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दलित से शादी करने वाले की नहीं बदल जाती जाति, इसके बाद भी हो सकता है SC/ST का केस: हिमाचल हाई कोर्ट, कहा- जन्म के समय ही निर्धारित हो जाती है जाति

हिमाचल हाई कोर्ट ने कहा है कि जन्म से जाति का निर्धारण होता है जो जीवन भर रहता है। विवाह के बाद भी ये नहीं बदल सकता। राज्य सरकार बनाम सरोजनी मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने निचली अदालत के आदेश को खारिज कर दिया।

हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने कहा है कि अगर कोई महिला दलित व्यक्ति से शादी करती है, तो भी एससी-एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई से नहीं बच सकती है। कोर्ट ने ये फैसला राज्य सरकार बनाम सरोजनी मामले में निचली अदालत के फैसले को खारिज करते हुए कही है। कोर्ट के मुताबिक जाति का निर्धारण जन्मजात होता है। ये विवाह से नहीं बदल सकता।

दरअसल सरोजनी ने एक दलित व्यक्ति से शादी की थी। ससुराल में झगड़े के दौरान जातिसूचक शब्द के इस्तेमाल का उस पर आरोप लगाया गया। इस मामले में निचली अदालत ने कहा कि सरोजनी ने अनुसूचित जाति के व्यक्ति से शादी की है इसलिए उस पर एससी-एसटी एक्ट नहीं लगेगा। कोर्ट ने सरोजनी को बरी कर दिया था। इस फैसले के खिलाफ राज्य सरकार ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

हाई कोर्ट के मुताबिक ऐसी शादियाँ एससी- एसटी एक्ट,1989 के तहत अपराध करने से नहीं रोकता है। राज्य सरकार बनाम सरोजनी मामले पर सुनवाई करते हुए जस्टिस राकेश कैंथला ने कहा, “जाति किसी व्यक्ति के जन्म से निर्धारित होती है, जो जीवनभर नहीं बदलती है। निचली अदालत ने ये गलत माना कि आरोपित महिला का विवाह अनुसूचित जाति के व्यक्ति से हुआ है इसलिए वह अब अनुसूचित जाति की सदस्य बन गई है।”

हाई कोर्ट ने कहा कि अनुसूचित जाति- अनुसूचित जनजाति अधिनियम 1989 की धारा 3(1)(s)अनुसूचित जाति-जनजाति के सदस्य को सार्वजनिक स्थान पर जाति का नाम लेकर गाली देने को अपराध मानती है। हाईकोर्ट ने निचली कोर्ट के आदेश को रद्द करते हुए आरोपित महिला के खिलाफ फिर से मामले को तय करने के लिए वापस भेज दिया है।

इससे पहले निचली अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए राज्य सरकार ने कहा कि जाति हमेशा एक जैसी रहती है, इसे बदला नहीं जा सकता। कोर्ट ने इससे सहमति जताते हुए कहा कि भारत में जाति का निर्धारण जन्म से ही होता है और एससी-एसटी एक्ट के तहत इसमें बदलाव की बात भी नहीं की गई है। इसलिए सरोजनी के मामले में भी ऐसा ही होगा।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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