Homeराजनीतिलखीमपुर के नाम पर सपा का पूरे UP में उत्पात: लखनऊ में फूँका पुलिस...

लखीमपुर के नाम पर सपा का पूरे UP में उत्पात: लखनऊ में फूँका पुलिस वाहन तो बहराइच में जलाया CM योगी का पुतला

लखीमपुर में एहतियात के लिए धारा 144 लगाए जाने के बाद भी अखिलेश यादव व शिवपाल सिंह यादव घटनास्थल पर जाने की जिद पर अड़े हुए थे। एहतियातन उन्हें हिरासत में ले लिया गया जिसके बाद उनके तमाम समर्थक सड़कों पर उतर कर हिंसक गतिविधियाँ शुरू कर दिए।

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर में कथित किसानों द्वारा की गई हिंसा के बाद इस मामले को तमाम राजनीतिक दलों द्वारा तूल दिया जाने लगा है। कॉन्ग्रेस पार्टी की प्रियंका गाँधी ने कल खुद को लखीमपुर जाने से रोकने वाले पुलिस बल से लंबी बहस की तो अब समाजवादी पार्टी ने लखीमपुर के नाम पर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में हिंसक गतिविधियाँ शुरू कर दी है।

लखीमपुर में एहतियात के लिए धारा 144 लगाए जाने के बाद भी अखिलेश यादव व शिवपाल सिंह यादव घटनास्थल पर जाने की जिद पर अड़े हुए थे। एहतियातन उन्हें हिरासत में ले लिया गया जिसके बाद उनके तमाम समर्थक सड़कों पर उतर कर हिंसक गतिविधियाँ शुरू कर दिए।

एहतियातन हिरासत में लिए गए अखिलेश यादव

आजतक की रिपोर्ट के अनुसार अखिलेश यादव के घर के बगल गौतमपल्ली क्षेत्र में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पुलिस की एक जीप को आग लगा दी है।

धूँ-धूँ जलती पुलिस जीप को पानी डाल कर बुझाने का प्रयास करते पुलिसकर्मी

इसी क्रम में UP के जिला कन्नौज में सड़क को समाजवादी पार्टी के समर्थकों ने जाम कर दिया और अखिलेश के नाम पर जान है कुर्बान के नारे लगाए और हंगामा किया।

नीचे दिए गए ट्वीट में देखिए कि धारा 144 लागू होने के बाद भी कितने बड़े काफिले और लाव लश्कर के साथ लखीमपुर के लिए निकले थे शिवपाल सिंह यादव।

समाजवादी पार्टी का आधिकारिक हैंडल इस मामले में एक विजुअल के साथ ट्वीट कर रहा है कि जो भी समाजवादी जहाँ भी हों वहीं धरने पर बैठ जाएँ।

UP के बहराइच में अखिलेश यादव समर्थकों ने भगवा वस्त्रों में जलाया मुख्यमंत्री योगी का पुतला

वहीं उत्तर प्रदेश के ही जिला फतेहपुर में समाजवादी कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव कर के प्रशासकीय कार्यों में बाधा पहुँचाई।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -