Saturday, July 20, 2024
Homeराजनीतिडमरू बजाया, शंख फूँका, आरती की : पार्वती कुंड और आदि कैलाश के दर्शन...

डमरू बजाया, शंख फूँका, आरती की : पार्वती कुंड और आदि कैलाश के दर्शन करने वाले पहले PM बने मोदी, कहा- मन आह्लादित

"उत्तराखंड में पिथौरागढ़ के पवित्र पार्वती कुंड में दर्शन और पूजन से अभिभूत हूँ। यहाँ से आदि कैलाश के दर्शन से भी मन आह्लादित है।"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार (12 अक्टूबर, 2023) सुबह उत्तराखंड के पिथौरागढ़ पहुँचे, यहाँ उन्होंने कैलाश व्यू पॉइंट से आदि कैलाश के दर्शन किए। यह व्यू पॉइंट जोलिंगकोंग इलाके में है जहाँ से कैलाश पर्वत साफ नजर आता है। इसके लिए अब चीन के कब्जे वाले तिब्बत जाने की जरूरत नहीं होगी। राज्य के विकास परियोजनाओं के लिए करोड़ों की सौगात देने देवभूमि उत्तराखंड पहुँचे पीएम मोदी ने पार्वती कुंड में पूजा-अर्चना की।

पवित्र आदि-कैलाश से लिया आशीर्वाद

प्रधानमंत्री मोदी ने पवित्र आदि-कैलाश से आशीर्वाद भी लिया। उत्तराखंड में स्थित आदि कैलाश, हिंदुओं के लिए सबसे पवित्र स्थलों में से एक है। इस बारे में जानकारी देते हुए पुजारी गोपाल सिंह कुटियाल बताते हैं, “आदि कैलाश वह पर्वत माना जाता है जहाँ शिव और पार्वती कैलाश पर्वत पर समाधि लेने के लिए जाते समय रुके थे।”

पार्वती कुंड में की पूजा-अर्चना  

बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी देश के पहले PM हैं, जिन्होंने उत्तराखंड से लगी भारत-चीन सीमा पर स्थित आदि कैलाश पर्वत का इतने करीब से साक्षात दर्शन किया। इसके पहले उन्होंने पिथौरागढ़ में पार्वती कुंड में विशेष पूजा अर्चना की है। उन्होंने मंदिर में आरती की, शंख और डमरू भी बजाया।

मंदिर में पीएम मोदी ने पहले पुजारी से कलावा भी बँधवाया। पीएम मोदी ने वहीं मंदिर के बाहर सरोवर के पास बैठकर पूजा अर्चना की। इस दौरान उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी उनके साथ नजर आए।

मंदिर में दर्शन पूजन के बाद उन्होंने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट किया, “उत्तराखंड में पिथौरागढ़ के पवित्र पार्वती कुंड में दर्शन और पूजन से अभिभूत हूँ। यहाँ से आदि कैलाश के दर्शन से भी मन आह्लादित है। प्रकृति की गोद में बसी अध्यात्म और संस्कृति की इस स्थली से अपने देश के सभी परिवारजनों के सुखमय जीवन की कामना की।”

दरअसल, पार्वती कुंड एक पवित्र झील है जो आदि कैलाश के शिखर के पास 4,497 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है। झील के तट पर भगवान शिव और देवी पार्वती का एक मंदिर स्थित है। इसी मंदिर में गुरुवार को प्रधानमंत्री मोदी ने दर्शन किए। इस दौरान उत्तराखंडी वेशभूषा में पीएम मोदी नजर आए। उन्होंने सिर पर पगड़ी बाँध रखी है। जिसकी तस्वीरें और वीडियो भी सामने आए हैं। 

शिव धाम का होगा विकास 

कैलाश दर्शन के बाद पीएम मोदी उत्तराखंड में धारचूला से 70 किमी दूर और 14000 फीट ऊपर बसे गुंजी गाँव पहुँचे। यहाँ उन्होंने स्थानीय लोगों से मुलाकात की। रिपोर्ट के अनुसार, यह गाँव अगले दो साल में बड़े धर्म नगर शिव धाम के रूप में विकसित हो जाएगा।

कैलाश व्यू प्वाइंट, ओम पर्वत और आदि कैलाश के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं का धारचूला के बाद यही सबसे बड़ा और अहम पड़ाव होगा। उनकी सुविधा के लिए यहाँ बड़े यात्री निवास, होटल बनेंगे।  यहीं पर उन्होंने सेना, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) और सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के कर्मियों के साथ बातचीत भी की।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी आज ही अल्मोडा के जागेश्वर भी पहुँचेंगे, जहाँ वह जागेश्वर धाम में पूजा और दर्शन करेंगे। लगभग 6200 फीट की ऊँचाई पर स्थित, जागेश्वर धाम में लगभग 224 छोटे-बड़े पत्थर के मंदिर शामिल हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

दिल्ली हाईकोर्ट ने शिव मंदिर के ध्वस्तीकरण को ठहराया जायज, बॉम्बे HC ने विशालगढ़ में बुलडोजर पर लगाया ब्रेक: मंदिर की याचिका रद्द, मुस्लिमों...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने मकबूल अहमद मुजवर व अन्य की याचिका पर इंस्पेक्टर तक को तलब कर लिया। कहा - एक भी संरचना नहीं गिराई जाए। याचिका में 'शिवभक्तों' पर आरोप।

आरक्षण पर बांग्लादेश में हो रही हत्याएँ, सीख भारत के लिए: परिवार और जाति-विशेष से बाहर निकले रिजर्वेशन का जिन्न

बांग्लादेश में आरक्षण के खिलाफ छात्र सड़कों पर उतर आए हैं। वहाँ सेना को तैनात किया गया है। इससे भारत को सीख लेने की जरूरत है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -