अलवर में एक युवक की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई क्योंकि उसने अपने 2 दोस्तों के साथ मिलकर शादी से लौट रही एक बच्ची का रेप किया था। हत्या का आरोप पीड़िता के परिजन पर लगा है। फिलहाल पुलिस मामले की जाँच कर रही है।
ये लड़ाई हवसी मानसिकता को सुधारने की है, लड़कियों को समाज में भोग की वस्तु के बजाय सशक्त बनाने की है... शरिया के लागू होने का सुझाव सिर्फ़ आक्रोश में उचित लग सकता है, लेकिन एक सभ्य समाज में हर अपराध पर ऐसे कानून की बात करना अनुचित है।
दलित महिला 5 मई को अपनी गर्भवती बहू को लेकर कठूमर सामूदायिक अस्पताल पहुँची थी। यहाँ डिलीवरी के बाद छुट्टी नहीं मिलने से अस्पताल में रुकी हुई थी। रेप पीड़िता ने बताया कि मंगलवार की रात एंबुलेंस 108 के ड्राइवर ने डिलीवरी से जुड़े जरूरी कागजों की बात कही और अपने साथ डिलीवरी रूम ले गया। वहाँ उसके मुँह में कपड़ा ठूँसकर उसके साथ रेप किया।
ये मेरा ही तो रूप है जो बसों में उस पर गिर जाता है, जो गर्ल्स हॉस्टल की खिड़कियों की सीध में अपने लिंग पर हाथ फेरता है। वो मैं ही तो होता हूँ जो अपनी किसी जान-पहचान की बच्ची को चॉकलेट देकर कहीं ले जाता हूँ, और उसके साथ हैवानियत दिखाने के बाद उसकी हत्या भी कर देता हूँ।
पीड़िता के पिता द्वारा दी गई शिकायत के मुताबिक, छोटू और सूरज दोनों उनके घर गए और बेटी का विश्वास जीतकर उसे अगवा कर ले गए। यह घटना मार्च के पहले सप्ताह में हुई थी।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में प्रशासन के खिलाफ जबर्दस्त आक्रोश है। पुलिस ने छोटेलाल, जीतू और अशोक सहित 5-6 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। 26 अप्रैल की घटना को चार दिनों बाद 30 अप्रैल को पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज किया गया। पुलिस ने IPC और SC/ST ऐक्ट की धाराओं 147, 149, 323, 341, 354B, 376(D) & 506 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
शफीक अहमद की असलियत पता चलने पर पीड़िता शफीक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए घर से निकली। लेकिन, रास्ते में शफीक ने अपने भाई और पिता के साथ मिलकर उसका अपहरण कर लिया। करीब 5 दिनों तक किडनैपरों के चंगुल में रहने के बाद वो किसी तरह बच कर भागने में सफल हुई।
चुनावों के बीच गैंगरेप के इस मामले ने पूरे इलाके में रोष का माहौल पैदा कर दिया है। आरोपितों की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई को लेकर जगह-जगह प्रदर्शन हो रहे हैं। लेकिन अभी तक इस मामले में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत या उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट का बयान नहीं आया है।
बीते दिनों चंद्रपुर के राजुरा तहसील में 'इनफैंट जीसस एजुकेशन सोसाइटी' द्वारा संचालित छात्रावास में रहने वाली नाबालिग आदिवासी छात्राओं के साथ दुष्कर्म के मामले सामने आए थे। इन मामलों में FIR दर्ज करने में देरी हुई थी।