90 के दशक में बनी मंदिर निर्माण की योजना
मुरुगन मंदिर निर्माण की योजना 90 के दशक में बनाई गई। इस योजना पर अमल करते हुए 2018 में दुनिया का सबसे ऊँचा मुरुगन भगवान की प्रतिमा के लिए भूमि तय की गई। इस भूमि पर भव्य मंदिर और भगवान मुरुगन की प्रतिमा के अलावा तमिल संस्कृति से जुड़ा संग्रहालय और एक तमिल लाइब्रेरी बनाई जा रही है।
अमेरिका में भगवान मुरुगन को समर्पित ये पहला मंदिर होगा। ये वाशिंगटन डीसी से करीब 5 मील दूर मैरीलैंड के लैनहम में स्थित है। यहाँ हर हिन्दू तीज-त्यौहारों, खास कर तमिल त्यौहारों पर कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। 35 फुट के चबूतरे के साथ इस प्रतिमा की कुल ऊंचाई 190 फुट होगी।
करीब 130 एकड़ के आवासीय जमीन पर बन रहे 155 फीट ऊँचे हिन्दू भगवान की प्रतिमा बनाए जाने पर कई सवाल खड़े किए जा रहे हैं। अमेरिका में इतनी ‘बड़ी जमीन’ दिए जाने से लेकर फंडिंग तक पर सोशल मीडिया में सवाल पूछे गए हैं। कहा जा रहा है कि मंदिर निर्माण की इजाजत किसने दी?
This is not what the Founding Fathers envisioned when they wrote the First Amendment…. https://t.co/tOwSKYuMWa
— Alexander Duncan (@AlexDuncanTX) November 1, 2025
मंदिर निर्माण के लिए इजाजत की जरूरत नहीं
जानकारी के मुताबिक मंदिर बनाने के लिए किसी अनुमोदन की जरूरत नहीं है। दूसरे पूजा स्थलों की तरह यहाँ मंदिर निर्माण किया गया है। काउंटी के अध्यादेशों के तहत ऐसा किया गया है। सोशल मीडिया एक्स पर एक यूजर ने लिखा, “यह भूमि R-1 आवासीय क्षेत्र में है, जिसका अर्थ है कि मंदिर को, अन्य पूजा स्थलों की तरह, काउंटी के अध्यादेशों के तहत काउंटी के योजना बोर्ड या आयुक्त बोर्ड से अनुमोदन की आवश्यकता नहीं है।”
एक स्वतंत्र पत्रकार स्टीफन हॉन ने आरोप लगाया है कि मंदिर का निर्माण अभी जारी है। इस बीच आयोजकों ने ‘आशीर्वाद’ के रूप में साड़ी बाँटकर फंड जमा करना शुरू कर दिया है।
“हिंदुओं ने एक विशाल मंदिर के लिए सौ एकड़ से ज्यादा जमीन हासिल कर ली है। तमिलों की योजना यहाँ दुनिया के सबसे बड़े ‘युद्ध भगवान मुरुगन’ की प्रतिमा बनाने की है, जो स्टेट्यू ऑफ लिबर्टी से ऊँची होगी”
?HOLY CRAP!!!
— Matt Van Swol (@matt_vanswol) November 1, 2025
Hindus in North Carolina have acquired over 130 acres of residential land and are CURRENTLY building a MASSIVE temple with plans for a 155-foot statue of Lord Murugan, the Hindu god of war.
The statue will be taller than the Statue of Liberty…
WHAT?!!!!!!! pic.twitter.com/2FtYNgClmB
हॉन का कहना है कि कोरोलीना मुरुगन मंदिर क्षेत्र काफी अविकसित है। हालाँकि आयोजक लाखों डॉलर जुटाने के लिए कई तरह के कार्यक्रम कर रहा है। ‘आशीर्वाद साड़ी’ भी उनमें से एक है।
अमेरिका के जाने माने वैज्ञानिक और पूर्व न्यूक्लियर साइंटिस्ट मैट वैन भी आश्चर्य व्यक्त करते हुए कह रहे हैं कि यह प्रतिमा स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी से ऊँची होगी।
?HOLY CRAP!!!
— Matt Van Swol (@matt_vanswol) November 1, 2025
Hindus in North Carolina have acquired over 130 acres of residential land and are CURRENTLY building a MASSIVE temple with plans for a 155-foot statue of Lord Murugan, the Hindu god of war.
The statue will be taller than the Statue of Liberty…
WHAT?!!!!!!! pic.twitter.com/2FtYNgClmB
अमेरिका की हकीकत ये है कि यहाँ 150 फीट से ज्यादा ऊँची कई चर्च मौजूद हैं। उनका भव्य परिसर है जो सैकड़ों एकड़ में फैला हुआ है। इसकी तुलना स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी से नहीं की जाती, लेकिन भव्य मंदिर पर अमेरिका के कट्टरपंथी संगठनों और रेसिस्टों की नजर टेढ़ी हो गई है।
एक्स पर एक यूजर ने मंदिर का समर्थन करते हुए लिखा कि अमेरिका में ऐसे दर्जनों 150 फीट से ज्यादा लंबी मेगा चर्च हैं और इनकी पार्किंग एयरपोर्ट से ज्यादा बड़ी है। एक हिन्दू देवता की बड़ी प्रतिमा बनाई जा रही है और भव्य मंदिर बनाया जा रहा है। इसका इतना विरोध क्यों। धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार सबके लिए है।
America has dozens of 150-foot crosses and mega-churches with parking lots the size of airports.
— Peter A Patriot (@PeterAPatriot) November 1, 2025
A Hindu statue goes up, suddenly it’s “HOLY CRAP.”
Freedom of religion is supposed to apply to everyone, remember?
हनुमान मंदिर का हुआ विरोध
अमेरिका के टेक्सस में 90 फीट के हनुमान प्रतिमा बनने का भी विरोध हुआ था। यहाँ तक कि रिपब्लिकन नेता एलेक्जेंडर डंकन ने महाबली हनुमान को ‘झूठा हिंदू भगवान’ कहा। उन्होंने यहाँ तक दावा किया कि अमेरिका जैसे ‘ईसाई देश’ में मूर्तियाँ नहीं बननी चाहिए। रिपब्लिकन नेता के इस बयान का हिन्दू संगठनों ने जमकर विरोध किया।
अमेरिका को ‘ईसाई राष्ट्र’ कहने पर लोगों ने राष्ट्रपति ट्रंप की पार्टी के इस नेता के खिलाफ कार्रवाई का दबाव भी बनाया।
उपराष्ट्रपति वेंस जता चुके हैं हिन्दू पत्नी के ‘धर्मपरिवर्तन’ की इच्छा
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने पत्नी उषा वेंस के हिन्दू धर्म छोड़कर ईसाइयत स्वीकार करने को लेकर बयान दिया था। ट्रंप के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति पद के दावेदार माने जाने वाले जेडी वेंस के बयान के बाद ये चर्चा दुनियाभर में छिड़ी हुई है कि अमेरिका की ‘फर्स्ट लेडी’ का ईसाई होना जरूरी है क्या?
जेडी वेंस ने अपने राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के मद्देनजर पत्नी के हिन्दू रीति रिवाज मानने पर सवाल खड़े किए और भविष्य में ईसाइयत स्वीकार कर लें, ऐसी इच्छा जताई। 29 अक्टूबर को मिसिसिपी के एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि उषा वेंस ईसाइयत स्वीकार कर लेंगी। उन्होंने कहा कि उन्हें उषा के आस्था से कोई समस्या नहीं है। लेकिन उषा उनके साथ हर रविवार को चर्च जाती हैं। जैसे जेडी चर्च जाते-जाते ईसाइयत की गोस्पेल की ओर आकर्षित हुए, उसी तरह से उनकी पत्नी भी ईसाइयत को मान लेंगी और हिन्दू धर्म छोड़ देंगी।
अमेरिका के हिन्दू संगठनों ने इसका जमकर विरोध किया। हिन्दू अमेरिकन फाउंडेशन ने कहा कि जेडी वैंस को अगर उनकी पत्नी ने उनके धर्म से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया, तो वे ऐसा क्यों नहीं कर सकते?
हमें ये नहीं भूलना चाहिए कि ये वही जेडी वेंस हैं, जिन्होंने पूरे हिन्दू रीति-रिवाज से ऊषा से 2014 में शादी की थी। हालाँकि जेडी वेंस की छवि एक रूढ़िवादी ईसाई नेता की रही है। लेकिन इंटरफेथ मैरिज कर उन्होंने सबको चौंकाया था।
भारत के लोग दिखा रहे आईना
भारत की चर्चा करते हुए एक यूजर ने बताया है कि यहाँ सभी धर्मों को समान अधिकार है। वक्फ बोर्ड के पास रेलवे के बाद सबसे ज्यादा जमीनें है, वही चर्च और ईसाइयत का प्रचार करने वाली संस्था के पास मंदिर से ज्यादा जमीनें हैं। तमिलनाडु के सलेम में मौजूद 65 फीट के जीसस की तस्वीर शेयर कर यूजर ने कहा कि भारत में प्रेम और भाईचारा फैलाया जाता है, आप भी प्रेम औ भाईचारा फैलाएँ।
65 feet statue of Jesus in Puthiragoundampalayam, Salem, Tamil Nadu.
— Stop Hindu Hate Advocacy Network (SHHAN) (@HinduHate) November 2, 2025
Jesus statue at Velankanni Church, Nagapattinam, Tamil Nadu.
You are spreading "love" in India.
We are spreading "love" in North Carolina!
Same to same! https://t.co/lDrxEf66cD pic.twitter.com/WuXv8uIKq7
अमेरिका में हिन्दू धर्म के खिलाफ जहर फैलाने की कोशिश लगातार हो रही है। कभी ‘हनुमान प्रतिमा’ के नाम पर तो कभी मुरुगन प्रतिमा को लेकर कट्टरपंथियों के निशाने पर हिन्दू समुदाय है।


