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हिंसाग्रस्त सूडान में भारत का ऑपरेशन कावेरी: 7वीं फ्लाइट से बेंगलुरु लौटे 229 भारतीय, अब तक 1725 लोगों की सुरक्षित वापसी

फिलहाल सूडान से भारतीयों को निकालने के लिए भारत ऑपरेशन कावेरी चला रहा है। अब तक 1360 लोगों को सुरक्षित भारत लाया जा चुका है। सूडान में हिंसा से अब तक 500 से अधिक लोग मारे गए हैं और लगभग 5000 घायल हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र ने बताया कि लड़ाई से 75,000 से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं।

अफ्रीकी देश सूडान (African country Sudan) में सत्ता पर कब्जे को लेकर सेना और अर्धसैनिक बल के बीच पिछले 15 दिनों से हिंसा हो रही है। इसका सीधा असर वहाँ रहने वाले लोगों पर पड़ रहा है। हालात को देखते हुए भारत अपने नागरिकों को वहाँ से निकाल रहा है। ऑपरेशन कावेरी के तहत 229 भारतीय यात्रियों का एक समूह रविवार (30 अप्रैल 2023) को बंगलुरु पहुँचा।

सेना के दो जनरलों की आपसी प्रतिद्वंद्विता के कारण हिंसा की आग में जल रहे सूडान से शनिवार (29 अप्रैल 2023) को 135 भारतीय नागरिकों को स्वदेश लाया गया था। यह ऑपरेशन कावेरी का 10वाँ बैच था। इस बैच को लेकर भारतीय वायुसेना का C 130J विमान पोर्ट सूडान से सफलतापूर्वक रवाना हुआ था।

सूडान संयुक्त अरब अमीरात (UAE), यूनाइटेड किंगमडम (United Kingdom- UK), अमेरिका (America) और भारत जैसे देश सऊदी अरब (Saudi Arab) की मदद से सूडान में अपने ऑपरेशन को अंजाम दे रहा हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने बताया कि ऑपरेशन कावेरी के तहत 229 यात्रियों को लेकर फ्लाइट सऊदी अरब के जेद्दाह से रवाना हुई और आज बेंगलुरु में उतरेगी।

बता दें कि सूडान से भारतीयों को निकालने के लिए भारतीय वायु सेना (IAF) ने 27 और 28 अप्रैल की दरम्यानी रात में एक साहसिक ऑपरेशन को अंजाम दिया था। सूडान के खार्तूम से लगभग 40 किलोमीटर उत्तर में वाडी सैय्यदना की एक छोटी-सी टूटी-फूटी हवाई पट्टी पर विमान लैंड करके 121 भारतीय लोगों को रेस्क्यू किया गया था।

Indian Defence Attaché (IDA) के नेतृत्व में भारतीय वायुसेना का एक काफिला हवाई पट्टी पर पहुँचा। हवाई पट्टी उबड़-खाबड़ थी। वहाँ ना ही कोई नेविगेशनल एप्रोच ऐड था और ना ईंधन और लैंडिंग लाइट थे। ये लैंडिंग लाइट रात में एक विमान की लैंडिंग को निर्देशित करने के लिए बेहद आवश्यक होता है।

इस अभियान में भारतीय वायुसेना ने C-130J का इस्तेमाल किया और ग्रुप कैप्टन रवि नंदा इसके कप्तान थे। रनवे पर किसी तरह की बाधा ना हो, इसको देखने के लिए C-130J विमान के चालक दल ने इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल/इन्फ्रारेड सेंसर का इस्तेमाल किया। अंधेरे से निपटने के लिए नाइट विजन गॉगल्स (NVG) का उपयोग किया।

इसके बाद एयरक्रू ने सामरिक दृष्टिकोण अपनाते हुए अंधेरे के लिए नाइट विजन गॉगल्स (NVG) का उपयोग किया और विमान की लैंडिंग कराई। इस दौरान विमान का इंजन चलता रहा। वहीं, भारतीय वायुसेना के 8 गरुड़ कमांडो ने यात्रियों और उनके सामान को विमान में रखा और इसी तकनीक की सहायता से उड़ान भरी।

फिलहाल सूडान से भारतीयों को निकालने के लिए भारत ऑपरेशन कावेरी चला रहा है। इस ऑपरेशन के तहत सूडान से अब तक 1700 से अधिक लोगों को सुरक्षित भारत लाया जा चुका है। वहाँ से लाए लोगों में से 17 को क्वारंटाइन किया गया है। सूडान में हिंसा से अब तक 500 से अधिक लोग मारे गए हैं और लगभग 5000 घायल हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र ने बताया कि लड़ाई से 75,000 से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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