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यूक्रेन में एक और भारतीय छात्र की मौत, दो दिन में दूसरी घटना: इस्केमिक स्ट्रोक से पीड़ित थे पंजाब के चंदन जिंदल

इस मामले में चंदन के पिता ने भारत सरकार को पत्र लिखकर उनके बेटे के शव को वापस लाने के लिए मदद माँगी है।

रूस औऱ यूक्रेन (Russia-Ukraine War) में हो रहे महायुद्ध के बीच यूक्रेन के विनित्स्या में बुधवार (2 मार्च, 2022) को एक और भारतीय छात्र की मौत (Death) हो गई है। उसका नाम चंदन जिंदल (22) है। उसे इस्केमिक स्ट्रोक आया था। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।

चंदन जिंदल भारत में पंजाब के बरनाला के रहने वाले थे औऱ वो यूक्रेन के विनित्स्या स्थित नेशनल पाइरोगोव मेमोरियल मेडिकल यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे थे। रिपोर्ट के अनुसार, जिंदल को जब इस्केमिक स्ट्रोक आया तो तुरंत ही उन्हें विनित्स्या के इमरजेंसी अस्पताल (कीवस्का स्ट्रीट 68) में भर्ती कराया गया था। जहाँ उनकी मौत हो गई। इस मामले में चंदन के पिता ने भारत सरकार को पत्र लिखकर उनके बेटे के शव को वापस लाने के लिए मदद माँगी है।

चंदन चार साल से यूक्रेन में रह रहे थे। पिछले महीने 2 फरवरी 2022 को ही वो बीमार हो गए थे तब उनकी सर्जरी भी हुई थी। इसके बाद भारत से उनके पिता शीश कुमार और चाचा कृष्ण कुमार 7 फरवरी 2022 को उनकी देखभाल करने के लिए यूक्रेन गए थे।

गौरतलब है कि हाल ही में यूक्रेन में रह रहे कर्नाटक के छात्र अपने भूखे दोस्तों की भूख मिटाने के लिए खाना लाने के लिए बंकर से बाहर निकले थे औऱ रूसी सैनिकों ने उन्हें गोली मार दी। वो खार्कीव में रह रहे थे और जल्द ही यूक्रेन छोड़ना चाहते थे। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक नवीन चाहते तो वो यूक्रेन से कब का निकल चुके होते, लेकिन उन्होंने वहाँ रुक कर अपने जूनियर सहयोगियों को पहले निकालने का विकल्प चुना था।

यहाँ उल्लेखनीय है कि रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग के कारण सारी फ्लाइट को सस्पेंड किया गया है औऱ आसपास के देशों के जरिए भारत लगातार अपने छात्रों को वहाँ से निकालने में लगा है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस मिशन को ऑपरेशन गंगा नाम दिया है। और अपने कई मंत्रियों को इस काम में लगाया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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