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ट्रैक्टर चढ़ा गिरा दी सरदार पटेल की मूर्ति, उज्जैन में भीम आर्मी और पाटीदार समाज भिड़े: पत्थरबाजी-आगजनी के बाद थाना प्रभारी पर गिरी गाज

मूर्ति लगाने को लेकर भीम आर्मी और पाटीदार समाज के बीच मतभेद चल रहा है। 24 जनवरी की रात किसी ने सरदार पटेल की मूर्ति लगा दी। इसके बाद दूसरे पक्ष के लोगों ने मूर्ति तोड़ दी और फिर विवाद पत्थरबाजी-आगजनी में तब्दील हो गया।

उज्जैन में लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की मूर्ति ट्रैक्टर चढ़ाकर गिरा दी गई। इसके बाद भीम आर्मी और पाटीदार समाज के बीच भिड़ंत हो गई। पत्थरबाजी और आगजनी के बाद माकड़ोन थाना प्रभारी भीम सिंह देवड़ा को निलंबित कर दिया गया है।

इस घटना के वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हैं। बवाल के बाद बड़ी संख्या में मौके पर पुलिस की तैनाती की गई है। रिपोर्ट के अनुसार उज्जैन के माकड़ोन मंडी गेट और बस स्टैंड पर पड़ी खाली जमीन पर मूर्ति लगाने को लेकर भीम आर्मी और पाटीदार समाज के बीच मतभेद है। भीम आर्मी यहाँ डाॅक्टर भीमराव आंबेडकर की लगाने की पक्षधर है, वहीं पाटीदार समाज सरदार पटेल की मूर्ति स्थापित करना चाहता है।

दोनों पक्षों के बीच का ये विवाद पंचायत में विचाराधीन है। लेकिन 24 जनवरी 2024 की रात इस जगह किसी ने सरदार पटेल की मूर्ति लगा दी। इसकी जानकारी मिलते ही दूसरे पक्ष के लोगों ने मूर्ति पर ट्रैक्टर चढ़ा। मौके पर जमा हुए लोगों ने लाठी और पत्थर मार मूर्ति तोड़ दी।

इसकी सूचना मिलते ही पाटीदार समाज के लोग भी मौके पर जमा हो गए। दोनों पक्षों ने पत्थरबाजी की। वाहनों को फूँक दिया। मौके पर पहुँच कर पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत करवाया। कलेक्टर नीरज सिंह का कहना है कि पुलिस ने इस मामले में कुछ लोगों को पकड़ा है। एडिशनल SP नीतेश भार्गव ने कहा कि है कि जाँच जारी है और सुबूतों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने बताया कि मूर्ति किसकी लगेगी इसका निर्णय नगर परिषद करेगी। वहीं नगर परिषद अध्यक्ष गोकुल राठौर के मुताबिक बीते साल दोनों पक्षों की तरफ से मूर्ति लगाने का प्रस्ताव आया था। राठौर ने बताया, “हमने दोनों पक्षों को मूर्ति लगाने से मना कर दिया और दोनों को बातचीत कर समाधान निकालने को कहा था। रात में क्या हुआ, यह पता नहीं।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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