HomeराजनीतिRSS को 'निकरवाला' बोला राहुल गाँधी ने, 'लिकरवाला' सुन जनता हुई 'मस्त': इस लेटेस्ट...

RSS को ‘निकरवाला’ बोला राहुल गाँधी ने, ‘लिकरवाला’ सुन जनता हुई ‘मस्त’: इस लेटेस्ट Video में है बहुत मजा

राहुल गाँधी निशाना साध रहे थे RSS पर, लेकिन अनुवादक ने उसका तमिल अनुवाद कुछ ऐसा करके जनता को सुनाया - "शराब बेचने वाले राज्य का भविष्य कभी भी..."

राहुल गाँधी एक पैकेज हैं, एंटरटेंमेंट पैकेज… खास कर जब वो बोलते हैं, तो बहुत मजा देते हैं। उनकी रैलियों के मजे देने वाले वीडियो आप खोजेंगे एक मिलेंगे ग्यारह! अब एक और वीडियो जुड़ गया है, एकदम लेटेस्ट।

24 जनवरी 2021 यानी रविवार का दिन था। वायनाड सांसद राहुल गाँधी तमिलनाडु के धारापुरम में एक रैली को संबोधित कर रहे थे। तभी का है यह मजेदार वीडियो

ऊपर लगे ट्वीट के वीडियो को देखें। लगभग 56 सेकंड के आस-पास इसमें राहुल गांधी आरएसएस का जिक्र करते हैं। वो कहते हैं, “नागपुर के निकरवाले राज्य का भविष्य कभी नहीं तय कर सकते।”

मामला यहाँ तक ठीक है। लेकिन राहुल को सुनने वाली जनता के लिए एक अनुवादक रखा गया था। उसने संदर्भ समझा ही नहीं और निकरवाला के बजाय उसने लिकरवाला सुन कर इसका तमिल अनुवाद कुछ ऐसा करके जनता को सुनाया – “नागपुर के शराब बेचने वाले राज्य का भविष्य कभी नहीं तय कर सकते।”

सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इस गलत अनुवाद की ओर इशारा भी किया। लोगों ने यह भी बताया कि कैसे तमिल न समझने के कारण राहुल गाँधी आगे भी लोगों को मजे देते रहे।

राहुल गाँधी के अनुवादक मो. इमरान बेहोश

राहुल गाँधी ने तमिलनाडु दौरे पर कल (24 जनवरी, 2021) ही एक और खतरनाक भाषण दिया था। उन्होंने सुझाव दिया था कि अगर भारत के किसान, श्रमिक और मजदूर मजबूत होते, तो भारत को सीमाओं पर सेना, नौसेना और वायु सेना को तैनात करने की आवश्यकता नहीं होती, खासकर इंडो-चाइना बॉर्डर पर।

लेकिन यह भाषण इतना खतरनाक था कि अंग्रेजी भाषण का तमिल में अनुवाद करने वाले प्रोफेसर मंच पर ही बेहोश होकर गिर पड़े।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

हैशटैग लगाओ, दुनिया बदलो… कितना आसान है न? क्या सोशल मीडिया लोकतंत्र को बर्बाद कर रहा है?

लोकतंत्र इंसान की कमियों को स्वीकार कर समझौतों से चलता है। लेकिन सोशल मीडिया का अनियंत्रित दौर हर छोटी कमी को भ्रष्टाचार बताकर लोकतंत्र की बुनियाद पर चोट कर रहा है। कैसे आज का सोशल मीडिया और डिजिटल यूटोपियनवाद हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका है।

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।
- विज्ञापन -