Homeराजनीतिलड़कियों के कपड़े कैंची से काटे, राखी-गहने-चप्पल सब उतरवाए: राजस्थान में कुछ इस तरह...

लड़कियों के कपड़े कैंची से काटे, राखी-गहने-चप्पल सब उतरवाए: राजस्थान में कुछ इस तरह हो रही REET की परीक्षा, रोते रहे अभ्यर्थी

इस बाबत इंटरनेट सेवा भी ठप्प कर दी गई है, जिससे आम लोगों को खासा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। चेकिंग के दौरान परीक्षार्थियों के हाथों में बँधी राखी तक उतरवा ली गई।

राजस्थान अध्यापक पात्रता परीक्षा (REET 2021) की परीक्षा के दौरान सेंटरों पर लड़कियों के फुल बाजू के कपड़ों को कैंची से काट डालने का मामला सामने आया है। एक तस्वीर में देखा जा सकता है कि किस तरह REET 2021 परीक्षा सेंटर पर एक महिला पुलिसकर्मी एक महिला अभ्यर्थी के फुल बाजू को कैंची से काट कर हाफ बना रही है। CCTV के माध्यम से परीक्षा पर नजर रखी जा रही है और अधिकारी लगातार दौरा कर रहे हैं।

सीकर जिले में इस बाबत इंटरनेट सेवा भी ठप्प कर दी गई है, जिससे आम लोगों को खासा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। चेकिंग के दौरान परीक्षार्थियों के हाथों में बँधी राखी तक उतरवा ली गई। साथ ही महिलाओं से नाक-कान-गले में पहने हुए गहने भी उतरवा लिए गए। यहाँ तक कि छात्राओं के बाल के रिबन तक खुलवा लिए गए। पोद्धार स्कूल पर बने सेंटर पर पुलिस से अभ्यर्थियों की झड़प भी हुई।

एक महिला के कपड़े की बाजू काटने पर पुलिसकर्मियों से परिजन उलझ गए। परीक्षार्थियों को उनके चप्पल तक उतारने को कहा गया, जिससे उन्होंने पुलिस के साथ झड़प की। हालाँकि, स्थानीय कोतवाल ने वहाँ पहुँच कर किसी तरह मामले को शांत कराया। इतनी सुरक्षा के बावजूद कई लोग सेठ जयदेव जालान स्कूल की दीवारों पर चढ़े हुए थे, जिन्हें पुलिस ने खदेड़ कर भगाया। तब जाकर वहाँ से लोग भागे।

परीक्षा के नियमों को इतना कड़ा कर दिया गया है कि कुछ मिनटों की देरी पर आने के बाद परीक्षार्थियों को अंदर प्रवेश तक नहीं दिया गया। कई छात्राएँ परीक्षा हॉल में न जाने दिए जाने के कारण बाहर ही रोती रहीं। उनके परिजन उन्हें ढाँढ़स बँधाते रहे। वो गुहार लगाते रहे कि उन्हें भीतर जाने दिया जाए, लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ। ‘आज तक’ ने इस सम्बन्ध में खबर प्रकाशित की है और परीक्षा सेंटरों का हाल बताया है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘मोदी जी की सीता कौन हैं’: संसद में सनातन का मखौल बना नहीं भरा कॉन्ग्रेस का मन तो अब माता सीता का कर रही...

राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा से दूरी, राहुल गाँधी के बयान और प्रमोद तिवारी के 'मोदी की सीता' वाले बयान तक। पढ़िए कॉन्ग्रेस पर उठते सवाल।

जूडो में पहली बार गोल्ड, बॉक्सिंग में रिकॉर्ड 7 स्वर्ण और पैरा खिलाड़ियों का धमाका: ग्लासगो में भारत के 39 पदकों की पूरी कहानी

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने 13 स्वर्ण सहित 39 पदक जीतकर चौथा स्थान हासिल किया। कई खेलों में ऐतिहासिक प्रदर्शन दर्ज किया।
- विज्ञापन -