Saturday, July 13, 2024
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मुस्लिमों के प्रभाव वाले इलाके में BJP नेता के घर पर हमला, ताबड़तोड़ फायरिंग: TMC को ठहराया जिम्मेदार

दिग्विजय सिंह ने बताया कि रंगापाड़ा मुस्लिमों के प्रभाव वाला इलाका है, जहाँ भाजपा कार्यकर्ताओं को डर के साए में जीना पड़ता है। पिछले साल 2020 में भी उन पर इसी तरह हमला किया गया था, लेकिन वो किसी तरह उस हमले में बच निकले थे।

पश्चिम बंगाल में एक बार फिर से भाजपा नेता पर हमला है और आरोप तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC ) के गुंडों पर लगे हैं। मंगलवार (मार्च 23, 2021) को कुछ अज्ञात हमलावरों ने भाजपा के युवा नेता दिग्विजय सिंह के घर के बाहर फायरिंग की। उनका घर आसनसोल साउथ के रंगापारा में स्थित है। हमलवार आधा दर्जन की संख्या में थे और गोलीबारी करने के बाद वो वहाँ से भाग खड़े हुए।

हमने इस पूरी घटना के बारे में जानने के लिए दिग्विजय सिंह से बात की, जिन्होंने ऑपइंडिया को बताया कि पार्टी ने उन्हें आसनसोल की विधानसभा सीटों की जिम्मेदारी दे रखी है। हमले के समय वे घर पर नहीं थे। उनके माता-पिता उसी घर में थे, जिन्होंने फोन कर उन्हें सूचना दी कि कुछ लोग घर के बाहर आकर गोलीबारी कर रहे हैं। सिंह ने बताया कि उन्होंने तुरंत अपने माता-पिता को घर के सारे खिड़की-दरवाजे बंद करने को कहा।

दिग्विजय सिंह ने यह भी दोहराया कि इस बार बंगाल की जनता, खासकर युवा परिवर्तन के लिए लगा हुआ है और वो इस तरह की धमकियों से डरने वाला नहीं है। उन्होंने बताया कि रंगापाड़ा मुस्लिमों के प्रभाव वाला इलाका है, जहाँ भाजपा कार्यकर्ताओं को डर के साए में जीना पड़ता है। पिछले साल 2020 में भी उन पर इसी तरह हमला किया गया था, लेकिन वो किसी तरह उस हमले में बच निकले थे।

दिग्विजय सिंह की माँ भी इस हमले के बाद अपने बेटे को लेकर चिंतित हैं, लेकिन उन्होंने कहा है कि पूरा परिवार इस घटना में मजबूती से खड़ा है और राज्य में परिवर्तन होकर रहेगा। पिछले 2 दिनों में ये अकेले घटना नहीं है, इसके अगले ही दिन बुधवार को सुबह-सुबह कूचबिहार जिले में भाजपा मंडल अध्यक्ष का शव दिनहाटा में पार्टी कार्यालय के पास पाया गया। इसी तरह कोलकाता के सोनारपुर में एक भाजपा कार्यकर्ता विकास नस्कर का शव पेड़ से लटकता मिला था। 

भाजपा युवा मोर्चा के उपाध्यक्ष दिग्विजय सिंह का घर हीरापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत पड़ता है। देर रात हमले की खबर के बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुँची और जाँच-पड़ताल की। वहीं विधायक जितेंद्र तिवारी और भाजपा नेता कृष्णेंदु मुखर्जी ने दिग्विजय सिंह के आवास पर पहुँच कर इस घटना की निंदा की। दिग्विजय ने बताया कि बाइक सवार बदमाशों ने आकर घर का दरवाजा भी खटखटाया था। इसके अगले ही दिन उनके घर पर मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का कार्यक्रम तय था।

माना जा रहा है कि मिश्रा का कार्यक्रम न हो, इसीलिए फायरिंग कर डराया गया। दिग्विजय सिंह का कहना है कि उन्हें कई बार धमकियाँ भी मिलती रही हैं और गुंडागर्दी का आलम ये है कि अगर कोई उनके साथ तस्वीर पोस्ट कर देते है तो उसके घर जाकर धमकाया जाता है। वो पिछले कई वर्षों से भाजपा के लिए काम कर रहे हैं।

घटना के अगले दिन नरोत्तम मिश्रा तय कार्यक्रम के अनुसार वहाँ पहुँचे। नरोत्तम मिश्रा ने कहा, “शेर के बच्चे अगर सियार के दहशत से डर जाएँगे तो भला वो जंगल में कैसे रह पाएँगे। भाजपा का कोई भी कार्यकर्ता इन धमकियों से डरने वाला नहीं है और सभी कार्यकर्ता मजबूती से एक साथ खड़े हैं। अमित शाह की इन घटनाओं पर पैनी नजर है और वो सत्ता हाथ में आते ही कार्रवाई करेंगे। 2 मई को ममता बनर्जी की विदाई के साथ ही अराजक तत्वों को उनके स्थान पर पहुँचाया जाएगा।”

एक हफ्ता भी नहीं हुआ जब कुछ ही दिन पहले ही उत्तर कोलकाता के युवा टीएमसी सचिव वसीम अहमद के नेतृत्व में कुछ लोगों ने सांसद बाबुल सुप्रियो की कार को घेर लिया था और नारेबाजी करने लगे थे। भाजपा सांसद किसी तरह वहाँ से निकलने में कामयाब रहे थे।

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अनुपम कुमार सिंह
अनुपम कुमार सिंहhttp://anupamkrsin.wordpress.com
भारत की सनातन परंपरा के पुनर्जागरण के अभियान में 'गिलहरी योगदान' दे रहा एक छोटा सा सिपाही, जिसे भारतीय इतिहास, संस्कृति, राजनीति और सिनेमा की समझ है। पढ़ाई कम्प्यूटर साइंस से हुई, लेकिन यात्रा मीडिया की चल रही है। अपने लेखों के जरिए समसामयिक विषयों के विश्लेषण के साथ-साथ वो चीजें आपके समक्ष लाने का प्रयास करता हूँ, जिन पर मुख्यधारा की मीडिया का एक बड़ा वर्ग पर्दा डालने की कोशिश में लगा रहता है।

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