Homeराजनीति'लाल किला इफ्तार' के बाद 2024 की ठेकेदारी लेने राहुल गाँधी से मिले नीतीश...

‘लाल किला इफ्तार’ के बाद 2024 की ठेकेदारी लेने राहुल गाँधी से मिले नीतीश कुमार, कहा- विपक्षी दलों को जोड़ेंगे, पर चेहरे पर साध ली चुप्पी

अगले साल 2024 में होने वाले लोकसभा चुनावों से पहले यह बैठक बेहद महत्वपूर्ण है। यह बैठक कॉन्ग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के दिल्ली स्थित आवास पर आयोजित की गई थी। नीतीश कुमार मंगलवार (11 अप्रैल 2023) को दिल्ली पहुँचे थे। नीतीश के और भी कई नेताओं से मिलने की उम्मीद है।

कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी को बिहार की सत्ताधारी जदयू के नीतीश कुमार और राजद के तेजस्वी यादव का साथ मिला है। बुधवार (12 अप्रैल 2023) को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने दिल्ली में राहुल गाँधी से मुलाकात की और गठबंधन पर चर्चा की। हालाँकि, अभी भी पीएम पद को लेकर असमंजस की स्थिति है।

बैठक के बाद राहुल गाँधी ने कहा कि विपक्षी पार्टियों को एकजुट करने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि समान विचारधारा वाली पार्टियों को साथ लाएँगे। जितनी भी पार्टियाँ साथ चलेंगी, सबको साथ लाएँगे। जोड़ना एक प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि देश के लिए विपक्ष की दृष्टि विकसित करेगा।

राहुल गाँधी ने आगे कहा, “देश में वैचारिक लड़ाई चल रही है। जो संविधान पर आक्रमण हो रहा है, जो देश पर आक्रमण हो रहा है, उसके खिलाफ हम सब एक साथ मिलकर खड़े होंगे। एकजुट होकर संस्थानों पर हमले से लड़ेंगे।”

बैठक के बाद नीतीश कुमार ने कहा कि देश की अधिक से अधिक विपक्षी पार्टियों को एकजुट करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन दलों के नेता एक साथ बैठ कर चर्चा करेंगे और जिस पर सहमति बनेगी, उसको लेकर आगे की रूपरेखा बनाई जाएगी। इस बात पर इस बैठक में सहमति बन गई है।

अगले साल 2024 में होने वाले लोकसभा चुनावों से पहले यह बैठक बेहद महत्वपूर्ण है। यह बैठक कॉन्ग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के दिल्ली स्थित आवास पर आयोजित की गई थी। नीतीश कुमार मंगलवार (11 अप्रैल 2023) को दिल्ली पहुँचे थे। नीतीश के और भी कई नेताओं से मिलने की उम्मीद है।

वहीं, बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव भी दिल्ली में हैं। वे मंगलवार (11 अप्रैल 2023) को प्रवर्तन निदेशालय (ED) के सामने पेश हुए थे। जमीन के नौकरी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए ED ने उन्हें बुलाया था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘मेविस्तान’ बनाने का सपना, अलवर-भरतपुर में हिंसा और फिर गाँधी-नेहरू का हस्तक्षेप: जानिए मेवात के उस इतिहास की पूरी कहानी, जिसने बदल दिया इलाके...

मेविस्तान की माँग, 1933 का गोविंदगढ़ संघर्ष, 1947 का अलवर-भरतपुर घटनाक्रम और गाँधी-नेहरू के हस्तक्षेप से जुड़ी मेवात की पूरी कहानी जानिए।

59 करोड़ अकाउंट्स, लाखों करोड़ की कैपिटल और आखिरी व्यक्ति तक पहुँचता बैंकिंग सिस्टम… फिर क्यों जनधन योजना से सुभाष गर्ग को लगी मिर्ची?

सुभाष गर्ग ने जनधन योजना के 59 करोड़ खातों पर सवाल उठाए, जानिए जीरो बैलेंस, इनएक्टिव अकाउंट्स और DBT से जुड़ी पूरी कहानी।
- विज्ञापन -