कुछ साल पहले तक जिम को सिर्फ शरीर बनाने, आत्मविश्वास बढ़ाने और स्वस्थ रहने की जगह माना जाता था। माता-पिता निश्चिंत होकर अपनी बेटियों को जिम भेजते थे, क्योंकि उन्हें लगता था कि यह एक सुरक्षित, प्रोफेशनल माहौल है। लेकिन धीरे-धीरे देश के अलग-अलग हिस्सों से ऐसी घटनाएँ सामने आने लगीं, जिनमें जिम का नाम शोषण, धोखे, ब्लैकमेलिंग, धर्मांतरण और लव जिहाद के आरोपों से जुड़ने लगा।
मुस्लिम ट्रेनर हिंदू लड़कियों को हिंदू नामों से फँसाते और बाद में उन पर धर्मांतरण का दबाव डालते और ना मानने पर उनकी फोटो को एडिट कर अश्लील सामाग्री तैयार कर ब्लैकमेल करते। आगे कुछ ऐसी ही घटनाओं की जानकारी दी गई है, ताकि यह समझना आसान हो कि हिंदु बहन-बेटियों की सुरक्षा के लिए इन जिहादियों और कट्टरपंथियो का एक साधारण से जिम से भी दूर रहना किस तरह से आवश्यक है।
जिम की आड़ में धर्मांतरण और ब्लैकमेलिंग का नेटवर्क
सबसे नए मामले में उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में धर्म परिवर्तन और नमाज पढ़ने का दबाव डालकर युवतियों के शोषण की घटना है, जहाँ जिम की आड़ में यह पूरा नेटवर्क चलाए जाने का आरोप है। पुलिस ने इस मामले में मो शेख अली आलम, फैजल खान, जहीर खान और शादाब को गिरफ्तार किया। बाद में पुलिस ने आरोपित जिम मालिक/ट्रेनर फरीद को एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार किया।
पीड़ित युवतियों के अनुसार, शहर के अलग-अलग इलाकों में संचालित KGN और आयरन फायर नामक जिमों में वे व्यायाम के लिए जाती थीं। यहाँ जिम संचालक और ट्रेनर पहले उनसे दोस्ती करते, फिर प्रेम जाल में फँसाकर धीरे-धीरे धर्म परिवर्तन और नमाज पढ़ने का दबाव बनाने लगते थे।
आरोप है कि युवतियों के निजी फोटो और वीडियो बनाए गए, जिनके जरिए उन्हें ब्लैकमेल कर मानसिक, शारीरिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया गया। विरोध करने पर बदनाम करने और नुकसान पहुँचाने की धमकियाँ दी जाती थीं। पुलिस जाँच में सामने आया है कि आरोपित युवतियों से अलग-अलग मौकों पर पैसे भी वसूलते थे।
पीड़िताओं की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने पाँच जिमों को सील भी कर दिया है।
बरेली के एयू फिटनेस में ‘जिम जिहाद’ का मामला
बरेली में सामने आए जिम ट्रेनर से जुड़े मामले में महिला के भाई ने गंभीर और सनसनीखेज आरोप लगाए थे, जिनको लेकर इलाके में तनाव की स्थिति बनी थी। यह पूरा मामला उस समय उजागर हुआ था, जब एक विवाहित महिला अपने पति और पाँच साल के बेटे को छोड़कर जिम में काम के दौरान बने संबंधों के चलते जिम ट्रेनर शोएब के साथ रहने लगी थी।
महिला के भाई का आरोप था कि उसकी बहन को जिम ट्रेनर शोएब ने योजनाबद्ध तरीके से फँसाया था। भाई के अनुसार, एयू फिटनेस जिम में ‘जिम जिहाद’ चलाया जा रहा था, जहाँ मुस्लिम ट्रेनरों के जरिए हिंदू लड़कियों को प्रेम जाल में फँसाया जाता था और बाद में उन पर धर्मांतरण का दबाव बनाया जाता था।
भाई ने दावा किया था कि उसकी बहन भी इसी साजिश का शिकार हुई थी और उसे परिवार से तोड़ने की कोशिश की जा रही थी। उसने यह भी आरोप लगाया था कि जब वह अपनी बहन को समझाने और वापस पति व बच्चे के पास भेजने के लिए जिम पहुँचा था, तो शोएब और उसके साथियों ने उसे घेर लिया था।
उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई थी और उसे अधमरी हालत में छोड़ दिया गया था। परिवार ने आरोप लगाया था कि शोएब और उसके साथ जुड़े लोग कट्टरपंथी सोच रखते थे और पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहे थे।
घटना के बाद महिला की माँ हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुँची थीं और जिम के बाहर प्रदर्शन किया गया था। अंत में भाई की तहरीर पर पुलिस ने जिम ट्रेनर शोएब और जिम मालिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर हिरासत में लिया था।
होटल में पकड़ा गया जिम ट्रेनर, पहचान छिपाने के आरोप
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में जिम ट्रेनर और युवती के होटल में पकड़े जाने का मामला सामने आया था। आरोप लगा कि युवक ने अपनी असली पहचान छिपाकर युवती से दोस्ती की थी। पकड़ा गया मजहर खान नाम का ये युवक जिम ट्रेनर था। अपनी पहचान छिपाकर हिंदू युवती को हबीबगंज इलाके के एक होटल में लेकर पहुँचा था।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, होटल में मजहर की जगह उसने अपना नाम बंटी बताया था। खबर हिंदू संगठनों को लगी तो बड़ी संख्या में कार्यकर्ता होटल पहुँच गए। युवक को पकड़कर उसकी पिटाई कर दी। इसी बीच सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और युवक को पकड़कर अपने साथ थाने लेकर आई।
आरोपित मजहर, विशाल फिटनेस सेंटर में जिम ट्रेनर था। उसने अपना नाम बंटी बताकर युवती से दोस्ती बढ़ाई थी। दोनों की मुलाकात जिम में ही हुई थी। दोस्ती बढ़ने के बाद मजहर युवती को लेकर होटल गया था।
जिम ट्रेनर अमन खान करता था बैड टच
मध्य प्रदेश के जबलपुर की एक जिम में लव जिहाद और धर्मांतरण की कोशिश का मामला सामने आया। मामला आधारताल थाना क्षेत्र में स्थित साईं फिटनेस जिम का था। यहाँ रिसेप्शनिस्ट की जॉब करने वाली 21 वर्षीय युवती ने जिम के ट्रेनर के खिलाफ केस दर्ज करवाया।
युवती का आरोप था कि आरोपित अपना नाम अमन राज बताता था जबकि उसका असली नाम अमन खान था। शिकायत के अनुसार, अमन जिम में आने वाली युवतियों से बैड टच करता था और धर्मांतरण के लिए उनका ब्रेन वॉश करता था।
युवती ने आरोप लगाया कि आरोपित उसे भी बैड टच करते हुए टॉर्चर करता था, युवती हिन्दू टाईगर फोर्स नाम के संगठन के कार्यकर्ताओं के साथ आधारताल पहुँची थी जिसकी शिकायत पर पुलिस ने अमन खान पर FIR दर्ज की। पुलिस ने साईं फिटनेस जिम पहुँचकर भी जाँच की और जिम ट्रेनर अमन खान को गिरफ्तार कर लिया।
जिम ट्रेनर और युवती के साथ पकड़े जाने पर विवाद, हिंदू संगठनों ने लगाए गंभीर आरोप
मध्य प्रदेश के इंदौर के भंवरकुआँ इलाके में एक जिम ट्रेनर को युवती के साथ घूमते हुए बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने पकड़ा और उसकी पिटाई कर उसे थाने ले जाया गया। मामले में जिम ट्रेनर के खिलाफ प्रतिबंधात्मक धाराओं में कार्रवाई की और उसे जेल भी भेज दिया गया। आरोपित ट्रेनर का नाम शादाब मंसूरी था, जो पेशे से एक जिम ट्रेनर था।
बजरंग दल के जिला संयोजक विजय कलखोर ने दावा किया कि शादाब का पहले से निकाह हो चुका है और उसके दो बच्चे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शादाब जिम में आने वाली हिंदू युवतियों से नजदीकियाँ बढ़ाकर उन्हें इस्तेमाल करता और बाद में धोखा देकर निकल लेता था।
जिमों पर छापे, विरोध और राजनीतिक बयान
लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए मध्य प्रदेश में जिमों को लेकर बड़े स्तर पर विवाद भी खड़ा हुआ था। कुछ जिमों में मुस्लिम ट्रेनरों की मौजूदगी को लेकर सवाल उठाए गए। हिंदू संगठनों ने छापे मारे और प्रशासन से कार्रवाई की माँग की।
हिंदू संगठन बजरंग दल के कार्यकर्ता भोपाल के उस जिम में पहुँचे जहाँ हिंदू लड़कियों को मुस्लिम ट्रेनर ट्रेनिंग दे रहे थे। बजरंग दल का दावा था कि भोपाल में जिम ‘लव जिहाद’ का अड्डा बन गया है। मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद आलोक शर्मा ने भी कथित ‘लव जिहाद’ का मुद्दा उठाया।
बजरंग दल से जुड़े कमल पिपरिया ने मीडिया से बातचीत में कहा, “भोपाल में जिम ‘लव जिहाद’ का अड्डा बना हुआ है। हिंदू लड़कियों-महिलाओं को मुस्लिम युवक नाम बदलकर ट्रेनिंग दे रहे हैं। सवाल यह है कि नाम बदलकर क्यों ट्रेनिंग दिया जा रहा है। साथ ही लड़कियों के लिए महिला स्टाफ क्यों नहीं रखा गया है? हमारी प्रशासन से माँग है कि सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही यहाँ पर 90 फीसदी हिंदू महिलाओं के लिए ट्रेनर भी हिंदू ही होना चाहिए।”
भोपाल में एक जिम में पुलिस टीम के साथ पहुँचे सब-इंस्पेक्टर (SI) ने कथित तौर पर कर्मचारियों से कहा कि यहाँ न कोई मुस्लिम ट्रेनिंग देने आएगा और न ही लेने। पुलिस टीम के साथ बजरंग दल के कार्यकर्ता भी मौजूद थे। बजरंग दल से जुड़े प्रशांत सिंह पटेल ने कहा कि जो 90 फीसदी हिंदू लड़कियाँ जिम में आती हैं उन्हें ट्रेनिंग देने के लिए कोई भी महिला ट्रेनर नहीं है।
संचालक से माँग की गई की वह महिलाओं के लिए महिला ट्रेनर की नियुक्ति करें। भारतीय जनता पार्टी के विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि हम सभी का एक ही मत है कि भोपाल में लव जिहाद करने वाले पकड़े जा रहे हैं। उन पर सख्ती से कार्रवाई होनी चाहिए। प्रशासन को इस बात की गुत्थी सुलझानी चाहिए कि कौन इन्हें पनाह दे रहा है।
इसके साथ ही साथ उन्होंने हिंदू समाज से अपील की कि वह इस बात पर ध्यान दें कि घर के बेटी किस जिम में जा रही हैं और कौन उन्हें ट्रेनिंग दे रहा है। उन्होंने कहा कि अगर अभी भी इस पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो हो सकता है कि ‘लव जिहाद’ की कड़ी में अगला नंबर आपका हो।
इसके अलावा बीजेपी सांसद अलोक शर्मा ने भी कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में लव जिहाद की अनुमति नहीं दी जाएगी। अगर कोई ऐसा करता है तो कठोर से कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि भोपाल में कई जिम है जिसकी लिस्ट तैयार की जा रही है। इन जिम में ट्रेनर मुस्लिम समुदाय के हैं। प्रशासन को जिम संचालक के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
BJP विधायक ने कहा- मुस्लिम लड़कियाँ भी ना हों जिम में ट्रेनर
ऐसे मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए कई अन्य राजनीतिक नेताओं के बयान भी सामने आए, जिनमें महिलाओं से सतर्क रहने और जिम चुनते समय ट्रेनरों की जानकारी रखने की अपील की गई। BJP के विधायक रामेश्वर शर्मा ने हिंदू महिलाओं से अपील की कि वे मुस्लिम ट्रेनर से सावधान रहें।
उन्होंने हिंदू महिलाओं से हाथ जोड़कर प्रार्थना करते हुए कहा, “सभी बहन-भाइयों से, बेटियों से प्रार्थना करता हूँ कि इस बात का ध्यान रखो, सावधान रहो। आप यह देखो कि जिस जिम में ट्रेनिंग ले रहे हो उसका अपराधिक रिकॉर्ड क्या है?”
शर्मा ने आगे कहा कि मुस्लिम लड़कियाँ भी ट्रेनर के तौर पर सही नहीं हैं। उन्होंने केरल फाइल्स फिल्म का उदाहरण देते हुए कहा कि मुस्लिम बेटियाँ भी हिंदू लड़कियों को झाँसे में लेकर मुस्लिम लड़कों से दोस्ती करवाती हैं।
एक जैसी घटनाएँ, एक जैसी कहानी, फिर क्यों ना हो मुस्लिम ट्रेनर्स को जिम से दूर रखने की माँग
इन सभी मामलों को जोड़कर देखें तो घटनाएँ अलग-अलग शहरों की हैं, लेकिन तरीका एक जैसा है। जिम में ट्रेनर और ट्रेनी के बीच भरोसे का रिश्ता बनता है। ट्रेनर की भूमिका मार्गदर्शक की होती है, जिससे युवतियाँ जल्दी प्रभावित होती हैं।
इसी भरोसे का गलत फायदा उठाकर कट्टरपंथी भोली-भाली मासूम हिंदू लड़कियों को निशाना बनाते हैं और अंत में कभी उनको नमाज पढ़ने के लिए मजबूर किया जाता है तो कभी सीधे धर्मांतरण के लिए। ऐसे में यह सोचना और इस तरह की माँग करना अपने आप में बेहद जरुरी हो जाता है कि जिम से मुस्लिम ट्रेनर्स को बाहर किया जाए।


