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‘मेरे जीजा को 10 साल से कर रखा है परेशान’: मनी लॉन्ड्रिंग केस में फँसे रॉबर्ट वाड्रा को मिला ‘साले’ राहुल गाँधी का साथ; अब तक 43 संपत्तियाँ हो चुकी हैं कुर्क

ED ने रॉबर्ट वाड्रा और उनकी कंपनी स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग केस में चार्जशीट दायर की है। इस पर राहुल गाँधी ने एक्स पर पोस्ट लिखकर कहा, “मैं रॉबर्ट, प्रियंका और उनके बच्चों के साथ हूँ।"

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार (18 जुलाई 2025) रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इसे लेकर कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी ने अपने बहनोई वाड्रा का समर्थन किया है। उन्होंने कहा है कि अंत में सच्चाई की जीत होगी।

जानकारी के अनुसार, ED ने रॉबर्ट वाड्रा और उनकी कंपनी स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग केस में चार्जशीट दायर की है। इसे लेकर राहुल गाँधी ने एक्स पर पोस्ट किया है। उन्होंने लिखा, “मेरे जीजाजी को पिछले दस सालों से यह सरकार परेशान कर रही है। यह ताजा आरोप पत्र उसी षडयंत्र का एक और हिस्सा है।”

उन्होंने आगे लिखा, “मैं रॉबर्ट, प्रियंका और उनके बच्चों के साथ हूँ क्योंकि उन्हें दुर्भावनापूर्ण, राजनीतिक रूप से प्रेरित बदनामी और उत्पीड़न का एक और हमला झेलना पड़ रहा है।”

ED का क्या है आरोप

रिपोर्ट के अनुसार, ED ने रॉबर्ट वाड्रा और 10 अन्य लोगों और कंपनियों के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत अभियोजन शिकायत (प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट) दायर की थी। इनके नाम पर 43 संपत्तियों को अटैच किया गया था। इसकी कीमत करीब 37.64 करोड़ रुपये बताई गई है।

ED की शिकायत के अनुसार, यह मामला गुरुग्राम पुलिस द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी से संबंधित है। इसमें कहा गया है कि रॉबर्ट वाड्रा ने अपनी कंपनी स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी के जरिए 2008 में गुरुग्राम के शिकोहपुर में 3.53 एकड़ जमीन खरीदी थी। ED का आरोप है कि इसके लिए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया था। ED ने वाड्रा और उनकी कंपनियों की कुल 43 अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है, जिनकी कीमत लगभग 37.64 करोड़ रुपए बताई गई है।

हालिया चार्जशीट शुक्रवार (18 जुलाई) को राउस एवेन्यू कोर्ट में दाखिल की गई है। मामले में कोर्ट की विशेष जज सुषांत चंगोत्रा ने चार्जशीट को संज्ञान में लेते हुए कोर्ट के रिकॉर्ड कीपर को दस्तावेजों की जाँच करने के बाद रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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