Sunday, July 21, 2024
Homeदेश-समाजलालच में बने ईसाई, फिर याद हिन्दू धर्म की आने लगी: MP में एक...

लालच में बने ईसाई, फिर याद हिन्दू धर्म की आने लगी: MP में एक परिवार के 8 लोगों ने 9 साल बाद की घर वापसी, बोले- सनातन धर्म सबसे सच्चा

घर वापसी करने वाले कैलाश और उनके परिवार वालों ने बताया कि 9 साल पहले उनके घर में कुछ लोग बीमार रहा करते थे। इस बीच ईसाई मिशनरियों से जुड़े एक व्यक्ति की उनसे मुलाकात हुई। उस व्यक्ति ने ईसाई बन जाने पर हिन्दू परिवार को बेहतर इलाज का झाँसा दिया। कैलाश के मुताबिक उसी लालच में वो ईसाई बन गए थे।

मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले में 9 साल पहले धर्मान्तरित हुए एक परिवार ने घर वापसी की है। ईसाई मत से अपने मूल धर्म हिन्दू में वापस आने वाले एक ही परिवार के 8 सदस्य हैं। इन सभी ने 9 साल पहले अपने धर्म परिवर्तन को खुद का भटकाव कहा और घर वापसी पर ख़ुशी जताई। विश्व हिन्दू परिषद के पदाधिकारियों ने वापस लौटे सभी सदस्यों का स्वागत किया है। घर वापसी का यह कार्यक्रम मंगलवार (28 मार्च 2023) को महादेव शिव के मंदिर में आयोजित हुआ था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घर वापसी करने वाला परिवार झाबुआ जिले के गाँव धामंदा का रहने वाला है। घर वापसी करने वाले कैलाश और उनके परिवार वालों ने बताया कि 9 साल पहले उनके घर में कुछ लोग बीमार रहा करते थे। इस बीच ईसाई मिशनरियों से जुड़े एक व्यक्ति की उनसे मुलाकात हुई। उस व्यक्ति ने ईसाई बन जाने पर हिन्दू परिवार को बेहतर इलाज का झाँसा दिया। कैलाश के मुताबिक उसी लालच में वो ईसाई बन गए थे। हालाँकि बाद में उन्हें अपने मूल धर्म की याद आने लगी। अपनी संस्कृति को याद करते हुए घर वापसी करने वाले परिवार ने कहा कि सनातन धर्म ही सच्चा है।

घर वापसी करने वालों में कैलाश, शुकली, दुर्गेश, गोविन्द, काली, मुकेश, मोनिका और अभिषेक शामिल हैं। कैलाश और शुकली पति-पत्नी हैं और बाकी सभी उनके बेटे और बेटियाँ हैं। इन सभी ने खुद को फिर से हिन्दू धर्म में आ कर बेहद खुश बताया। विहिप कार्यकर्ताओं ने बताया कि इन सभी की मुलाकात धर्म परिवर्तन के खिलाफ अभियान चला रहे हिन्दू संगठन के सदस्यों से हुई। उन्होंने इस परिवार को सुबह का भूला बता कर घर वापसी का कार्यक्रम तय किया।

जानकारी के अनुसार यह कार्यक्रम गाँव कोकावद में बने महादेव धाम में आयोजित हुआ। घर वापसी करने वाले सदस्यों ने यहाँ बाकायदा वेदमंत्रों के बीच हिन्दू देवी-देवताओं की आराधना की। मंदिर के संत कमल ने सभी को आशीर्वाद दिया और हवन करवाया। घर वापसी करने वालों ने संत खूमसिंह महाराज की प्रतिमा को भी नमन किया। इस मौके पर ग्रामीण और हिन्दू संगठन के लोग जुटे थे। हिन्दू संगठनों ने धर्म परिवर्तन को गंभीर समस्या बताया।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘कमाल का है PM मोदी का एनर्जी लेवल, अनुच्छेद-370 हटाने के लिए चाहिए था दम’: बोले ‘दृष्टि’ वाले विकास दिव्यकीर्ति – आर्य समाज और...

विकास दिव्यकीर्ति ने बताया कि कॉलेज के दिनों में कई मुस्लिम दोस्त उनसे झगड़ा करते थे, क्योंकि उन्हें RSS के पक्ष से बहस करने वाला माना जाता था।

हर दिन 14 घंटे करो काम, कॉन्ग्रेस सरकार ला रही बिल: कर्नाटक में भड़का कर्मचारियों का संघ, पहले थोपा था 75% आरक्षण

आँकड़े कहते हैं कि पहले से ही 45% IT कर्मचारी मानसिक समस्याओं से जूझ रहे हैं, 55% शारीरिक रूप से दुष्प्रभाव का सामना कर रहे हैं। नए फैसले से मौत का ख़तरा बढ़ेगा।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -