पश्चिम बंगाल में चुनाव और हिंसा जैसे एक ही कहानी के दो हिस्से माने जाते थे। 2021 के विधानसभा चुनावों में हिंसा की तस्वीर आज भी लोगों के जहन में ताजा है, जब TMC ने खुलेआम सड़कों पर उतरकर हिंसा फैलाई थी। लेकिन 2026 का ये चुनाव इस बार उसी पुराने डर को तोड़ता हुआ नजर आ रहा है। चुनाव आयोग ने पहले से ही एहतियात बरतते हुए देशभर से केंद्रीय सुरक्षाबलों की तैनाती की, ताकि मतदान प्रक्रिया को हर हाल में शांतिपूर्ण रखा जा सके।
इसका असर जमीन पर साफ दिख भी रहा है। दो चरणों के मतदान में कई ऐसी घटनाएँ सामने आईं, जहाँ TMC के गुंडों और दबंगों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की लेकिन केंद्रीय बलों खासतौर पर CRPF ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया। कहीं बूथ कैप्चरिंग की कोशिश नाकाम की गई, तो कहीं वोटरों को डराने-धमकाने वालों को मौके पर ही घसीटा गया।
इसके बावजूद बंगाल की मुख्यमंत्री और भवानीपुर सीट से उम्मीदवार ममता बनर्जी CRPF को ‘अत्याचारी‘ कह रही हैं। उनका आरोप है कि मतदान केंद्रों पर राज्य पुलिस नजर नहीं आ रही और केंद्रीय बलों ने पूरे चुनाव पर कब्जा कर लिया है, यहाँ तक कि वे एक खास राजनीतिक दल के पक्ष में काम कर रहे हैं।
#WATCH | Kolkata: TMC candidate from Bhabanipur and West Bengal Chief Minister Mamata Banerjee says, "… The CRPF personnel and central observers are beating people; they have not even spared women and children. Since last night, they have started atrocities. How many of our… pic.twitter.com/sb601D14hq
— ANI (@ANI) April 29, 2026
जबकि जमीनी हकीकत है कि हिंसा को काबू में किया जा रहा है। कई वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें सुरक्षाबल सख्ती से हालात को काबू में करते दिख रहे हैं और यही वजह है कि इस बार बंगाल के चुनाव में हिंसा पर नियंत्रण की एक नई तस्वीर सामने आ रही है।
बंगाल चुनाव में मोर्चा संभालते केंद्रीय बल के वायरल वीडियो
मतदान के दूसरे चरण में सबसे बड़ी घटना दक्षिण 24 परगना जिले के फाल्टा विधानसभा सीट से सामने आई, जहाँ से TMC उम्मीदवार जहाँगीर खान चुनाव लड़ रहा है। इस विधानसभा के बूथ संख्या 144 पर EVM पर BJP के बटन पर टेप लगाया गया। इसका वीडियो सामने आने के बाद चुनाव आयोग ने दोबारा मतदान करवाया। इस स्थिति का जायजा खुद चुनाव में पुलिस पर्यवेक्षक बनाकर भेजे गए उत्तर प्रदेश के IPS अफसर अजय पाल शर्मा ने लिया।
Diamond Harbour, West Bengal: Election Observer for the West Bengal Assembly elections, Ajay Pal Sharma, reviewed security arrangements and coordinated with paramilitary forces during the second phase of polling pic.twitter.com/kPWT1GYh0m
— IANS (@ians_india) April 29, 2026
बता दें कि IPS अफसर अजय पाल पहले भी जहाँगीर खान के समर्थकों को मतदाताओं को डराने-धमकाने के लिए हड़का चुके हैं, जिसके बाद TMC उनके विरोध में उतर गई थी।
एक वीडियो सामने आया, जिसमें CRPF के जवान एक व्यक्ति को लटकाकर ले जा रहे हैं, दावा किया जा रहा है कि यह व्यक्ति मतदान में बाधा डाल रहा था और मतदाताओं को परेशान कर रहा था। वीडियो में दिख रहा यह व्यक्ति TMC समर्थक बताया गया। सुरक्षाबल और पुलिस इस व्यक्ति को लाठी-डंडों से पीट रहे हैं।
🚨 BIG!
— The Analyzer (News Updates🗞️) (@Indian_Analyzer) April 29, 2026
CRPF is pulling out TROUBLEMAKERS trying to create ruckus at polling booths over petty disruptions.
This is exactly the model Bengal needed,
immediate removal, zero tolerance and no space for booth-level chaos👏🏽 pic.twitter.com/1OKPSADkEk
अन्य वीडियो में CRPF के जवान मतदान में भंग पैदा करने की कोशिश करने वाले एक व्यक्ति को लाठी-डंडों से पीट रहे हैं।
Goons who were trying to disturb voting were beaten by security forces..#WestBengal pic.twitter.com/1jw4MlCeLZ
— Mr Sinha (@Mrsinha) April 29, 2026
ऐसे ही बंगाल के भंगर में मतदान केंद्र पर ISF उम्मीदवार नौशाद सिद्दीकी के सामने उनके समर्थकों और TMC समर्थकों के बीच झड़प हो गई। इस झड़प में CRPF ने दखल दिया औऱ दोनों तरफ के गुंडों पर लाठीचार्ज कर खदेड़ दिया।
बंगाल के भंगर में आईएसएफ और टीएमसी के बीच खुल्लम खुल्ला फारे खींच गए |
— THE JAT ASSOCIATION (@Jatassociation) April 29, 2026
आईएसएफ उम्मीदवार नौशाद सिद्दीकी ने टीएमसी के गुंडों को खदेड़ दिया |
इस बीच केंद्रीय बलों ने मौके पर पहुंच कर दोनों तरफ के गुंडों की लाठीचार्ज कर मरम्मत कर दी | pic.twitter.com/ve8jZHDpxr
एक औऱ वीडियो में हिंसा कर रही भीड़ को CRPF के सुरक्षाबल संभालते नजर आ रहे हैं। मौजूदा भीड़ को सुरक्षाबलों ने खदेड़ दिया।
इस बार के बंगाल चुनाव में सीआरपीएफ के जवानों ने TMC के आतंकवादियों की सारी हेकड़ी निकाल दी है। pic.twitter.com/lkPJd8Xu3X
— Mahant Adityanath 2.0🦁 (@MahantYogiG) April 29, 2026
CRPF इस तरीके से चुनाव संभाल रही है कि लोगों को ममता बनर्जी की बंगाल पुलिस से ज्यादा सुरक्षाबलों पर भरोसा हो रहा है। BJP नेता सुवेंदु अधिकारी तक भवानीपुर में मतदान केंद्र पर स्थिति बिगड़ने की शिकायत CRPF से करते हैं, उनका कहना है कि पुलिस पर भरोसा नहीं है।
पश्चिम बंगाल के Bhawanipur में मतदान के दौरान तनावपूर्ण स्थिति देखने को मिली। विपक्ष के नेता Suvendu Adhikari ने हालात बिगड़ने का आरोप लगाते हुए CRPF की मदद मांगी। #BengalPolls #SuvenduAdhikari #CRPF #Election2026 #BreakingNews #IndiaElections #Bhawanipur #PoliticalNews pic.twitter.com/bKl42UpyVD
— NewsMobile Samachar (@NewsMobileHindi) April 29, 2026
ये वीडियो पहले चरण के मतदान के दौरान का है। जब दार्जीलिंग के एक बूथ के पास कुछ गुंडे मतदान में बाधा डालने के लिए इकट्ठा हुए, तब CRPF के जवानों ने भीड़ को तुरंत खदेड़ दिया और शांतिपूर्ण मतदान कराया।
अगर बंगाल में CRPF तैनात न होती तो क्या इतनी बम्पर वोटिंग हो पाती?
— Dubeyji Official (@Dubeyjiofficial) April 23, 2026
बिल्कुल नहीं 🔥
वीडियो दार्जिलिंग का है जहां बूथ के पास कुछ गुंडे मतदान बाधित करने के उद्देश्य से इकट्ठा हुए थे।
CRPF के जवानों ने भीड़ को तुरंत खदेड़ दिया और शांतिपूर्ण मतदान कराया।
Power #TheStatesmanWBLive pic.twitter.com/9MOIi6m4Up
यह वीडियो बीरभूम का है, जहाँ पहले चरण में EVM में खऱाबी को लेकर इस्लामी भीड़ ने पुलिस और CRPF पर हमला किया। इस हमले में केंद्रीय बलों के कई जवान घायल हुए, कुछ लोग भी घायल हुए, जिन्हें CRPF के जवान कंधे पर उठाकर सहायता देते नजर आ रहे हैं।
ये बंगाल है या बांग्लादेश!
— Panchjanya (@epanchjanya) April 24, 2026
वीरभूम में कट्टरपंथी ग्रामीणों ने CRPF ओर पुलिस को चारों ओर से घेर लिया और पथराव किया।
यहां तक कि पुलिस को अपनी बंदूकें तक निकालनी पड़ गयी।
क्या भारत के किसी अन्य राज्य में चुनाव के दौरान इस तरह कभी देखने को मिला! pic.twitter.com/52aNpCaB03
दूसरे चरण में हिंसा की कोशिशें, लेकिन CRPF की सख्ती से हालात काबू में
इन वीडियो के अलावा भी बुधवार (29 अप्रैल 2026) को दूसरे चरण के मतदान के दौरान 7 जिलों की 142 विधानसभा सीटों पर मतदान के बीच कई जगहों से तनाव और हिंसा की खबरें सामने आईं। नदिया जिले में BJP के एक पोलिंग एजेंट पर TMC के गुंडों ने हमला किया। वहीं आरजी कर रेप और मर्डर केस की पीड़िता की माँ, जो इस चुनाव में BJP उम्मीदवार हैं, उन्होंने भी आरोप लगाया कि TMC समर्थकों ने उनके साथ दुर्व्यवहार और हमला करने की कोशिश की। कई जगहों पर BJP के वाहनों को निशाना बनाने और वोटरों को डराने-धमकाने की घटनाएँ भी सामने आईं।
केंद्रीय सुरक्षाबलों ने बंगाल चुनाव की बदली तस्वीर
आखिर में तस्वीर साफ नजर आती है कि एक तरफ TMC लगातार केंद्रीय सुरक्षाबलों की तैनाती पर सवाल उठा रही है, उन्हें पक्षपाती बताने की कोशिश कर रही है, तो दूसरी तरफ जमीन पर वही सुरक्षाबल चुनाव को हिंसा से बचाने में जुटे हुए हैं। बयानबाजी अपनी जगह है, लेकिन जिन इलाकों में पहले चुनाव के नाम पर डर और दबाव का माहौल बनता था, वहाँ इस बार सुरक्षाबलों की मौजूदगी ने हालात को काफी हद तक बदल दिया है।
सच्चाई यही है कि पूरे चुनाव के दौरान TMC के गुंडों की हिंसा को जिस तरह से कंट्रोल किया गया, उसने एक अलग ही तस्वीर पेश की है। हर कोशिश को समय रहते रोका गया, वोटरों को सुरक्षित माहौल देने की कोशिश हुई और चुनाव प्रक्रिया को पटरी से उतरने नहीं दिया गया। ऐसे में विरोध और आरोपों के बीच यह सवाल और गहरा हो जाता है कि अगर सख्ती न होती, तो क्या बंगाल एक बार फिर उसी पुराने हिंसक दौर में लौट जाता?


