Thursday, July 25, 2024
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शशि थरूर को बाहर कर सकती है कॉन्ग्रेस, पार्टी लाइन से हट कर बोलने का मामला, केरल कॉन्ग्रेस ने कहा- दायरे में रहें

“थरूर पार्टी में केवल एक सदस्य हैं। अगर वह पार्टी के फैसले के दायरे में रहते हैं तो पार्टी का हिस्सा रहेंगे। अगर वह ऐसा नहीं करते हैं तो पार्टी में नहीं रहेंगे।"

केरल प्रदेश कॉन्ग्रेस कमेटी के प्रमुख के सुधाकरन ने रविवार (26 दिसंबर 2021) को अपनी ही पार्टी के सांसद शशि थरूर के खिलाफ कार्रवाई करने की चेतावनी देते हुए कहा कि वह पार्टी में केवल एक व्यक्ति हैं, पूरी कॉन्ग्रेस नहीं। अगर वह पार्टी लाइन का पालन नहीं करते हैं तो उन्हें पार्टी से बाहर जाना होगा। 

सुधाकरन अपने गृहनगर कन्नूर में थरूर द्वारा उठाए गए राजनीतिक रुख का जवाब देते हुए संवाददाताओं से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उन्हें राज्य सरकार द्वारा लागू की जा रही विवादास्पद हाई-स्पीड रेल परियोजना पर अध्ययन के लिए और समय चाहिए।

इस दौरान उन्होंने एक सवाल का जवाब देते हुए कहा, “थरूर पार्टी में केवल एक सदस्य हैं। अगर वह पार्टी के फैसले के दायरे में रहते हैं तो पार्टी का हिस्सा रहेंगे। अगर वह ऐसा नहीं करते हैं तो पार्टी में नहीं रहेंगे। यह सभी के लिए लागू है, चाहे वह शशि थरूर हों या के सुधाकरन। पार्टी का हिस्सा होने वाले किसी भी व्यक्ति को संगठन द्वारा लिए गए निर्णयों का विरोध या अस्वीकार करने का अधिकार नहीं है। ऐसा अधिकार किसी को नहीं दिया गया है, सांसद को भी नहीं। कॉन्ग्रेस सिर्फ एक शशि थरूर नहीं है।”

बता दें कि केरल में ‘सेमी-हाई स्पीड रेल कॉरिडोर’ के खिलाफ पार्टी सांसदों द्वारा केंद्र को लिखे जाने वाले पत्र पर हस्ताक्षर करने से इनकार करने और हाल ही में मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की खुलेआम तारीफ करने के बाद से थरूर प्रदेश इकाई के नेताओं की आलोचनाओं का सामना कर रहे हैं। सुधाकरन ने कहा कि थरूर से लिखित स्पष्टीकरण माँगा गया है। स्पष्टीकरण मिलने के बाद ही आगे का निर्णय लिया जाएगा।

अपनी पार्टी के सहयोगियों की आलोचना का जवाब देते हुए थरूर ने ट्वीट किया था कि कुछ मुद्दों पर राजनीतिक मतभेदों को अलग रखना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा था कि वह सिल्वर लाइन परियोजना पर अध्ययन करने के बाद अपनी राय देंगे।

कॉन्ग्रेस के नेतृत्व वाली विपक्षी संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) एलडीएफ सरकार की महत्वाकांक्षी सिल्वर लाइन रेल गलियारा परियोजना का विरोध कर रही है। विपक्षी गठबंधन ने आरोप लगाया है कि यह परियोजना अवैज्ञानिक और अव्यावहारिक है। हालाँकि सतारूढ़ सीपीएम ने स्पष्ट कर दिया है कि वह इस परियोजना पर किसी भी कीमत पर आगे बढ़ेगी क्योंकि उसने अपने चुनाव घोषणा पत्र में इस परियोजना का वादा किया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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