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गैंगरेप कर पिता के ही खेत में ही जला दी गई 14 साल की बच्ची, हड्‌डियाँ चुनने में लगे 6 घंटे: राजस्थान के भीलवाड़ा की घटना

जिस खेत में लगी कोयले की भट्टी में बच्ची को जलाया गया, वह उसके पिता की ही है। आरोपितों ने चार महीने पहले ही भट्टी किराए पर लिया था। उनका बच्ची के घर भी आना-जाना था और परिवार के सदस्यों से भी वे परिचित थे।

राजस्थान के भीलवाड़ा में 14 साल की बच्ची को गैंगरेप के बाद कोयले की भट्टी में जलाने के मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। चार महिलाओं को भी हिरासत में लिया गया है। बच्ची के शरीर का कुछ हिस्सा मौके से करीब एक किलोमीटर दूर एक तालाब से भी मिला है। ऐसा आरोपितों ने अपना अपराध छिपाने और लोगों को गुमराह करने के लिए किया था।

यह घटना भीलवाड़ा जिले के कोटड़ी थाना क्षेत्र के नरसिंहपुरा गाँव की है। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार जिस खेत में लगी कोयले की भट्टी में बच्ची को जलाया गया, वह उसके पिता की ही है। आरोपितों ने चार महीने पहले ही भट्टी किराए पर लिया था। उनका बच्ची के घर भी आना-जाना था और परिवार के सदस्यों से भी वे परिचित थे। 3 अगस्त को एफएसएल की टीम को भट्टी की राख से बच्ची के शव के टुकड़े छाँटने में करीब 6 घंटे लगे।

इस मामले में पुलिस मुख्य आरोपित कान्हा, उसके भाई कालू, संजय और पप्पू उर्फ अमर को गिरफ्तार किया है। कथित तौर पर कान्हा और कालू ने बच्ची से रेप किया था। संजय और पप्पू ने लड़की के लाश को ठिकाने लगाने में उनकी मदद की थी। आरोपितों की माँ, पत्नी और बहन को भी हिरासत में लिया गया है।

गौरतलब है कि मृतक लड़की 3 अगस्त की सुबह अपनी माँ के साथ बकरियाँ चराने गई थी। दोपहर में माँ बकरी लेकर घर वापस आ गई। लेकिन लड़की घर नहीं पहुँची। काफी समय बीत जाने के बाद भी जब लड़की घर नहीं पहुँची तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। लेकिन उसका कुछ पता नहीं चल पाया। रात को कोयले की भट्टी जलती देख लोगों को अंदेशा हुआ और इसके बाद गैंगरेप कर हत्या किए जाने की बात सामने आई। पीड़ित पिता का कहना है कि यदि पुलिस ने समय से उनकी फरियाद सुन ली होती को उनकी बेटी आज जिंदा होती।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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