Homeदेश-समाजतौफीक ने 67 साल की दिव्यांग महिला से किया रेप, फिर कर दी हत्या:...

तौफीक ने 67 साल की दिव्यांग महिला से किया रेप, फिर कर दी हत्या: कान में पहनीं सोने की बालियाँ भी लूटी, केरल पुलिस ने किया गिरफ्तार

पड़ोस में ही रहने वाली मृतका की बहन ने लाश की पहचान की। इसके बाद पुलिस ने केस दर्ज करके जाँच-पड़ताल शुरू कर दी। पुलिस की पड़ताल में पता चला कि हत्या से पहले मृतका से रेप किया गया था। मृतका के कान से सोने की बालियाँ गायब थीं। CCTV फुटेज व अन्य माध्यमों से खोजबीन की गई तो आरोपित की पहचान तौफीक के तौर पर हुई।

केरल के तिरुवनंतपुरम में एक दिव्यांग वृद्धा की रेप के बाद हत्या कर दी गई है। पीड़िता का अर्धनग्न शव मंगलवार (10 दिसंबर 2024) को उसके अस्थाई घर में मिला। इस घटना के आरोपित के तौर पर पुलिस ने तौफीक को गिरफ्तार किया है। तौफीक लूटपाट के इरादे से वृद्धा के घर में घुसा था। उसने मृतका के शव से गहने भी उतार कर बेच दिए, जिसे जब्त कर लिया गया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना तिरुवनंतपुरम के मंगलपुरम इलाके की है। मंगलवार (11 दिसंबर 2024) की सुबह 7 बजे पुलिस को एक अस्थाई टेंट में एक महिला का अधनंगा शव पड़े होने की सूचना मिली। पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची तो पाया कि लगभग मृतका की उम्र 67 साल की है। लाश को धोती से ढका गया था और उस पर घाव के भी निशान थे।

पड़ोस में ही रहने वाली मृतका की बहन ने लाश की पहचान की। इसके बाद पुलिस ने केस दर्ज करके जाँच-पड़ताल शुरू कर दी। पुलिस की पड़ताल में पता चला कि हत्या से पहले मृतका से रेप किया गया था। मृतका के कान से सोने की बालियाँ गायब थीं। CCTV फुटेज व अन्य माध्यमों से खोजबीन की गई तो आरोपित की पहचान तौफीक के तौर पर हुई।

तौफीक तिरुवनंतपुरम के ही पास ही स्थित पोथनकोडे का रहने वाला है। पुलिस ने जाल बिछाया और आरोपित को दबोच लिया। तौफीक की गिरफ्तारी उस समय हुई, जब वह दिव्यांग मृतका से लूटी गई ज्वैलरी को बेचकर बाजार से लौटा ही था। उसकी निशानदेही पर ज्वैलरी को भी जब्त कर लिया गया है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

100 नाराज़ ≠ 100 वोट: भारतीय राजनीति में सिर्फ़ ‘नाराज़गी’ का फ़ैक्टर कभी निर्णायक क्यों नहीं रहा

SC/ST Act, आरक्षण, Caste census, सरकारी नौकरियों में हिस्सेदारी, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और सामाजिक न्याय की राजनीति जैसे मुद्दे निश्चित रूप से सवर्णों में असंतोष पैदा कर सकते हैं। इन प्रश्नों को खारिज करना भी राजनीतिक मूर्खता होगी।

12 वर्ष पहले गोरखनाथ पीठ के पीठाधीश्वर, फिर देश के सबसे बड़े सूबे के CM: जनता तक पहुँच और समस्याओं पर तत्काल प्रतिक्रिया –...

योगी आदित्यनाथ की गोरखनाथ पीठाधीश्वर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक की यात्रा, विरासत को आगे बढ़ाने से लेकर विकसित होते UP की पूरी कहानी।
- विज्ञापन -