Homeदेश-समाज65 के हैं अब्बा, चौथी बार निकाह कर रहे, हमारी शादी नहीं करा रहे:...

65 के हैं अब्बा, चौथी बार निकाह कर रहे, हमारी शादी नहीं करा रहे: महमूद की बेटी ने SSP से लगाई गुहार

शिकायत लेकर बरेली एसएसपी दफ्तर पहुँची महमूद की बड़ी बेटी ने बताया कि हम तीन बहनें और दो भाई हैं। सभी शादी योग्य हैं, लेकिन इसके बाद भी अब्बा चौथी शादी करना चाहते हैं। युवती ने बताया कि उसकी माँ की मौत हो चुकी है और उससे पहले सौतेली माँ की भी मौत हो चुकी है।

उत्तर प्रदेश के जिला बरेली से एक अनोखा मामला सामने आया है। 65 साल का एक बुजुर्ग तीन जवान बेटियों को और पत्नी को नजरअंदाज कर चौथी बार निकाह करने की कोशिश में है। बुजुर्ग को रोकने के लिए एसएसपी से उसकी बेटी ने गुहार लगाई है।

जानकारी के मुताबिक मामला बरेली के बारादरी थाना क्षेत्र का है। 65 वर्षीय चक महमूद की दो पत्नियों की मौत हो चुकी है। इसके बाद महमूद ने 25 वर्षीय बिहार की एक युवती से तीसरा निकाह कर लिया। लेकिन अब वह चौथी शादी करने की फिराक में घूम रहा है।

शिकायत लेकर बरेली एसएसपी दफ्तर पहुँची महमूद की बड़ी बेटी ने बताया कि हम तीन बहनें और दो भाई हैं। सभी शादी योग्य हैं, लेकिन इसके बाद भी अब्बा चौथी शादी करना चाहते हैं। युवती ने बताया कि उसकी माँ की मौत हो चुकी है और उससे पहले सौतेली माँ की भी मौत हो चुकी है।

पिता की उम्र 65 साल है और अब उन्होंने बिहार की 25 साल की महिला से शादी कर ली है। इसके बाद भी पिता अब चौथी शादी करने की कोशिश में हैं।

बुजुर्ग की बेटी ने अपने पिता पर आरोप लगाया कि पिता उसकी और बाकी बहन-भाइयों की शादी नहीं कर रहे हैं और संपत्ति में भी हिस्सा नहीं दे रहे हैं। युवती की शिकायत सुनकर सीओ-2 सीमा यादव ने तत्काल बारादरी इंस्पेक्टर को मामले की जाँच कर कार्रवाई करने के निर्देश दे दिए हैं। इसके बाद थाना पुलिस मामले की जाँच पड़ताल में जुट गई है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

अखिलेश सरकार में हुए 62+ हत्याओं को याद करा रहा ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ पोस्टर: मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर...

मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर उत्तर प्रदेश के कई शहरों में ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ लिखे पोस्टर लगा गए हैं। इन पोस्टर्स ने 2013 की उस भयावह हिंसा की याद फिर ताजा कर दी है।

हैशटैग लगाओ, दुनिया बदलो… कितना आसान है न? क्या सोशल मीडिया लोकतंत्र को बर्बाद कर रहा है?

लोकतंत्र इंसान की कमियों को स्वीकार कर समझौतों से चलता है। लेकिन सोशल मीडिया का अनियंत्रित दौर हर छोटी कमी को भ्रष्टाचार बताकर लोकतंत्र की बुनियाद पर चोट कर रहा है। कैसे आज का सोशल मीडिया और डिजिटल यूटोपियनवाद हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका है।
- विज्ञापन -