Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीय5 साल बाद मिले मोदी-जिनपिंग, भारत-चीन के बीच द्विपक्षीय बात: BRICS से 'शांति का...

5 साल बाद मिले मोदी-जिनपिंग, भारत-चीन के बीच द्विपक्षीय बात: BRICS से ‘शांति का संदेश’ दे बोले PM- आतंक पर ना हो दोहरा रवैया, मिलकर लड़ें

पीएम मोदी ने BRICS की शिखर सम्मेलन बैठक को संबोधित करने के बाद चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाक़ात भी की। यह चीन और भारत के शीर्ष नेताओं के बीच 5 साल के बाद पहली मुलाक़ात है।

प्रधानमंत्री मोदी ने रूस के कजान शहर में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन को संबोधित किया है। पीएम मोदी ने रूस में BRICS के मंच से आतंक और यूक्रेन-रूस युद्ध पर भी बात की। पीएम मोदी ने BRICS के मंच से कहा है कि आतंक पर दोहरे मानक नहीं रखे जाने चाहिए। पीएम मोदी ने यहाँ UN जैसे संस्थानों में बदलाव की बात भी उठाई। पीएम मोदी ने BRICS बैठक को संबोधित करने के बाद चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय वार्ता में हिस्सा लिया।

पीएम मोदी ने कहा, “आतंकवाद और टेरर फंडिंग से निपटने के लिए हम सभी को एक मत हो कर दृढ़ता से सहयोग देना होगा। ऐसे गंभीर विषय पर दोहरे मापदंड के लिए कोई स्थान नहीं है। हमारे देशों के युवाओं में कट्टरपंथ को रोकने के लिए हमें सक्रिय रूप से कदम उठाने चाहिए।”

पीएम मोदी ने इस दौरान यूक्रेन-रूस संघर्ष को लेकर कहा, “हम युद्ध नहीं, डायलॉग और डिप्लोमेसी का समर्थन करते हैं। और, जिस तरह हमने मिलकर कोविड जैसी चुनौती को परास्त किया, उसी तरह हम भावी पीढ़ी के सुरक्षित, सशक्त और समृद्ध भविष्य के लिए नए अवसर पैदा करने में पूरी तरह सक्षम हैं।”

BRICS में पीएम मोदी ने UN में बदलाव को लेकर कहा “हमें UNSC, WTO जैसे वैश्विक संस्थानों में सुधारों के आगे बढ़ना चाहिए। हमें ध्यान रखना चाहिए कि इस संगठन की छवि ऐसी न बने कि हम वैश्विक संस्थानों में सुधार नहीं करना चाहते बल्कि उन्हें बदलना चाहते हैं।”

पीएम मोदी ने BRICS में नए सदस्यों को शामिल करने को लेकर भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि BRICS में सभी निर्णय सर्वसम्मति से लिए जाने चाहिए और इसके संस्थापक सदस्यों की राय का भी इन निर्णयों में ध्यान रखा जाना चाहिए।

BRICS में पीएम मोदी ने इस दौरान वैश्विक चुनौतियों को लेकर कहा, “हमारी बैठक एक ऐसे समय में हो रही है जब विश्व युद्धों, संघर्षों, आर्थिक अनिश्चितता, जलवायु परिवर्तन, आतंकवाद जैसी अनेक चुनौतियों से घिरा हुआ है। विश्व में नार्थ-साउथ और पूर्व-पश्चिम विभाजन की बात हो रही है।”

पीएम मोदी ने कजान में साइबर सुरक्षा और AI को लेकर आने वाली चुनौतियों और उन पर काम करने की बात भी की। पीएम मोदी ने कहा कि BRICS में मुद्दे लोगों के हितों के होने चाहिए और यह संगठन विभाजनकारी नहीं बल्कि जनहितकारी है।

पीएम मोदी ने BRICS की शिखर सम्मेलन बैठक को संबोधित करने के बाद चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाक़ात भी की। यह चीन और भारत के शीर्ष नेताओं के बीच 5 साल के बाद पहली मुलाक़ात है। दोनों देशों के रिश्ते जून, 2020 में चीन के सैनिकों के गलवान पर हमले के बाद खराब हो गए थे। हाल ही में दोनों देशों में सीमा विवाद को लेकर समझौता हुआ है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘मेविस्तान’ बनाने का सपना, अलवर-भरतपुर में हिंसा और फिर गाँधी-नेहरू का हस्तक्षेप: जानिए मेवात के उस इतिहास की पूरी कहानी, जिसने बदल दिया इलाके...

मेविस्तान की माँग, 1933 का गोविंदगढ़ संघर्ष, 1947 का अलवर-भरतपुर घटनाक्रम और गाँधी-नेहरू के हस्तक्षेप से जुड़ी मेवात की पूरी कहानी जानिए।

59 करोड़ अकाउंट्स, लाखों करोड़ की कैपिटल और आखिरी व्यक्ति तक पहुँचता बैंकिंग सिस्टम… फिर क्यों जनधन योजना से सुभाष गर्ग को लगी मिर्ची?

सुभाष गर्ग ने जनधन योजना के 59 करोड़ खातों पर सवाल उठाए, जानिए जीरो बैलेंस, इनएक्टिव अकाउंट्स और DBT से जुड़ी पूरी कहानी।
- विज्ञापन -