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स्वीडन, डेनमार्क के बाद अब इस इस्लामी मुल्क में ही जलाई गई कुरान की 45 पुस्तकें: सड़क पर उतरे 10000 लोग, पुलिस पर भी हमला

सिलहट मेट्रोपोलिटन पुलिस आयुक्त मोहम्मद एलियास शरीफ का कहना है कि कुरान जलाए जाने को लेकर स्कूल के शिक्षक, छात्र व क्षेत्र के अन्य लोग प्रिंसिपल व अन्य आरोपित से नाराज थे।

स्वीडन और डेनमार्क के बाद अब इस्लामिक देश बांग्लादेश में कुरान की दर्जनों प्रतियाँ जलाई गईं। नुरूर रहमान और महबूब आलम नामक दो व्यक्तियों ने मिलकर इस घटना को अंजाम दिया। इसकी जानकारी सामने आने के बाद करीब 10 हजार लोगों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। साथ ही दोनों आरोपितों को मारने की कोशिश की।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कुरान जलाने के आरोप में बांग्लादेश के पूर्वोत्तर शहर सिलहट से पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया। आरोपितों की पहचान स्कूल के प्रिंसिपल नुरूर रहमान और उसके सहयोगी महबूब आलम नामक के रूप में हुई। आरोपितों का कहना है कि कुरान की प्रतियाँ बहुत पुरानी और कुछ में प्रिंटिंग मिस्टेक थी। इसलिए उन्होंने उनमें आग लगा दी। पुलिस ने दोनों के पास से कुरान की जली हुई 45 प्रतियाँ जब्त की हैं।

एएफपी ने पुलिस अधिकारी अजबहार अली शेख के हवाले से कहा है कि रविवार से लेकर सोमवार रात (6-7 अगस्त 2023) तक कुरान जलाने के विरोध में 10 हजार लोग प्रदर्शन कर रहे थे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रबर की गोलियाँ और आँसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।

Wion ने ढाका ट्रिब्यून के हवाले से कहा है कि सिलहट मेट्रोपोलिटन पुलिस आयुक्त मोहम्मद एलियास शरीफ का कहना है कि कुरान जलाए जाने को लेकर स्कूल के शिक्षक, छात्र व क्षेत्र के अन्य लोग प्रिंसिपल व अन्य आरोपित से नाराज थे। इसलिए भीड़ ने दोनों को घेरकर पिटाई कर दी। हालाँकि बाद में पुलिस ने दोनों को बचा लिया। इस दौरान गुस्साई भीड़ ने पुलिस पर भी हमला किया। हमले में 14 पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस और इस्लामवादियों के बीच हुई झड़प में कुछ अन्य लोगों के घायल होने की भी खबर है। हालाँकि घायलों की संख्या की पुष्टि नहीं हुई।

बता दें कि बीते कुछ महीनों में यूरोपीय देश स्वीडन और डेनमार्क में कई बार कुरान जलाई गई है। कई इस्लामिक देश इसका विरोध करते हुए दोनों देशों की सरकारों से रोक लगाने व कार्रवाई करने की माँग कर चुके हैं। हालाँकि स्वीडन और डेनमार्क दोनों ही देशों का कहना है कि वह देश के कानून के चलते कुछ भी नहीं कर पा रहे हैं। दरअसल, स्वीडन में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर मजबूत कानून है। इसके तहत ही लोग वहाँ कुरान जला रहे हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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