Friday, September 25, 2020
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गार्गी कॉलेज में छेड़-छाड़ जरूर हुई, लेकिन धार्मिक नारों की बात सिर्फ वामपंथी मीडिया की करामात है

NDTV के रवीश कुमार जैसे लोग इस घटना को अपना वामपंथी रंग देते नजर आए। यह खुद गार्गी कॉलेज की छात्राओं ने स्वीकार किया है कि छात्राओं के साथ उत्पीड़न और बदसलूकी जरूर की गई लेकिन यह कहना एकदम बकवास है कि ऐसा करने से पहले धार्मिक नारे लगाए गए।

दिल्ली विधानसभा चुनावों के सम्पन्न होने के ठीक एक दिन बाद दिल्ली विश्वविद्यालय के गार्गी कॉलेज में लड़कियों से छेड़छाड़ का मामला सामने आया था। बताया जा रहा है कि इस घटना के विरोध में कॉलेज की छात्राएँ प्रदर्शन कर रही थीं, जिसके बाद दिल्ली महिला आयोग की एक टीम भी कैंपस पहुँची और छात्राओं से पूरे घटने की जानकारी ली।

गार्गी कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय का एक छात्राओं का कॉलेज है। बताया गया कि इस कॉलेज में एक प्रोग्राम का आयोजन किया गया था, जब कुछ गुंडे कॉलेज में घुस गए और उन्होंने छात्रों के साथ बदसलूकी की। कुछ विशेष मीडिया गिरोहों द्वारा इस पूरे प्रकरण में छात्रों के साथ हुई हिंसा को छोड़कर सबसे ज्यादा अपने चुनिंदा विषयों को उछाला गया और आरोप लगाए गए कि इस हरकत को करने वाले लोग ‘जय श्री राम’ के नारे लगा रहे थे।

लेकिन गार्गी कॉलेज के सम्बन्ध में जब कॉलेज की छात्राओं से ऑपइंडिया ने बात की तो उन्होंने बताया कि उत्पीड़न वाली बात से मना नहीं किया जा सकता है लेकिन धार्मिक नारे लगाने जैसी बातें एकदम बेबुनियाद है और मीडिया द्वारा इस मुद्दे को दूसरी ही दिशा दी जा रही है।

यह वास्तव में कॉलेज प्रशासन की नाकामयाबी का नतीजा मात्र है। लेकिन NDTV के रवीश कुमार जैसे लोग इस घटना को अपना वामपंथी रंग देते नजर आए। यह खुद गार्गी कॉलेज की छात्राओं ने स्वीकार किया है कि छात्राओं के साथ उत्पीड़न और बदसलूकी जरूर की गई लेकिन यह कहना एकदम बकवास है कि ऐसा करने से पहले धार्मिक नारे लगाए गए।

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छात्राओं के कॉलेज में होने वाले किसी प्रोग्राम में सिर्फ पहचान पत्र के आधार पर हर किसी को भी प्रवेश दे देना बेवकूफी भरा निर्णय था। कॉलेज में मौजूद छात्राओं ने स्पष्ट कहा कि अपराधी मानसिकता को जरूर दोष दिया जाना चाहिए, लेकिन इस मामले को राजनीतिक और अपनी विचारधारा को भुनाने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।

कुछ वर्ष पहले की ही बात है, जब हिन्दुओं के त्यौहार होली के दौरान यह आरोप लगाए गए थे कि छात्राओं पर वीर्य से भरे गुब्बारे फेंके गए थे। लेकिन कई महीनों बाद हुई जाँच के में पता चला कि यह आरोप एकदम बेबुनियाद थे। कॉलेज की छात्राओं ने स्पष्ट लिखा है कि उनके साथ कॉलेज में घुसे गुंडों ने बहुत गंदी बदसलूकी की लेकिन यह नहीं कह सकते हैं कि वो CAA के प्रदर्शन से आ रहे थे।

मामला सामने आने के बाद दिल्ली पुलिस के आला अफसर सोमवार सुबह कैंपस पहुँचे थे और सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहे थे। उस दौरान पुलिस ने कहा था कि उन्हें अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है। इसके बाद दोपहर में कॉलेज प्रशासन ने पुलिस को शिकायत दी थी और पुलिस ने एफआईआर दर्ज की।

गार्गी कॉलेज की इस घटना पर आप विस्तृत चर्चा इस वीडियो में देख सकते हैं –

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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