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फेसबुक वाली META कंपनी ‘आतंकी संगठनों’ की लिस्ट में शामिल: रूस सरकार ने लिया फैसला

रूस सरकार का यह फैसला मॉस्को कोर्ट के फैसले के बाद लिया गया जहाँ कोर्ट ने माना था कि मेटा ने रूस में चरमपंथी गतिविधियों को अंजाम दिया। उस दौरान मेटा की ओर से कहा गया था कि वो कैसी भी गतिविधि में शामिल नहीं हैं और न ही रूस के खिलाफ भय फैला रहे हैं।

रूस की सरकार ने Meta कंपनी (फेसबुक की मूल कंपनी) को ‘आतंकवादियों और चरमपंथियों’ की लिस्ट में शामिल किया है। फेडरल सर्विस फॉर फाइनेंशियल मॉनिटरिंग के एक डेटाबेस के मुताबिक, रूस ने मंगलवार को अमेरिकी कंपनी मेटा (Meta) को आतंकवादियों और चरमपंथियों की सूची में डाला।

सरकार का यह निर्णय मॉस्को कोर्ट द्वारा मार्च में आए फैसला के बाद लिया गया, जिसमें कोर्ट ने माना था कि मेटा ने रूस में चरमपंथी गतिविधियों को अंजाम दिया। मार्च महीने में मॉस्को की अदालत में मेटा के दोषी पाए जाने के बाद जून में मेटा की अपील खारिज हुई थी। उस समय मेटा ने कहा था कि वह चरमपंथी गतिविधियों में शामिल नहीं हैं। हालाँकि रूसी अधिकारियों ने मेटा के ऊपर रूस के सैन्य अभियान के दौरान रूसोफोबिया का आरोप लगाया था।

उल्लेखनीय है कि फेसबुक, इंस्टाग्राम और वॉट्सएप जैसे सभी सोशल मीडिया मेटा कंपनी के हैं। इनमें फेसबुक और इंस्टाग्राम के तो विश्व भर में यूजर्स हैं। इसके बावजूद मेटा की गतिविधियाँ देखते हुए रूस ने इस पर प्रतिबंध लगा दिया था लेकिन साथ में कहा था कि ये निर्देश व्हॉट्सएप पर लागू नहीं होता।

इसी प्रकार इंस्टाग्राम भी रूस में तब ब्लॉक हुआ था जब उसने यूक्रेन के यूजर्स को अनुमति दी थी कि वो रूस की सैन्य कार्रवाई के खिलाफ उनके प्लैटफॉर्म पर आवाज उठा सकता है। इन सबके अलावा मार्च में रॉयटर्स को एक मेल भी प्राप्त हुआ था जिससे पता चला था कि मेटा ने अपने प्लेफॉर्म पर उन पोस्ट को चलाने की अनुमति दी जिनमें लोग राष्ट्रपति पुतिन को हत्या की धमकियाँ दे रहे थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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