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गाजियाबाद श्मशान घाट हादसे में 25 की मौत: एक्शन में UP पुलिस-प्रशासन, 3 गिरफ्तार, ठेकेदार अभी तक फरार

गाजियाबाद के श्मशान घाट के गलियारे का निर्माण 2 महीने पूर्व में ही किया गया था। इस घाट के लिए 50 लाख रुपए का टेंडर जारी किया गया था। लेकिन अधिकारियों और ठेकेदारों के मिलीभगत से...

दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में रविवार (जनवरी 4, 2020) को श्मशान घाट की छत गिरने से 25 लोगों की मौत हो गई। जहाँ अंतिम संस्कार के बाद लोगों को मोक्ष मिलता है, वहाँ भी भ्रष्टाचार की बात सामने आ रही है। जिन लोगों ने अपने मृत परिजन की आत्मा की शांति के लिए मौन रखा, वो हमेशा के लिए मौन हो गए। गलियारे की छत गिरने के बाद हुई मौतों के बाद खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सक्रिय हैं और यूपी पुलिस ने 3 लोगों को गिरफ्तार किया है।

अधिशाषी अधिकारी निहारिका सिंह, जूनियर इंजीनियर चंद्रपाल सिंह और सुपरवाइजर आशीष की धर-पकड़ में तो पुलिस को सफलता मिली, लेकिन ठेकेदार अजय त्यागी अब भी फरार चल रहा है। उसकी गिरफ़्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। इन सबके खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। इसके अलावा भ्रष्टाचार और लापरवाही सहित कई मामलों में FIR दर्ज की गई। मण्डलयुक्त अनीता शी मेश्राम मामले की समीक्षा कर रही हैं।

एसपी ग्रामीण इरज राजा ने जानकारी दी है कि मुरादनगर थाने में मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। गाजियाबाद के श्मशान घाट के इस गलियारे का निर्माण 2 महीने पूर्व में ही किया गया था। 15 दिन पहले इसे आम लोगों के लिए तो खोल दिया गया, लेकिन अब तक इसका लोकार्पण नहीं हो सका था। इस हादसे ने अधिकारियों और ठेकेदारों के मिलीभगत से चल रहे भ्रष्टाचार की पोल खोल कर रख दी है।

या घटना रविवार के सुबह की है, जब एक फल विक्रेता के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए लोग पहुँचे थे। तभी बारिश होने लगी, जिस कारण करीब 70 लोग इसी गलियारे में खड़े हो गए। नवनिर्मित गलियारा तुरंत ही गिर गया। इसका लिंटर ही भरभरा गया। राहत-कार्य के बाद कई लोगों को बचाया तो गया, लेकिन 25 लोग अपनी जान से हाथ धो बैठे। सभी घायलों का इलाज अस्पताल में चल रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर शोक जताते हुए कहा, “उत्तर प्रदेश के मुरादनगर में हुए दुर्भाग्यपूर्ण हादसे की खबर से अत्यंत दुःख पहुँचा है। राज्य सरकार राहत और बचाव कार्य में तत्परता से जुटी है। इस दुर्घटना में जान गँवाने वालों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करता हूँ, साथ ही घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूँ।” वहीं सीएम योगी ने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों को रिपोर्ट सौंपने के लिए आदेशित कर दिया गया है।

प्रदेश सरकार को तत्काल रिपोर्ट उपलब्ध कराने जाने के बाद इस घटना के पीछे के कारणों पर मंथन होगा और इसके लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी। सांसद वीके सिंह भी अस्पताल पहुँचे और निष्पक्ष जाँच के बाद दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। ये श्मशान घाट उखरानी/बम्बा रोड में स्थित है। मृतकों में अधिकतर उखलारसी गाँव के हैं। मौके पर NDRF को भी लगाया गया था।

गाजियाबाद के जिस श्मशान घाट गलियारे के गिरने के कारण 25 लोग मौत की नींद सो गए, उसके निर्माण के लिए 50 लाख रुपए का टेंडर जारी किया गया था। स्थानीय लोगों ने निर्माण में घटिया समाग्री के इस्तेमाल की शिकायत नगरपालिका और प्रशासन ने भी की थी। पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष ने काम भी रुकवाया था। लेंटर का पिलर ही कमजोर था, जिस कारण नींव में पानी जाने से वो गिर गया। दयानंद कॉलोनी निवासी दयाराम की किसी बीमारी के कारण मौत के बाद लोग वहाँ पर जमा हुए थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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