Homeसोशल ट्रेंड'ये अवैध है, संविधान नहीं देता इजाजत': सूरत स्टेशन के डिस्प्ले बोर्ड पर 'जय...

‘ये अवैध है, संविधान नहीं देता इजाजत’: सूरत स्टेशन के डिस्प्ले बोर्ड पर ‘जय श्री राम’ वाले वीडियो से भड़के कट्टर मुस्लिम, लोगों ने दिखा दी मस्जिद-मजार की तस्वीरें

मोहम्मद मुजीबुर रहमान नाम के ट्विटर यूजर ने लिखा, "सूरत रेलवे स्टेशन के डिस्प्ले बोर्ड पर 'वेलकम' की जगह 'जय श्री राम' लिखा आ रहा है। ये बताता है कि भारतीय रेलवे भी अब हिंदुत्ववादी हो गया है।"

सोशल मीडिया पर मुस्लिम यूजर्स भारतीय रेलवे के प्रति आक्रोश जता रहे हैं। कारण है एक वीडियो। ये वीडियो सूरत रेलवे स्टेशन का बताया जा रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि जिस इन्फॉर्मेशन स्क्रीन पर ट्रेनों की टाइमिंग दिखती रहती है, उस पर साथ में ‘जय श्री राम’ भी लिखा हुआ है। साथ ही वहाँ ‘धर्मो रक्षति रक्षितः’ भी लिखा हुआ दिख रहा है। मुस्लिम ट्विटर यूजर इसे हिन्दू कट्टरवाद बता कर बौखलाए हुए हैं और मोदी सरकार का विरोध कर रहे हैं।

डिस्प्ले बोर्ड पर ‘जय श्री राम’ वाला वीडियो देख कर मुस्लिम यूजर्स भड़क गए हैं। इस वीडियो में ‘एक ही नारा, एक ही नाम’ लिखा हुआ भी दिख रहा है। इसके बाद आगे ‘जय श्री राम’ और ‘धर्मो रक्षति रक्षितः’ लिखा हुआ दिख रहा है। स्टेशन की मुख्य एंट्रेंस पर LED से इस तरह लिखा हुआ देख कर कट्टर मुस्लिम भड़क गए हैं। पत्रकार अहमद खबीर ने पूछा है कि क्या भारत के संविधान के हिसाब से इसकी अनुमति है, क्या ये वैध है?

मोहम्मद मुजीबुर रहमान नाम के ट्विटर यूजर ने लिखा, “सूरत रेलवे स्टेशन के डिस्प्ले बोर्ड पर ‘वेलकम’ की जगह ‘जय श्री राम’ लिखा आ रहा है। ये बताता है कि भारतीय रेलवे भी अब हिंदुत्ववादी हो गया है।”

आलम गुमत नाम के एक अन्य मुस्लिम यूजर ने केंद्रीय रेल मंत्रालय को टैग करते हुए पूछा, “ये सब क्या हो रहा है?”

हुसैन अहमद नाम के एक अन्य यूजर ने लिखा, “अगर कलबुर्गी रेलवे स्टेशन पर हरा रंग वैध नहीं है तो फिर सूरत रेलवे स्टेशन पर भी इस तरह की चीज लीगल नहीं है।”

अभी तक भारतीय रेलवे या केंद्रीय रेल मंत्रालय ने इन घटनाओं पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। उनका कमेंट आते ही हम इस आर्टिकल को अपडेट करेंगे। हालाँकि, इस दौरान लोग जवाब भी दे रहे हैं। एक व्यक्ति ने कुछ तस्वीरें शेयर की, जिनमें रेलवे स्टेशनों पर मुस्लिम भीड़ को नमाज पढ़ते हुए देखा जा सकता है। एक तस्वीर में इलाहाबाद जंक्शन पर मस्जिद बना कर नमाज पढ़ती मुस्लिम भीड़ देखी जा सकती है। अन्य तस्वीरों में रेलवे स्टेशन पर ही मजार बनी हुई देखी जा सकती है।

इन तस्वीरों को शेयर करते हुए समीर नाम के एक यूजर ने कहा कि सूरत रेलवे स्टेशन के डिस्प्ले बोर्ड पर ‘जय श्री राम’ लिखा आ रहा है तो इसे हटा दो, लेकिन ऐसी चीजों को भी हटाना होगा जो पूरी तरह अवैध हैं और असंवैधानिक भी। कुछ अन्य लोगों ने भी आवाज़ उठाई कि कैसे कई रेलवे स्टेशनों की जमीनों को कब्ज़ा कर के वहाँ मस्जिद या मजार बना दी गई है। ट्रेनों में नमाज पढ़ने के वीडियोज भी वायरल होते आ रहे हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

राहुल गाँधी का ‘पुलिस भी सरकार हटाना चाहती है’ दावा: क्या संस्थानों में अविश्वास फैलाकर रची जा रही है ‘सत्ता परिवर्तन’ की साजिश?

राहुल गाँधी ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने उनसे कहा, "इनको हटाइए।" जानिए इस दावे, तथ्य और संस्थानों में अविश्वास फैलाने के आरोपों की पूरी कहानी।

सोनम वांगचुक ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग से बनाई दूरी, CJP में फूट के बाद क्या अब आंदोलन की उलटी गिनती हो...

शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की माँग पर छात्र आंदोलन बंटता हुआ दिख रहा है। जहाँ सोनम वांगचुक ने इसे अपनी शर्तों में तरजीह नहीं दी है वहीँ सीजेपी की यह पहली शर्त है।
- विज्ञापन -