Homeराजनीति'दोषी पाया जाए तो मिलनी चाहिए सज़ा': अरविंद केजरीवाल को अब 'गुरु' अन्ना हजारे...

‘दोषी पाया जाए तो मिलनी चाहिए सज़ा’: अरविंद केजरीवाल को अब ‘गुरु’ अन्ना हजारे ने भी दिया झटका, बोले – शराब से नहीं हुआ किसी का भला, पैसे के लिए ये सब करना ठीक नहीं

अन्ना से जब यह पूछा गया कि भ्रष्टाचार के विरोध में शुरू किए आंदोलन से निकली हुई पार्टी आज भ्रष्टाचार के चंगुल में फँस गई है, इस पर उनका क्या कहना है? इस सवाल के जवाब में...

दिल्ली के शराब घोटाला मामले में सीबीआई ने अरविंद केजरीवाल को समन भेजा है। उनसे रविवार (16 अप्रैल, 2023) को पूछताछ होनी है। CBI द्वारा भेजे गए समन को लेकर अन्ना हजारे की प्रतिक्रिया सामने आई। अन्ना ने कहा है कि यदि केजरीवाल ने गलती की है तो सजा होनी चाहिए।

दरअसल, शराब घोटाला मामले में मनीष सिसोदिया के बाद जाँच अब दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल तक पहुँच गई है। सीबीआई के समन के बाद से आम आदमी पार्टी लगातार केजरीवाल का बचाव करती नजर आ रही है। वहीं, अन्ना हजारे ने आज तक से बात करते हुए कहा है कि उन्होंने तो पहले ही केजरीवाल को एक लेटर लिखा था। इस लेटर में उन्होंने कहा था कि केजरीवाल शराब के बारे में क्यों सोचते हैं। उन्हें अच्छी बातें सोचनी चाहिए।

अन्ना हजारे ने यह भी कहा है कि पैसे के लिए कुछ भी करना ठीक नहीं है। शराब से कभी किसी का भला नहीं हुआ। सीबीआई इसकी जाँच कर रही है। जाँच एजेंसी ने जो देखा होगा उसके हिसाब से उसे जाँच करनी चाहिए। अगर जाँच में दोषी नजर आता है तो उसे सजा होनी चाहिए।

अन्ना से जब यह पूछा गया कि भ्रष्टाचार के विरोध में शुरू किए आंदोलन से निकली हुई पार्टी आज भ्रष्टाचार के चंगुल में फँस गई है, इस पर उनका क्या कहना है? इस सवाल के जवाब में अन्ना ने कहा कि आजाद मैदान और रामलीला मैदान में हमारे आंदोलन से जन्म हुआ लेकिन इनको उस रास्ते में नहीं जाना है। अन्ना ने आगे कहा कि आंदोलन के समय उन्होंने हर दिन कहा है कि अपने आचार और विचार शुद्ध रखो। जीवन को निष्कलंक रखो। जीवन में बुराई का दाग नहीं होना चाहिए। मुझे बड़ा दुख होता है कि सिसोदिया जैसा व्यक्ति जेल में है। जेल में जाओ लेकिन समाज और देश की भलाई के लिए। खुद की भलाई के लिए नहीं।

बता दें कि शराब घोटाले में दिल्ली के उप मुख्यमंत्री रहे मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी 26 फरवरी 2023 को हुई थी। उसके बाद से उन्हें जमानत नहीं मिल पाई है। राउज एवेन्यू कोर्ट में उनकी जमानत याचिका पर अब 18 अप्रैल को सुनवाई होनी है। पिछली सुनवाई में ईडी ने सिसोदिया को इस मामले का मुख्य साजिशकर्ता बताया था। साथ ही कहा था कि आबकारी नीति पर जनता की सहमति दिखाने के लिए उन्होंने फर्जी ईमेल कराए थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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