Homeरिपोर्टराष्ट्रीय सुरक्षामोस्टवांटेड हिजबुल आतंकी रुस्तम अली गिरफ्तार, RSS कार्यकर्ता चंद्रकांत शर्मा की हत्या में था...

मोस्टवांटेड हिजबुल आतंकी रुस्तम अली गिरफ्तार, RSS कार्यकर्ता चंद्रकांत शर्मा की हत्या में था शामिल

रुस्तम अली की गिरफ्तारी जम्मू-कश्मीर की चेनाब घाटी क्षेत्र में हिजबुल मुजाहिदीन के खात्मे की तरफ सुरक्षा जाँच एजेंसियों के लिए एक और बड़ी सफलता है।

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने किश्तवाड़ से हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी रुस्तम अली को गिरफ्तार किया है। रुस्तम हाल ही में मारे गए आतंकी रियाज नायकू का करीबी था। रुस्तम पिछले साल अप्रैल में आरएसएस कार्यकर्ता चंद्रकांत शर्मा और उनके पीएसओ की हुई हत्या में शामिल था। रुस्तम का नाम एनआईए की चार्जशीट में भी शामिल था। चंद्रकांत किश्तवाड़ ज़िला अस्पताल में ही फार्मासिस्ट थे।

रुस्तम की गिरफ्तारी जम्मू-कश्मीर की चेनाब घाटी क्षेत्र में हिजबुल मुजाहिदीन के खात्मे की तरफ सुरक्षा जाँच एजेंसियों के लिए एक और बड़ी सफलता है।

गौरतलब ये है कि डोडा में ताहिर भट के एऩकाउंटर के बाद यह गिरफ्तारी हुई है। ताहिर भट के साथ मिलकर रुस्तम चेनाब वैली में हिजबुल मुजाहिदीन की जड़ें जमाने की कोशिश में था।

गिरफ्तार किया गया आतंकी रुस्तम किश्तवाड़ में युवाओं को आतंकी संगठन में भर्ती कराने का काम करता था। हाल ही में एऩकाउंटर में मारा गया आतंकी ताहिर भट डोडा जिले में आतंकियों को भर्ती करने में कोशिश में लगा था।

एक साल पहले ही ताहिर और रुस्तम ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर किश्तवाड़ के जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता और आरएसएस नेता चंद्रकांत शर्मा की अस्पताल में घुसकर हत्या कर दी थी। इसमें हमले में चंद्रकांत शर्मा के पीएसओ ने भी अपनी जान गँवाई थी।

इस केस की जाँच का काम एऩआईए को सौंपा गया था। इसके बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस और एनआईए हिजबुल मुजाहिदीन के मॉड्यूल का लगभग खात्मा कर चुकी है। करीब 2 हफ्ते पहले सुरक्षाबलों ने घाटी के मोस्टवांटेड आतंकी रियाज नायकू को मार गिराया था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -