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बांग्लादेश से भारत में घुसे इदरीश और साजिद, बेंगलुरु में बसा दी घुसपैठियों के लिए टेंट सिटी: NIA ने किया खुलासा, अब तक 14 गिरफ्तार

एनआईए ने बेंगलुरू में 2 बांग्लादेशी घुसपैठियों को गिरफ्तार किया है। इन लोगों ने सिस्टमैटिक तरीके से घुसपैठियों के लिए टेंट सिटी तक बसा दी। एनआईए की कार्रवाई कई महीनों से चल रही थी।

एनआईए ने बेंगलुरू में 2 बांग्लादेशी घुसपैठियों को गिरफ्तार किया है। इन लोगों ने सिस्टमैटिक तरीके से घुसपैठियों के लिए टेंट सिटी तक बसा दी। इन घुसपैठियों ने बेंगलुरू के दो अलग-अलग इलाकों में कूड़े की प्रोसेसिंग की यूनिट लगाई थी। एनआईए की कार्रवाई कई महीनों से चल रही थी। एनआईए ने बताया है कि इस गिरोह ने बांग्लादेशियों को भारत में अवैध तरीके से घुसाया और उनके लिए आधार कार्ड जैसे तमाम कागजातों को फर्जी तरीके से बनाया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एनआईए ने बांग्लादेशियों की मानव तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में दो बांग्लादेशियों को गिरफ्तार किया गया है। इनके नाम मोहम्मद साजिद हलदर और इदरिस हैं। दोनों को गुरुवार (22 फरवरी 2024) को एनआईए ने पकड़ा। अब तक इस गैंग से जुड़े 14 लोगों को एनआईए गिरफ्तार कर चुकी है।

ऐसा चलता था ये काला खेल

एनआईए ने अपने बयान में बताया, “हलदर और इदरिस दोनों बेनापोस के रास्ते भारत में घुसे थे। इसमें से हलदर ने बेंगलुरू के रामामूर्ति नगर में ‘कबाड़ संग्रहण एवं पृथक्करण’ इकाई लगाई थी और इस जगह पर बांग्लादेश से लाए गए घुसपैठियों को काम पर रखा गया था। वहीं, इदरिस ने बेंगलुरू के आनंदपुरा में ऐसी ही यूनिट लगाई थी, साथ ही लीज पर जमीन लेकर टेंट सिटी बसाई थी। इसमें 20 से अधिक बांग्लादेशी परिवारों को रखा गया था। इन परिवारों को भी तस्करी के जरिए ही भारत में लाए जाने का संदेह है, फिलहाल एनआईए इस पूरे नेटवर्क की परतें खंगाल रही है।”

एनआईए ने अपने बयान में बताया, “कर्नाटक स्थित कुछ व्यक्तियों के असम, त्रिपुरा और सीमा पार के देशों में मददगारों और तस्करों के साथ संबंध होने के बारे में विश्वसनीय जानकारी मिलने के बाद एनआईए ने 7 नवंबर, 2023 को मामला दर्ज किया था। इन संबंधों ने भारत-बांग्लादेश सीमा के माध्यम से भारत में व्यक्तियों की तस्करी में लगे तस्करों के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया था। इन आरोपितों को फर्जी आधार कार्ड बनाने और पीड़ितों को उपलब्ध कराने में भी शामिल पाया गया।”

एनआईए के मुताबिक, जाँच में उन तस्करों के नेटवर्क का खुलासा हुआ जो भारत-बांग्लादेश सीमा के रास्ते लोगों को अवैध रूप से भारत पहुँचाने के धंधे में शामिल था। जाँच में यह भी पता लगा कि गिरफ्त में आए अपराधी बांग्लादेश से आए लोगों को अवैध आधार कार्ड भी उपलब्ध कराते थे। इस मामले में एनआईए चार्जशीट भी दाखिल कर चुकी है और इस चार्जशीट से पहले ही 12 लोगों को एनआईए गिरफ्तार कर चुकी थी। कुल मिलाकर अब तक 14 लोगों को एनआईए ने गिरफ्तार किया है। एनआईए अब भी भारत-बांग्लादेश सीमा पर तस्करों के खिलाफ अपनी कार्रवाई जारी रखे हुए है।

बता दें कि अजमेर से लेकर पुणे तक बांग्लादेशी घुसपैठियों के अलग-अलग नेटवर्कों का खुलासा हुआ है। पुणे में तो बाकायता फर्जी पासपोर्ट बनाकर बांग्लादेशियों को भारतीय पहचान के साथ विदेश भेजा जाता था। यहाँ फर्जी रेंट एग्रीमेंट बनाकर ये खेल चल रहा था। उस केस में अब तक 20 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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