Thursday, July 29, 2021
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एक 17 साल के लड़के को पुलिस ने मारी गोली, ऐसा बंगाल में ही हो रहा है: BJP नेता अहलूवालिया

भाजपा प्रतिनिधिमंडल के वहाँ से वापस जाने के बाद पश्चिम बंगाल के भाटपारा में फिर से झड़पें हुईं, बम फेंके गए, हिंसा को रोकने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया। उत्तर 24 परगना के प्रभावित इलाकों में तनाव को देखते हुए धारा 144 लागू कर दी गई।

पश्चिम बंगाल में लोकसभा चुनाव को दौरान शुरू हुई हिंसा रुकने का नाम नहीं ले रही है। बंगाल के उत्तर 24 परगना के भाटपारा में हुई हिंसा के बाद हालात का जायजा लेने के लिए शनिवार (जून 22, 2019) को भाजपा सांसद एसएस अहलूवालिया के नेतृत्व में तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भाटपारा पहुँचा। इस दौरान लोगों ने पुलिस और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोगों ने पुलिस और ममता बनर्जी के खिलाफ हाय-हाय के नारे लगाए।

जानकारी के मुताबिक, भाजपा प्रतिनिधिमंडल के वहाँ से वापस जाने के बाद पश्चिम बंगाल के भाटपारा में फिर से झड़पें हुईं, बम फेंके गए, हिंसा को रोकने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया। उत्तर 24 परगना के प्रभावित इलाकों में तनाव को देखते हुए धारा 144 लागू कर दी गई। एसएस अहलूवालिया ने कहा कि भाटपारा में हुई हिंसा से केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह काफी दुखी हैं। ऐसी घटनाएँ केवल पश्चिम बंगाल में हो रही हैं। वो इस बारे में संबंधित व्यक्तियों से बात करेंगे और गृह मंत्री को रिपोर्ट सौंपेंगे।

आगे अहलूवालिया ने कहा कि 17 साल के एक लड़के को उस समय गोली मारी गई जब वह कुछ खरीदने जा रहा था। पुलिस ने प्वाइंट ब्लैंक रेंज से उसके सिर में गोली मार दी। एक वेंडर की गोली लगने से मौके पर ही मौत हो गई। तीसरा अस्पताल में है। 7 लोगों को गोली लगी। पुलिस गुंडों के लिए डंडे और निर्दोष लोगों के लिए गोलियों का इस्तेमाल करती है। इसकी जाँच होनी चाहिए। पुलिस ने मासूम लोगों को गोली मार दी। पुसिल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर कहा था कि उन्होंने हवाई फायरिंग का सहारा लिया था। अगर ऐसा था तो गोली लोगों के शरीर में के अंदर कैसे घुस गई? ये बड़े ही दुर्भाग्य की बात है। इससे छोटे विक्रेताओं के परिवार खत्म हो गए।

पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के भाटपाड़ा में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। धारा 144 लागू होने के बावजूद शुक्रवार (जून 21, 2019) को दो बाइक सवारों ने देसी बम फोड़कर तनाव और बढ़ा दिया। हिंसा के चलते भाटपाड़ा और काकीनाड़ा में कई लोग घर छोड़कर सुरक्षित जगहों पर चले गए हैं।

वहाँ पर इंटरनेट सेवाएँ बंद कर दी गई हैं और भारी तादाद में पुलिस व रैपिड एक्शन फोर्स को तैनात किया गया है। सत्तारूढ़ टीएमसी और भाजपा से संबद्ध दो गुटों के बीच बृहस्पतिवार (जून 20, 2019) को हुई हिंसा में दो लोगों की मौत हो गई थी और 11 घायल हो गए थे। भाजपा ने राज्य प्रशासन पर टीएमसी के कार्यकर्ताओं की तरह काम करने का आरोप लगाया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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