Tuesday, July 23, 2024
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अब गुरुग्राम के झाड़सा में समाधि को कब्रिस्तान बता मस्जिद निर्माण की कोशिश, भारत माता वाहिनी के विरोध के बाद पीछे हटने को मजबूर हुए मुस्लिम

"हमने कम्प्लेन दी थी, सेक्टर 40 के थाने में रविवार 2 जनवरी, 2022 को शिकायत दी थी। अब्दुल हसीब कासमी, मुफ़्ती मोहम्मद सलीम कासमी और पूर्व राज्यसभा सांसद मोहम्मद अदीब ने गुरुग्राम में माहौल बिगाड़ने की लगातार कोशिश की है। यदि उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती है तो हम आगे कदम उठाएँगे।"

गुरुग्राम में खुले में नमाज का विरोध तो हो ही रहा था वहीं अब एक ऐसा मामला सामने आया है जहाँ झाड़सा गाँव में एक समाधि को मजार बताकर हड़पकर मस्जिद बनाने की कोशिश हो रही है। शिकायतकर्ता भारत माता वाहिनी के संस्थापक अध्यक्ष दिनेश भारती ने ऑपइंडिया को बताया कि आनन-फानन में रात में खेत में बने समाधी पर कब्जे की कोशिश में 40 से अधिक मुस्लिम इकट्ठे हो गए थे। जिसे रात में किसी ने देख लिया और बात फैलते ही मामले ने तूल पकड़ लिया। हिन्दू नेताओं के विरोध और पुलिस की सख्ती के कारण राष्ट्रीय मुस्लिम मोर्चा एवं इमाम संगठन के पदाधिकारी अब्दुल हसीब कासमी सहित मुस्लिमों को पीछे हटना पड़ा।

शिकायत कर्ता दिनेश ठाकुर ने ऑपइंडिया को बताया, “जहाँ मुस्लिम मजार होने का दावा करते हुए मस्जिद बनाने की कोशिश कर रहे हैं वहाँ एक बुजुर्ग चौकीदार रहता था। जिसकी ठण्ड की वजह से मृत्यु होने पर उसका वहीं दाह संस्कार के बाद समाधि बना दी गई थी। जिस पर बाद में मुस्लिमों ने अपना दावा ठोकते हुए अख़बार में न्यूज़ भी छपवा दिया कि गुरुग्राम सेक्टर 40 में इस 200 गज जमीन पर मस्जिद बनाने जा रहे हैं।”

यह खबर जब हिन्दुओं को लगी तो वो विरोध करते हुए गुरुग्राम के सेक्टर 40 में लिखित शिकायत दर्ज कराई। जिसके बाद मुस्लिम पीछे हटते नजर आए तो वहीं हिन्दू-मुस्लिमों के इकट्ठे होने से मामला बिगड़ता भी नजर आया।

भारत माता वाहिनी की शिकायत

मामले पर बात करते हुए दिनेश भारती ने कहा, “हमने कम्प्लेन दी थी, सेक्टर 40 के थाने में रविवार 2 जनवरी, 2022 को शिकायत दी थी। अब्दुल हसीब कासमी, मुफ़्ती मोहम्मद सलीम कासमी और पूर्व राज्यसभा सांसद मोहम्मद अदीब ने गुरुग्राम में माहौल बिगाड़ने की लगातार कोशिश की है। यदि उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती है तो हम आगे कदम उठाएँगे।” भारत माता वाहिनी के दिनेश भारती ने गुरुग्राम के तेजी से इस्लामीकरण को लेकर भी चिंता जताई।

दिनेश भारती ने ऑपइंडिया को बताया, “जिस जगह को कब्रिस्तान बताकर उस पर कई मंजिला मस्जिद निर्माण की बात कही जा रही है। वह स्थानीय निवासी मक्तू मनिहार की जगह है। जहाँ उन लोगों ने पूर्वजों की समाधि बनाई हुई है।” दिनेश ठाकुर ने बताया कि वह खुद उस जगह गए थे और गाँव वालों ने यह सब पुष्टि भी की है। इसके बाद उन्होंने सेक्टर 40 में शिकायत दी कि मुस्लिम पूर्वजों की समाधि को कब्र बताते हुए उस 200 गज जमीन पर कब्ज़ा करके वहाँ मस्जिद बनाना चाहते हैं।

जैसा कि मुस्लिमों ने ऐलान किया था वह बीते सोमवार को ही वहाँ मस्जिद निर्माण शुरू करेंगे। तो उन्होंने उन समाधियों पर मुस्लिमों द्वारा की जा रही सफाई का भी एक वीडियो ऑपइंडिया से साझा किया जिस पर गाँव वालों के विरोध और प्रशासनिक हस्तक्षेप के कारण मुस्लिम पक्ष पीछे हट गया है।

वहीं इस मामले में पूर्व डीसीपी मकसूद अहमद पर भी मुस्लिमों का साथ देने का आरोप लगाया जा रहा है। दिनेश भारती ने बताया कि खुद हिन्दू हितों की बात करने के कारण उन पर ही कई केस लगा दिए गए हैं। यहाँ तक कि उन्हें कई रातें जेल में भी बितानी पड़ी हैं लेकिन वह मुस्लिमों के जबरदस्ती के आगे पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने मुस्लिमों पर दंगा जैसा माहौल बनाने का भी आरोप लगाया। पूरे मामले को हिन्दू वॉरियर मीडिया ने भी कवर किया है जिसका वीडियो आप नीचे देख सकते हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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