SC ने AAP के संजय सिंह से कहा: आपकी दलील नहीं सुनी जाएगी, आपके साथ जो करना है, वो करेंगे

CJI ने कहा, "आपने हमारे फैसले पर अवांछित टिप्पणी की थी। हम निश्चित रूप से इस बारे में कोई कार्रवाई करेंगे।"

CJI गोगोई की अध्यक्षता में राफेल मामले में दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान आम आदमी पार्टी नेता संजय सिंह द्वारा दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने विचार करने से इंकार कर दिया है। साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा कि संजय सिंह के खिलाफ कार्रवाई पर भी विचार किया जा सकता है। CJI ने अपने वक्तव्य में कहा, “संजय सिंह ने राफेल मामले में कोर्ट के फैसले को लेकर सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की है, जिस कारण हम उनकी याचिका पर सुनवाई नहीं करेंगे। हम बाद में संजय सिंह के खिलाफ कार्रवाई पर भी विचार कर सकते हैं।”

कोर्ट ने संजय सिंह के वकील संजय हेगड़े से कहा कि कोर्ट संजय सिंह के बयान को गंभीरता से ले रही है और इस पर उचित कार्रवाई भी की जाएगी। CJI ने कहा, “आपने हमारे फैसले पर अवांछित टिप्पणी की थी। हम निश्चित रूप से इस बारे में कोई कार्रवाई करेंगे।”

कोर्ट ने पिछले साल 14 दिसंबर के अपने आदेश में राफेल डील की जाँच की माँग वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया था। इसके बाद फैसले के खिलाफ रिव्‍यू पेटिशन दायर की गई थी। अब सुप्रीम कोर्ट राफेल डील को लेकर 14 दिसंबर 2018 के अपने फैसले के खिलाफ दायर रिव्यू पेटिशन पर सुनवाई कर रहा है।

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चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अगुवाई वाली बेंच इस पर सुनवाई कर रही है। राफेल डील को लेकर विपक्षी दल, खासकर कॉन्ग्रेस और उसके अध्यक्ष राहुल गाँधी, सरकार पर लगातार आरोप लगाते रहे हैं कि इस रक्षा सौदे में भ्रष्‍टाचार हुआ है। हालाँकि, मोदी सरकार साफ कर चुकी है कि इस रक्षा सौदे में कोई भ्रष्‍टाचार नहीं हुआ है और यूपीए के दौर में हुई डील से सस्‍ते में राफेल विमान खरीदे जा रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि राफेल सौदे के मामले में सुप्रीम कोर्ट 14 दिसंबर को केंद्र सरकार को क्लीन चिट दे चुकी है। राफेल सौदे को लेकर फाइल किए गए रिव्यु पेटिशन पर कोर्ट ने आज से सुनवाई शुरू की। इससे पहले ओपन कोर्ट में सुनवाई करते हुए हुए मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने वकील प्रशांत भूषण को भी फटकारा। सुप्रीम कोर्ट ने प्रशांत भूषण द्वारा किसी भी प्रकार की अतिरिक्त एफिडेविड लेने से मना कर दिया। कोर्ट ने कहा कि वह ऐसे किसी भी प्रकार की अतिरिक्त एफिडेविड या डॉक्यूमेंट को को स्वीकार नहीं करेगा, जो उसके समक्ष फाइल नहीं किए गए हों।

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