Homeराजनीतिबंगाल में कॉन्ग्रेस प्रत्याशी रिजाउल हक की कोरोना से मौत: 1 दिन में 5892...

बंगाल में कॉन्ग्रेस प्रत्याशी रिजाउल हक की कोरोना से मौत: 1 दिन में 5892 केस, हाईकोर्ट ने DM-SP को दिया आदेश

लेफ्ट-कॉन्ग्रेस गठबंधन के बावजूद समशेरगंज सीट पर दोनों आमने-सामने। लेफ्ट ने इस क्षेत्र से मोदस्सर हुसैन को टिकट दिया था, वहीं कॉन्ग्रेस ने रिजाउल हक को चुनावी मैदान में उतारा था। रिजाउल हक की मौत से...

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में कोरोना संक्रमण के कारण एक कॉन्ग्रेस प्रत्याशी की मौत हो गई। जिले के समशेरगंज विधानसभा सीट से कॉन्ग्रेस उम्मीदवार रिजाउल हक ने कोलकाता के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान अपना दम तोड़ा। संक्रमित होने के बाद से रिजाउल का इलाज प्राइवेट अस्पताल में चल रहा था।

राज्य के कॉन्ग्रेस सचिव रोहन मित्रा ने स्वंय पार्टी के प्रत्याशी रिजाउल हक के निधन की जानकारी दी। रोहन ने ट्वीट कर बताया, “मुर्शिदाबाद जिले की समशेरगंज विधानसभा से कॉन्ग्रेस उम्मीदवार रिजाउल हक का निधन कल रात कोरोना की वजह से हो गया! हम जिस वास्तविकता का सामना कर रहे हैं, उसको समझिए, इस साल जिंदा बचिए।”

बता दें कि कोरोना काल में हो रहे बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच रिजाउल हक की मौत मतदान के पाँचवे चरण से पहले हुई है। राज्य में लेफ्ट और कॉन्ग्रेस के गठबंधन के बावजूद समशेरगंज सीट पर दोनों आमने-सामने थे। लेफ्ट ने इस क्षेत्र से मोदस्सर हुसैन को टिकट दिया था, वहीं कॉन्ग्रेस ने रिजाउल हक को चुनावी मैदान में उतारा था।

उल्लेखनीय है कि देश के अन्य राज्यों की तरह बंगाल में भी कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है। बुधवार को वहाँ 5,892 नए मामले दर्ज किए गए जबकि 24 मौतें भी हुईं।

कोलकाता हाईकोर्ट ने जिलाधिकारियों से राजनीतिक कार्यक्रमों में कोरोना स्थिति पर नजर रखने को कहा है। अदालत ने कहा कि बंगाल में चुनावी कार्यक्रम के दौरान कोरोना नियमों का सख्ती से पालन कराने की जिम्मेदारी जिलाधिकारी और चुनाव अधिकारियों की है, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के लिए धारा 144 भी लागू कर दें।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

राम मनोहर लोहिया के सिद्धांतों से भटकी समाजवादी पार्टी, ‘PDA’ के नाम पर सिर्फ ‘MY’ समीकरण को तरजीह: समझिए कैसे दलितों की अनदेखी कर...

सामाजिक न्याय का दावा करने वाली सपा आज भी अपने पुराने ढर्रे पर चल रही है, जिससे उसका 'PDA' का रैपर महज एक चुनावी चुनावी हथकंडा नजर आता है।

असल बात को छुपाओ, शब्दों का हेर-फेर कर प्रोपेगेंडा फैलाओ: UP को बदनाम करने के लिए ये है NewsLaundry की ट्रिक, जानिए कैसे प्रस्तावित...

हर राज्य में सभी MoU हकीकत में नहीं बदलते। कुछ परियोजनाएँ सफल होती हैं और कुछ निरस्त होती हैं। इससे पूरे निवेश मॉडल को ही फर्जी कह देना गलत है।
- विज्ञापन -