"अमरनाथ यात्रियों को रेलवे का तोहफ़ा: विश्व प्रसिद्ध तीर्थ बाबा अमरनाथ के दर्शन हेतु जाने वाले श्रद्धालुओं के लिये रेलवे विशेष ट्रेन चलाने जा रहा है। यह ट्रेन 1 जुलाई से शुरु होगी तथा सप्ताह में दो बार आनंद विहार, दिल्ली से उधमपुर तक चलेगी।"
भारतीय रेलवे राजधानी, दुरंतो और शताब्दी ट्रेनों में महिलाओं और दिव्यांगों के लिए अलग से कोच लगाएगा। इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ) ने दो प्रोटोटाइप पावर कोच तैयार कर दिए हैं।
सुजीत ने अपना पैसा वापस लेने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ी। उन्होंने अपनी शिकायत को लोक अदालत में दर्ज कराया लेकिन लोकअदालत ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर बताकर मामले को ख़ारिज कर दिया।
रायबरेली स्थित मॉडर्न कोच फैक्ट्री ने इस वित्त वर्ष 1425 कोच का निर्माण कर एक नया रिकॉर्ड सेट किया। इस तरह से उसने लक्ष्य से ज्यादा कोच का निर्माण किया। चेन्नई स्थित इंडियन कोच फैक्ट्री ने तो कोच बनाने के मामले में चीन को भी पीछे छोड़ दिया है।
कुछ मीडिया संस्थानों ने जितना इस विकास यात्रा को कवर नहीं किया था, उससे ज़्यादा ये साबित करने में लग गए कि ट्रेन अपनी पहली यात्रा में ही ख़राब हो गई। व्यक्तिगत रूप से ख़ार खाए कुछ तथाकथित पत्रकार बड़ी चालाकी से मवेशी हिट की घटना को छिपा गए।
"देश में इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के साथ ही हर क्षेत्र में रोजगार और देश के समुचित बुनियादी विकास को गति मिलेगी। हमारा लक्ष्य नॉर्थ ईस्ट सहित सम्पूर्ण भारत के विकास को गति देना है।"
मेक इन इण्डिया के तहत इंटीग्रल कोच फैक्ट्री चेन्नई में निर्मित बदलते भारत की तस्वीर पेश करती वन्दे भारत एक्सप्रेस में ऐसी कई खूबियाँ हैं जो ट्रेन यात्रा को सुगम, समयबद्ध और आरामदायक बनाते हुए दिल्ली से वाराणसी की यात्रा को महज़ 8 घंटे में समेट देती है।
कुम्भ यात्रा पर जा रही महिला के पेट में असहनीय दर्द उठा। ट्वीट के माध्यम से इसकी जानकारी मिलते ही रेलवे ने त्वरित एक्शन लेते हुए महिला तक मेडिकल सपोर्ट पहुँचाई। सोशल मीडिया ने की प्रसंशा।
जापान और कनाडा भारतीय ट्रेनों पर मिथिला पेंटिंग की झलकियाँ देख कर इतने अभिभूत हुए कि उन्होंने अपने ट्रेनों पर भी इसे उकेरने का निर्णय लिया है। जल्द ही भारत से मिथिला कलाकारों की टीम उन देशों में जाएगी।