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‘मेरे साथ बंगाल में पुलिस अधिकारी ने की मारपीट’ : NCPCR अध्यक्ष का आरोप, राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने कहा था- यहाँ मत आओ

एनसीपीसीआर के राज्य में आने की सूचना पर राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष सुदेशना राय ने दिल्ली को पत्र भेजकर कहा था कि तिलजला बाल हत्या मामले में राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग को शहर आने की जरूरत नहीं है। हालाँकि एनसीपीआर फिर वहाँ पहुँचा।

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने बंगाल पुलिस के अधिकारी बिस्वाक मुखर्जी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। NCPCR अध्यक्ष ने ट्वीट कर बताया कि वो जब तिलजिला थाने में बच्ची की मौत को लेकर उसके घर पहुँचे तो उनके साथ दुर्व्यवहार हुआ। उनका आरोप है कि पुलिस ने एनसीपीसीआर की पूछताछ की चोरी-छिपे रिकॉर्डिंग की और विरोध करने पर उनके साथ मारपीट हुई।

बता दें कि इससे पहले पश्चिम बंगाल के तिलजला में बच्ची के बलात्कार व हत्या एवं मालदा में स्कूल के अंदर ६ वीं कक्षा की छात्रा के बलात्कार के मामलों की जाँच के लिए प्रियंक कानूनगो ने 31 मार्च और 1 अप्रैल की तारीख बताई थी। उन्होंने कहा था कि दो दिन पूर्व सूचना देने के बावजूद तक राज्य सरकार ने जाँच हेतु व सुरक्षा हेतु अधिकारियों कA जानकारी नहीं दी। ऐसे में NCPCR वहाँ जाएगा।

रिपोर्ट्स की मानें तो एनसीपीसीआर के राज्य में आने की सूचना पर राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष सुदेशना राय ने दिल्ली को पत्र भेजकर कहा था कि तिलजला बाल हत्या मामले में राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग को शहर आने की जरूरत नहीं है। हालाँकि एनसीपीआर के अध्यक्ष फिर भी वहाँ पहुँचे और उसके बाद अध्यक्ष ने बदसलूकी का मामला दर्ज कराया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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