Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीय'इजरायल आतंकियों की तरह अस्पतालों का इस्तेमाल नहीं करता': राजदीप सरदेसाई को इजरायली राजदूत...

‘इजरायल आतंकियों की तरह अस्पतालों का इस्तेमाल नहीं करता’: राजदीप सरदेसाई को इजरायली राजदूत ने दिखाया आईना: ईरान – हमास का प्रोपेगेंडा चलाने की कोशिशें की फेल

राजदीप ने कहा कि किसी भी अस्पताल पर हमला गलत है। जवाब में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने कहा कि अगर अस्पताल सैन्य कामों में इस्तेमाल हो, तो वह इम्यूनिटी खो देता है। इजरायल ऐसा नहीं करता, लेकिन हमास आतंकी अस्पतालों को ठिकाना बनाते हैं।

इजरायल के बेयर शेवा में स्थित सोरोका मेडिकल सेंटर पर गुरुवार (19 जून 2025) को ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल से हमला हुआ। इस हमले से अस्पताल को भारी नुकसान पहुंचा और कई आम नागरिक घायल हो गए। इस घटना की दुनियाभर में कड़ी निंदा हुई।

इस बीच, इंडिया टुडे के ‘पत्रकार’ राजदीप सरदेसाई ने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा, “देर रात की सोच, जब ईरान इजरायल में किसी अस्पताल पर हमला करता है, तो इसे ‘युद्ध अपराध’ कहा जाता है… लेकिन जब इजरायल गाजा में किसी अस्पताल पर हमला करता है, तो इसे जायज ठहराया जाता है…”

उनका कहना था कि किसी भी अस्पताल पर हमला, चाहे वह बेयर शेवा में हो, गाजा में हो या तेहरान में, मानवता और अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है।

इस पोस्ट के जवाब में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने तुरंत पलटवार किया। उन्होंने अपने एक्स पोस्ट में लिखा कि अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के अनुसार, “जब कोई मानवीय स्थान, जैसे अस्पताल, सैन्य गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया जाता है, तो वह अपनी इम्यूनिटी खो देता है।”

उन्होंने साफ किया कि इजरायल ने कभी अस्पतालों को सैन्य गतिविधियों के लिए इस्तेमाल नहीं किया, जबकि हमास आतंकवादियों ने अस्पतालों को सैन्य ठिकानों के रूप में इस्तेमाल किया, जिसके कारण इजरायल की कार्रवाई वैध थी। अजार ने यह भी कहा, “इजरायल सैन्य गतिविधियों को छिपाने के लिए अस्पतालों का उपयोग नहीं करता, और इसलिए उन पर हमला युद्ध अपराध है।”

इसके बाद सोशल मीडिया पर राजदीप सरदेसाई की जमकर आलोचना हुई। लोगों ने उन पर सवाल उठाए कि उन्होंने बिना पुख्ता सबूत के तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया। कुछ यूजर्स ने कहा कि राजदीप ने बिना किसी सही तथ्य के ही इजरायल पर आरोप लगाए।

कुछ लोगों का मानना है कि राजदीप का यह बयान उनकी राजनीतिक विचारधारा से प्रेरित था और उन्होंने जानबूझकर इजरायल की कार्रवाइयों को गलत तरीके से पेश किया।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

भगवान राम का अपमान, आजादी के नारे और तिरंगे से बदसलूकी: कॉकरोचों को ये तक नहीं पता कि वे क्यों आए हैं, पढ़ें- CJP...

कॉकरोचों के प्रदर्शन में छात्रों के मुद्दे नहीं बल्कि आजादी के नारे, डफली गैंग, तिरंगे से बदसलूकी और हिंदू देवी-देवताओं का अपमान दिखा। पढ़ें रिपोर्ट।

तमिलनाडु में द्रविड़ राजनीति के ‘घृणा मॉडल’ को अन्नामलाई की चुनौती, पेरियार नहीं, कलाम हैं आदर्श: समझें- ‘We The Change’ से राष्ट्रवाद का शंखनाद...

अन्नामलाई ने कहा कि तमिल संस्कृति-भाषा पर गर्व और भारत माता के प्रति समर्पित रहना एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।
- विज्ञापन -