राजदीप सरदेसाई ने मुगलों की पैरवी करते हुए छत्रपति शिवाजी महाराज को डाकू कहा और बंगाल पर हमला करने की बात कहीं। फिर विरोध होने पर हमले की जगह बंगाल से सूरत कर दी।
राजदीप सरदेसाई का एक बार फिर काला सच सामने आया है। उनपर आरोप लगा है कि कॉन्ग्रेस वाली यूपीए सरकार के समय उन्होंने 'कैश फॉर वोट स्कैम' पर सामने आया स्टिंग दबाने का प्रयास किया।
राजदीप सरदेसाई की टिप्पणी को कुछ यूजर्स सीधे तौर पर भारत के राष्ट्रीय ध्वज का अपमान बता रहे हैं। राजदीप के बड़बोलेपन पर कार्रवाई करने की बातें हो रही हैं।