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जिस महिला की नग्न लाश का हमास ने निकाला जुलूस, उसकी मौत की हुई पुष्टि: आतंकियों को क्लीन-चिट देने के लिए कपड़ों और लिंग की बात कर रहा था इस्लामी गिरोह

प्रोफ़ेसर नूरुल नाम के एक अकाउंट ने शानी के मृत शरीर को नग्न घुमाए जाने पर कहा था कि हमास ने उतने ही कपड़े दिखाए हैं जितनी इजरायली महिलाएँ पहनती हैं।

इस्लामी आतंकी संगठन हमास ने जिन जर्मन महिला शानी लौक की नग्न लाश को गाजा में एक पिकअप ट्रक में डाल कर परेड करवाई थी, उनकी मौत की पुष्टि हो गई है। इससे पहले शानी की माँ ने दावा किया था कि वह जीवित हैं और गाजा के एक अस्पताल में हैं।

शानी के विषय में इजराइल के विदेश मंत्रालय ने ‘X’ (पहले ट्विटर) पर एक ट्वीट में बताया है कि इजरायली-जर्मन नागरिक शानी लौक की मौत की पुष्टि कर ली गई है। वह हमास के हमले के दिन 7 अक्टूबर 2023, के बाद से गायब थीं। फिर उनकी मौत के बाद हैवानियत का वीडियो सामने आया था।

23 वर्षीय शानी जर्मन नागरिक थीं और हमास के हमले के समय दक्षिणी इजरायल के किब्बुत्ज़ इलाके में सुपरनोवा म्यूजिक फेस्टिवल में शामिल थीं। हमास के आतंकियों ने इस फेस्टिवल पर हमला करके 260 लोगों को मार दिया था और बड़ी संख्या में लोगों को अगवा किया था। अगवा किए जाने वालों में शानी भी एक थीं।

शानी की डेड बॉडी को नग्न कर के हमास के आंतकियों ने यह कह कर प्रदर्शित किया था कि यह एक इजरायली महिला सैनिक की लाश है। हालाँकि, बाद में शानी की पहचान सामने आई थी। यह स्पष्ट नहीं हो पाया था कि जब शानी को हमास के आतंकियों ने अगवा किया था तब वह जीवित थी या मृत।

शानी की देह पिकअप ट्रक पर देख कर यह कहा गया था कि आतंकियों ने उन्हें मार दिया है लेकिन कुछ दिनों बाद ही उनकी माँ रिकार्डा ने यह दावा किया था कि उनकी बेटी गाजा के एक अस्पताल में जीवित है और गंभीर हालत में है। शानी की मौत पर सोशल मीडिया पर इस्लामी कट्टरपंथियों ने उनका मजाक उड़ाया था और उनके साथ हुई नृशंसता पर संवेदनहीनता दर्शाई थी। यहाँ तक कि शानी की देह को नग्न घुमाए जाने पर भी इसे सही ठहराया था।

एक अकाउंट ने जहाँ उसकी मृतप्राय देह के साथ बलात्कार करने की बात कही थी। ट्विटर पर लगातार घृणा फैलाने वाले अली सोहराब ने यह सिद्ध करने का प्रयास किया था शानी कोई महिला नहीं बल्कि पुरुष है।

प्रोफ़ेसर नूरुल नाम के एक अकाउंट ने शानी के मृत शरीर को नग्न घुमाए जाने पर कहा था कि हमास ने उतने ही कपड़े दिखाए हैं जितनी इजरायली महिलाएँ पहनती हैं। यहाँ तक कि ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की पूर्व पत्रकार इरेना अकबर ने भी यह कह कर हमास के पापों को धुलने का प्रयास किया था कि वह उतने ही कपड़े पहने हुए थी।

इस्लामी कट्टरपंथियों ने शानी का इन्स्टाग्राम अकाउंट खोज कर भी उस पर भद्दे कमेंट्स किए थे और उनकी मृत्यु और अगवा किए जाने का मजाक उड़ाया था। अब शानी का शव का बरामद हो गया है और यह भी स्पष्ट हो गया है कि वह मृत हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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