Homeदेश-समाजरामनगर में 14 साल की नाबालिग छात्रा से समद गाजी ने किया रेप, परिजनों...

रामनगर में 14 साल की नाबालिग छात्रा से समद गाजी ने किया रेप, परिजनों ने लगाया ब्रेनवॉश का आरोप: लव जिहाद गिरोह की आशंका, मुस्लिम लड़कियाँ भी शामिल

रामनगर के हिंदू संगठनों ने इसे लव जिहाद का मामला बताते हुए आशंका जताई है कि इसमें किसी बड़े गिरोह का हाथ हो सकता है। आरोप समद गाजी पर है, जिसका साथ मुस्लिम लड़कियाँ दे रही थी।

उत्तराखंड के रामनगर में एक 14 साल की नाबालिग छात्रा का मामला सोशल मीडिया पर कुछ दिन पहले वायरल हुआ। इस वीडियो में दो छात्राएँ कंप्यूटर कोचिंग से निकलने के बाद सड़क किनारे खड़ी स्कूटी से बुर्का पहनते हुए दिखीं। मामले की जाँच में सामने आया कि एक मुस्लिम छात्रा अपनी हिंदू सहपाठी को बुर्का पहनाकर अपने घर ले जाती थी। पहले छात्रा के परिजनों ने इसे शौकिया कदम बताया, लेकिन बाद में मामला गंभीर हो गया जब बच्ची स्कूल से छुट्टी के बाद घर नहीं लौटी।

तब परिवार की शिकायत पर पुलिस ने छानबीन की तो पता चला कि बच्ची स्कूल तो जाती थी, लेकिन छुट्टी के बाद किसी मुस्लिम छात्रा के घर चली जाती थी। पूछताछ में यह भी सामने आया कि वह एक मुस्लिम युवक समद गाजी के संपर्क में थी।

परिवार का आरोप है कि उनकी बेटी का ब्रेनवॉश किया गया और उसे जाल में फंसाया गया। पुलिस द्वारा कराए गए मेडिकल में दुष्कर्म की पुष्टि भी हुई है, जिससे परिवार की चिंता और बढ़ गई है। इस घटना के बाद क्षेत्र के हिंदू संगठनों ने इसे लव जिहाद का मामला बताते हुए आशंका जताई है कि इसमें किसी बड़े गिरोह का हाथ हो सकता है।

उनका कहना है कि रामनगर में केरला फाइल्स जैसी घटनाएँ हो रही हैं और यदि शीघ्र खुलासा नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। संगठनों ने MPHIC स्कूल का उदाहरण देते हुए दावा किया कि वहाँ से 20–30 और मामले सामने आ सकते हैं, इसलिए उच्च स्तरीय जाँच जरूरी है।

पुलिस ने बताया की BNS की धारा 140(3) अज्ञात आरोपितों के खिलाफ दर्ज कर ली गई है और आरोपित की तलाश की जा रही है। पुलिस ने संगठनों को भरोसा दिलाया है कि निष्पक्ष जाँच कर सभी कड़ियों का पर्दाफाश किया जाएगा। फिलहाल यह मामला क्षेत्र की शैक्षणिक और सामाजिक व्यवस्था पर गहरी चिंता खड़ी कर रहा है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

अखिलेश सरकार में हुए 62+ हत्याओं को याद करा रहा ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ पोस्टर: मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर...

मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर उत्तर प्रदेश के कई शहरों में ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ लिखे पोस्टर लगा गए हैं। इन पोस्टर्स ने 2013 की उस भयावह हिंसा की याद फिर ताजा कर दी है।

हैशटैग लगाओ, दुनिया बदलो… कितना आसान है न? क्या सोशल मीडिया लोकतंत्र को बर्बाद कर रहा है?

लोकतंत्र इंसान की कमियों को स्वीकार कर समझौतों से चलता है। लेकिन सोशल मीडिया का अनियंत्रित दौर हर छोटी कमी को भ्रष्टाचार बताकर लोकतंत्र की बुनियाद पर चोट कर रहा है। कैसे आज का सोशल मीडिया और डिजिटल यूटोपियनवाद हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका है।
- विज्ञापन -