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संभल हिंसा के दौरान कट्टरपंथियों की भीड़ पुलिस वालों की जान लेने पर थी आमादा, DSP अनुज चौधरी और SP के PRO संजीव को लगी गोलियाँ: पढ़ें – FIR में दर्ज खूँखार भीड़ के कारनामे

घायलों में संभल के डिप्टी एसपी अनुज चौधरी और पुलिस अधीक्षक के जनसम्पर्क अधिकारी (PRO) संजीव कुमार शामिल हैं। इन दोनों ने अपनी तहरीरों में बताया है कि पत्थरबाजी कर रही हथियारों से लैस हिंसक भीड़ में से उनकी हत्या करने के मकसद से गोली चलाई गई थी।

रविवार (24 नवंबर 2024) को उत्तर प्रदेश के संभल में मुस्लिम भीड़ ने पुलिस पर हमला कर दिया। ये हमला कोर्ट के आदेश पर जामा मस्जिद के सर्वे को रोकने के इरादे से हुआ। इस हिंसा में करीब दो दर्जन पुलिसकर्मी घायल हुए, जिनमें डिप्टी एसपी अनुज चौधरी और पुलिस अधीक्षक के पीआरओ सब-इंस्पेक्टर संजीव कुमार भी शामिल हैं। दोनों ने अपनी तहरीरों में बताया कि उन्हें जान से मारने के लिए गोली चलाई गई थी।

संभल हिंसा के दौरान डिप्टी एसपी अनुज चौधरी मुस्लिम भीड़ के टारगेट पर खासतौर से थे। हिंसा से पहले, हमले के दौरान और बवाल के बाद भी हमलावरों या उनके समर्थकों की तरफ से अनुज चौधरी का नाम बार-बार लिया गया। उनके द्वारा कोतवाली नगर संभल में दी गई तहरीर में बताया गया है कि रविवार को वो अपनी टीम व अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के साथ जामा मस्जिद का सर्वे कर रही टीम की सुरक्षा कर रहे थे।

इसी दौरान सुबह 9 बजे लगभग 700 से 800 हमलावरों की भीड़ सरकारी काम में बाधा डालने लगी। घातक हथियारों से लैस यह भीड़ मस्जिद की तरफ बढ़ रही थी। इस भीड़ को अदालत के आदेशों का हवाला सहित कई तरीकों से अनुज चौधरी ने समझाने की कोशिश की। हालाँकि भीड़ पर कोई असर नहीं पड़ा और पत्थरबाजी शुरू कर दी गई। इसी दौरान भीड़ से किसी ने गोली चलाई जो DSP चौधरी के दाएँ पैर में लगी। बकौल अनुज चौधरी यह फायर उनकी हत्या के मकसद से किया गया था।

अपनी तहरीर में अनुज चौधरी ने हिंसक भीड़ व खुद को गोली मारने वाले अज्ञात हमलावर के खिलाफ कार्रवाई की माँग की है। इस तहरीर पर संभल कोतवाली में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 190, 191 (2), 191 (3), 221, 132, 121 (1), 121 (2), 125, 109 (1) और 223 (बी) के तहत केस दर्ज किया गया है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है। हमलावरों की पहचान व धरपकड़ के प्रयास जारी हैं।

प्लास्टिक पैलेट से बची SP के घायल PRO की जान

संभल में मुस्लिम भीड़ द्वारा की गई हिंसा की चपेट में पुलिस अधीक्षक के जनसम्पर्क अधिकारी (PRO) सब इंस्पेक्टर संजीव कुमार भी आ गए थे। उनको भी जान से मार डालने की नीयत से गोली मारी गई थी। हमले के बाद उनके द्वारा रविवार को थाना नखासा में तहरीर दी गई है। तहरीर में संजीव ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर चल रहे सर्वे के दौरान उन्हें पक्का बाग़ चौराहे पर भीड़ के जमावड़े की सूचना मिली। इस सूचना पर लगभग 11 बजे वो अपनी टीम के साथ मौके पर पहुँचे।

सूचना सही निकली और एक भीड़ पक्का बाग के पास मौजूद मिली। लगभग 150 उपद्रवियों की यह भीड़ हिन्दुपुरा जाने वाली रोड पर जमा थी जिसे पुलिस ने हटाने का प्रयास किया। पुलिस के कहने पर भीड़ हटने के बजाय हमलावर हो गई। इन हमलावरों ने हॉकी, ईंट, पत्थर और लाठी-डंडों से पुलिस पर अटैक कर दिया। हिंसक भीड़ की करतूत देखते हुए आम लोगों में डर फ़ैल गया जिसके बाद उन्होंने घर के खिड़की-दरवाजे बंद कर लिए।

इसी दौरान भीड़ में से एक गोली सब इंस्पेक्टर संजीव की हत्या के मकसद से चलाई गई। गोली संजीव के पैर में लगी और वो घायल हो गए। हमलावरों ने इस बीच हेड कांस्टेबल विवेक कुमार का सिर फोड़ दिया। कांस्टेबल सुमित के हाथों में भी गंभीर चोट आई। हमलावरों से घायल पुलिसकर्मियों को बचाने के लिए साथी जवानों ने प्लास्टिक पैलेट और ब्लैंक कारतूस दागे। बाद में घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया।

उपद्रवियों की करतूत को गंभीर अपराध बताते हुए संजीव कुमार ने अपनी तहरीर में कड़ी कार्रवाई की माँग की है। नखासा थाना पुलिस ने इस तहरीर पर 150 अज्ञात हमलावरों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 191 (2), 191 (3), 190, 109 (1), 121 (1), 132, 223 व आपराधिक कानून संसोधन अधिनियम की धारा 7 के तहत केस दर्ज किया है।

दोनों ही मामलों से जुड़ी FIR की कॉपी ऑपइंडिया के पास मौजूद है। पुलिस आरोपितों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी हुई है। संभल की यह हिंसा हमलावर भीड़ के खतरनाक इरादों को उजागर करती है। पुलिस बल के खिलाफ हिंसा, जानलेवा हमले और सरकारी काम में बाधा जैसे कृत्य गंभीर चिंताएं खड़ी करते हैं। फिलहाल संभल पुलिस हमलावरों को चिन्हित कर के धरपकड़ के प्रयास में जुटी हुई है।

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राहुल पाण्डेय
राहुल पाण्डेयhttp://www.opindia.com
धर्म और राष्ट्र की रक्षा को जीवन की प्राथमिकता मानते हुए पत्रकारिता के पथ पर अग्रसर एक प्रशिक्षु। सैनिक व किसान परिवार से संबंधित।

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