Homeरिपोर्टराष्ट्रीय सुरक्षागलवान में जवान दीपक सिंह हुए थे वीरगति को प्राप्त, अब उनकी पत्नी रेखा...

गलवान में जवान दीपक सिंह हुए थे वीरगति को प्राप्त, अब उनकी पत्नी रेखा सेना में बनेंगी लेफ्टिनेंट

OTA की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद रेखा को प्रयागराज में पाँच दिन तक सर्विस सेलेक्शन बोर्ड में इंटरव्यू हुआ। इंडियन आर्मी में वो लेफ्टिनेंट के तौर पर ज्वाइन होंगी। उससे पहले 9 महीने तक की कड़ी ट्रेनिंग होगी।

लद्दाख की गलवान घाटी में जून 2020 में चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के साथ मुठभेड़ के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए इंडियन आर्मी के जवान दीपक सिंह की पत्नी रेखा देवी भी अब पति की जगह सेना में शामिल होकर देश की सरहदों की रक्षा करेंगी। रेखा (23 साल) ने ओटीए (OTA: Officers Training Academy) के एक्जाम को क्वालिफाई कर लिया है। अब उन्हें मेडिकल टेस्ट से गुजरना होगा। इसके बाद वो इंडियन आर्मी का हिस्सा हो जाएँगी।

रिपोर्ट के मुताबिक, OTA की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद रेखा को प्रयागराज में पाँच दिन तक सर्विस सेलेक्शन बोर्ड में इंटरव्यू हुआ। इंडियन आर्मी वो लेफ्टिनेंट के तौर पर ज्वाइन होंगी। हालाँकि उससे पहले 9 महीने तक की कड़ी ट्रेनिंग होगी। उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश के रीवा जिले के फारंदा गाँव के रहने वाले दीपक सिंह की शादी रेखा के साथ वीरगति प्राप्त करने के 8 महीने पहले ही हुई थी।

दीपक बिहार रेजिमेंट के जवान थे। उनके बड़े भाई भी सेना में हैं। देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पिछले साल नवंबर 2021 में बलिदान हुए दीपक सिंह की पत्नी रेखा को मरणोपरांत वीर चक्र से नवाजा था। बिहार रेजीमेंट की 16 बटालियन में चिकित्सा सहायक रहे दीपक सिंह ने गलवान में 30 जवानों को बचाया था। वो अपने बड़े भाई से प्रेरणा लेकर सेना में शामिल हुए थे।

गौरतलब है कि गलवान झड़प के दौरान चीन ने दुनिया के सामने झूठ बोला था कि इस हमले में उसके केवल 4 जवान ही मरे थे। हालाँकि, हाल ही में ऑस्ट्रेलिया की न्यूज साइट ‘द क्लैक्सन’ ने अपनी इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट में गलवान में झड़प को लेकर चीन पोलपट्टी खोल दी।

द क्लैक्सन के एडिटर एंटोनी क्लेन ने जानकारी दी कि उन्होंने इंडिपेंडेंट सोशल मीडिया रिसर्चर्स की एक टीम बनाई थी, जिसने इस पूरे मसले पर लगभग डेढ़ साल अपनी रिसर्च की और नतीजों में पाया कि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के कई सिपाही 15-16 जून को गलवान नदी की तेज धार में बह गए थे। उनके मुताबिक, ये संख्या 38 थी।​

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

आतंकियों तक आधार पहुँचाने की साजिश किसकी? MP के ‘क्लोन Aadhar मशीन’ मामले ने बढ़ाई चिंता, अन्य राज्यों में भी फर्जी पंजीकरण के नेटवर्क...

मध्य प्रदेश के क्लोन आधार मशीन मामले के बाद जानिए, क्या दूसरे राज्यों में भी आधार पंजीकरण में ऐसी गड़बड़ियाँ सामने आई हैं।

बीमारी के बहाने निशाने पर भारत… BBC ने ’38 परजीवी’ के सहारे 19 साल पुरानी घटना पर किया बदनाम: पढ़ें- कैसे पश्चिमी मीडिया ने...

BBC ने रिपोर्ट में लिखा कि भारत घूमने आई महिला के दिमाग में 38 परजीवी मिले। यह दावा न तो मेडिकल साइंस के हिसाब से सही और न इसमें कोई सच्चाई।
- विज्ञापन -