Thursday, July 25, 2024
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व्हाट्सएप्प ग्रुप में उमेश कोल्हे के साथ ही था युसूफ खान, हत्या के लिए उकसाया-फिर अंत्येष्टि में भी हुआ शामिल: NIA की हिरासत में सभी 7 आरोपित

यूसुफ खान ने कोल्हे के मैसेज का स्क्रीनशॉट लेकर दूसरे वॉट्सऐप ग्रुप में डाल दिया। इस ग्रुप का नाम ‘कलीम इब्राहिम’ ग्रुप था। पोस्ट देखकर इस ग्रुप के मेंबर बहुत नाराज हो गए। उसी के बाद उन्होंने उमेश कोल्हे से बदला लेने का फैसला किया।

महाराष्ट्र के अमरावती में केमिस्ट उमेश कोल्हे (Umesh Kolhe) की हत्या के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि वाट्सऐप पोस्ट की वजह से उमेश की आरोपितों ने हत्या कर दी थी। उस पोस्ट में उमेश ने साफ शब्दों में बीजेपी की पूर्व नेता नूपुर शर्मा का समर्थन किया था। वहीं अब इस मामले में अब तक गिरफ्तार सभी 7 आरोपितों को NIA ने अपनी कस्टडी में ले लिया है।

व्हाट्सएप्प चैट से हुए नए खुलासे

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक, अमरावती में केमिस्ट की हत्या की जाँच कर रही स्थानीय पुलिस का कहना है कि उमेश कोल्हे और हत्यारा यूसुफ खान एक ही वाट्सएप ग्रुप के सदस्य थे। वेटेरनरी दवाओं का व्यवसाय करने वाले कोल्हे ने वेटेरनरी डॉक्टरों का एक वाट्सएप ग्रुप बना रखा था। वेटेरनरी डॉक्टर यूसुफ खान भी इस ग्रुप का सदस्य था। उमेश कोल्हे ने ‘ब्लैक फ्रीडम’ नाम के वॉट्सऐप ग्रुप में नूपुर शर्मा के समर्थन में मैसेज डाला था। इस मैसेज को कुछ और लोगों को भेजकर यूसुफ खान ने उन्हें उमेश कोल्हे ​के खिलाफ भड़काया था। यही नहीं पहले तो यूसुफ ने इरफान जैसे कट्टरपंथी को हत्या के लिए उकसाया। बाद में उनकी (उमेश कोल्हे) अंत्येष्टि में भी शामिल हुआ।

जानकारी के मुताबिक, यूसुफ ने कोल्हे के मैसेज का स्क्रीनशॉट लेकर दूसरे वॉट्सऐप ग्रुप में डाल दिया। इस ग्रुप का नाम ‘कलीम इब्राहिम’ ग्रुप था। पोस्ट देखकर इस ग्रुप के मेंबर बहुत नाराज हो गए। उसी के बाद उन्होंने उमेश कोल्हे से बदला लेने का फैसला किया। इसके चलते इरफान खान ने अपने समुदाय के कुछ लोगों को पैसों का लालच देकर उनकी (उमेश कोल्हे) बेरहमी से हत्या करवा दी।

आज तक की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्लैक फ़्रीडम नाम के WhatsApp ग्रूप पर 14 जून को 7.57 बजे उमेश कोल्हे ने नूपुर शर्मा के बयान के समर्थन में एक पोस्ट डाला था। उस वाट्सऐप चैट में उमेश कोल्हे का नाम The Amit Medi के नाम से सेव था। उमेश ने अपनी पोस्ट में लिखा हुआ था, “I Support Nupur Sharma।”

फोटो साभार: आज तक

बताया जा रहा है कि हत्या से एक दिन पहले उमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में भी एक पोस्ट शेयर की थी।

फोटो साभार: आज तक

NIA की हिरासत में सभी आरोपित

वहीं राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) ने अमरावती के केमिस्ट की हत्या में शामिल सभी सात आरोपितों को हिरासत में ले लिया है। एक पुलिस अधिकारी ने मंगलवार (5 जुलाई 2022) को इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एनआईए ने सभी आरोपितों को हिरासत में ले लिया, जिन्हें अमरावती अदालत में पेश करने के बाद सोमवार (4 जुलाई 2022) को चार दिन की ट्रांजिट रिमांड पर लिया गया था। पुलिस के अनुसार, आरोपितों को 8 जुलाई या उससे पहले एनआईए की मुंबई अदालत में पेश किया जा सकता है।

मालूम हो कि पुलिस कमिश्नर आरती सिंह ने सोमवार को बताया था कि बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा के समर्थन में पोस्ट करने और व्हाट्सएप पर स्टेटस लगाए जाने के कारण कई लोगों को धमकी भरे फोन आ रहे हैं। महाराष्ट्र की अमरावती पुलिस को केमिस्ट उमेश कोल्हे की हत्या के तार भी नुपुर शर्मा का समर्थन करने वाले पोस्ट से जुड़े थे, इसके बारे में पता था। लेकिन मामले के ‘अत्यंत संवेदनशील’ होने के कारण पहले इसका खुलासा नहीं किया गया। वहीं पुलिस इस मामले में एक और संदिग्ध शमीम अहमद की तलाश भी कर रही है।

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी ने इस मामले में अपनी एफआईआर दर्ज करके बताया कि देश के एक वर्ग को निशाना बनाने का प्लान है। जाँच के बाद अभी और खुलासे होंगे। बताया जा रहा है कि हत्याकांड के मास्टरमाइंड शेख इरफान ने ही बाकी आरोपितों को 10-10 हजार रुपए का लालच देकर हत्या करवाई थी।

बता दें कि इस मामले में अब तक इरफान के अलावा 7 गिरफ्तारी हो चुकी है। इनकी पहचान मुदस्सिर अहमद (22), शाहरूख पठान (25), अब्दुल तौफिक (24), शोएब खान (22), अतिब रशीद (22) और युसूफ खान उर्फ़ बहादुर खान (44) के रूप में हुई है। इन लोगों के ऊपर आईपीसी की धारा 302, 120 और 109 के तहत केस दर्ज किया गया है। मृतक के घरवालों ने केस को फास्ट ट्रैक कोर्ट में डालने को कहा है। मृतक के भाई ने यह भी बताया कि जिन आरोपितों को पुलिस ने पकड़ा है, उनमें से एक वेटनरी डॉक्टर यूसुफ है और उसकी उमेश कोल्हे से अच्छी दोस्ती थी। घरवाले उसे 2006-07 से जानते थे। युसूफ पर आरोप है कि उसी ने कोल्हे का पोस्ट संदिग्ध व्हॉट्सग्रुप में शेयर किया था।

उमेश कोल्हे हत्याकांड

गौरतलब है कि इरफान ने उमेश कोल्हे को मारने की योजना सबसे पहले 19 जून को बनाई थी। हालाँकि, उस दिन इरफान शेख डर गया और घटना को अंजाम नहीं दे पाया। 20 जून को फिर वारदात की प्लॉनिंग हुई, मगर तब उमेश के घर से फोन आ गया और वह समय से पहले अपनी दुकान से निकल गए। इसके बाद आरोपितों ने 21 जून 2022 को पूरी तैयारी के साथ उमेश का पीछा किया। इस बार वह उमेश का सिर धड़ से अलग करना चाहते थे। मगर, पीछे दूसरी मोटर गाड़ी से आ रहे बेटे-बहू जोर से चिल्ला दिए। उनकी आवाज सुन हत्यारे भाग खड़े गुए। लेकिन, तब तक वह उमेश कोल्हे को मौत के घाट उतार चुके थे। उनका शव जमीन पर लहू-लुहान था। बेटा उन्हें अस्पताल भी लेकर गया लेकिन वहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम में सामने आया कि उनके गले पर जो जख्म था, वो 5 इंच चौड़ा, 7 इंच लंबा और 5 इंच गहरा था। उनकी साँस लेने वाली नली, भोजन निगलने वाली नली और आँखों की नसों पर भी वार किए गए थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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