Tuesday, October 19, 2021
Homeरिपोर्टमीडियाJNU छात्रसंघ उपाध्यक्ष के साथ कानाफूसी कर के क्या सेटिंग कर रही है इंडिया...

JNU छात्रसंघ उपाध्यक्ष के साथ कानाफूसी कर के क्या सेटिंग कर रही है इंडिया टुडे की पत्रकार, वीडियो वायरल

आखिर इस वामपंथी के कान में घुस कर ऐसा क्या कहा या सुना जा रहा है जो सर्वर रूम के बारे में है? आखिर कोमल के बारे में क्यों बता रही है जैसे कि ‘उसको तो निपटा दिया’? ये चल क्या रहा है वामपंथी और आज की लैपडांस माडिया के बीच?

JNU हिंसा और इंडिया टुडे समूह का रिश्ता गहराता ही जा रहा है। एक ओर जहाँ दिल्ली पुलिस इस हिंसा के मामले में लेफ्टिस्ट गुंडों की पहचान भी जारी कर चुकी है वहीं दूसरी ओर इंडिया टुडे और आज तक लगातार ऐसी ‘मनोहर कहानियाँ’ सामने लेकर आ रहे हैं जिन्हें देखकर हर कोई संदेह में आ जाएगा। हालाँकि फैक्ट चेक के बाद इंडिया टुडे की ये सभी कहानियाँ बचकाना और बेबुनियाद ही पाई गई हैं।

क्रोनोलॉजी फर्जी स्टिंग की पोल खुलने के बाद रविवार (जनवरी 12, 2020) की सुबह ही इंडिया टुडे समूह की पत्रकार JNU सर्वर से सम्बंधित एक ‘सनसनीखेज खुलासा’ लेकर आईं लेकिन उस खुलासे की हक़ीक़त यह थी कि इंडिया टुडे के पत्रकारों के सामान्य ज्ञान की जानकारी ही संदेह के घेरे में आ खड़ी हुई।

इसके बाद सोशल मीडिया पर इंडिया टुडे के रिपोर्टर का एक वीडियो शेयर किया जा रहा है जिसमें वो रिपोर्टर JNU कैम्पस में (जैसा कि वीडियो में विरोध प्रदर्शन के माहौल से प्रतीत हो रहा है) इंटरव्यू लेने से पहले उसके साथ कुछ कानाफूसी करते हुए देखी जा रही हैं।

हालाँकि इस वीडियो में आवाज एकदम स्पष्ट नहीं है फिर भी रिपोर्टर और युवक को JNU में सर्वर से सम्बंधित कुछ बात करते हुए सुना जा सकता है।

इस वीडियो को आप यहाँ देख सकते हैं –

इस वीडियो में कुछ बातें जो इंडिया टुडे की रिपोर्टर को कहते सुनी जा सकती हैं उनमें सर्वर और चेहरे पहचाने जाने के बारे में बातें करते सुना जा सकता है। युवक रिपोर्टर से कह रहा है कि सीसीटीवी चल नहीं रहा था तो चेहरा पहचान नहीं पाए लेकिन वीसी ने तो कहा सर्वर सेम है, और मेल जा रहे थे।

इस बातचीत से यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि हो सकता है इंडिया टुडे की रिपोर्टर सर्वर सम्बधी मामले की जानकारी लेने गई हो। लेकिन इंटरव्यू लेने से पहले युवक (जिसका इंटरव्यू लेना है) के साथ इंडिया टुडे न्यूज़ चैनल की रिपोर्टर द्वारा की जा रही गोपनीय कानाफूसी ने इस पूरी थीम पर ही प्रश्नचिन्ह लगा दिया है। इस कानाफूसी ने कुछ सवाल पैदा कर दिए हैं।

  1. क्या इंडिया टुडे सिर्फ अपनी बात सही साबित करने के लिए इस मामले को अनावश्यक तूल दे रहा है
  2. क्या सिर्फ अपने द्वारा लगाए गए आरोपों की सही साबित करने के लिए ही छात्रों के मुँह में अपने शब्द डालकर इंटरव्यू लेने की कोशिशें की जा रही हैं?
  3. क्या यूनिवर्सिटी एडमिन्स्ट्रेशन पर पूरा ब्लेम डालने की तैयारी चल रही है?
  4. लाल सलाम एक्टिविस्टों के साथ इस बातचीत की ज़रूरत क्या है?
  5. अगर आपको सच ही जानना है तो कैमरा लो, माइक लो और सवाल पूछो, ये कानाफूसी क्यों?
  6. क्या पत्रकार वामपंथी नेता को कोचिंग दे रही थी, या वामपंथी नेता पत्रकार को कोचिंग दे रहा था?

ये कुछ सवाल हैं जिनका उत्तर शायद राहुल कँवल ही दे पाएँगे।

यदि यह इंटरव्यू स्क्रिप्टेड नहीं है तो फिर इंटरव्यू से पहले इस तरह की कानाफूसी किस वजह से की जा रही है जैसे किसी परमाणु हथियार का कोड वर्ड लिया जा रहा हो?

सच्चाई जो भी हो, लेकिन JNU प्रकरण में आज तक और इंडिया टुडे समूह की दिलचस्पी हैरान कर देने वाली है।

इंडिया टुडे का एक और झूठ: ‘जेम्स बॉन्ड पत्रकार’ ने लेफ्टिस्ट गुंडों को बचाने के लिए दिया JNU-सर्वर पर ‘ज्ञान’

वामपंथियों की फालतू नारेबाजी, और बर्बाद होता JNU: राहुल कँवल पढ़ें ‘इंडिया टुडे’ की 40 साल पुरानी रिपोर्ट

हमारे कैमरे की सेटिंग ख़राब थी: इंडिया टुडे की JNU हिंसा के फर्जी स्टिंग पर सफाई

 

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘बांग्लादेश का नया नाम जिहादिस्तान, हिन्दुओं के दो गाँव जल गए… बाँसुरी बजा रहीं शेख हसीना’: तस्लीमा नसरीन ने साधा निशाना

तस्लीमा नसरीन ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर कट्टरपंथी इस्लामियों द्वारा किए जा रहे हमले पर प्रधानमंत्री शेख हसीना पर निशाना साधा है।

पीरगंज में 66 हिन्दुओं के घरों को क्षतिग्रस्त किया और 20 को आग के हवाले, खेत-खलिहान भी ख़ाक: बांग्लादेश के मंत्री ने झाड़ा पल्ला

एक फेसबुक पोस्ट के माध्यम से अफवाह फैल गई कि गाँव के एक युवा हिंदू व्यक्ति ने इस्लाम मजहब का अपमान किया है, जिसके बाद वहाँ एकतरफा दंगे शुरू हो गए।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
129,820FollowersFollow
411,000SubscribersSubscribe