहा था और भीड़ उसका अपमान कर रही थी, तब वहाँ कुछ पुलिसकर्मी भी तमाशबीन बन कर खड़े थे। भाजपा कार्यकर्ताओं ने कॉन्ग्रेस पर उपद्रवियों को बचाने के लिए कानून-व्यवस्था के इस्तेमाल के आरोप लगाए।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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