जिन तनुतश्री को टिकट देने के लिए कॉन्ग्रेस ने इतनी आतुरता दिखाई है, उनके माता-पिता (अमरमणि त्रिपाठी और उनकी पत्नी मधुमणि) कवियत्री मधुमिता हत्याकांड में जेल में हैं।
राहुल ने जब यह बोल दिया, और फिर कैलकुलेटर लेकर चिदम्बरम सरीखे जानकार लोग बैठे तो पता चला कि आलू से सोना भी बनने लगे, हर खेत में फ़ूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाकर, उसकी छतों पर भी खेती की जाए, फिर भी इतना पैसा पैदा करना नामुमकिन हो जाएगा।
रणदीप सुरजेवाला ने कहा, “हम साफ करना चाहते हैं कि ये टॉप स्कीम नहीं है, हर परिवार को 72,000 रुपया प्रतिवर्ष मिलेगा। लेकिन ये महिला केंद्रित स्कीम है। ये 72,000 रुपए कॉन्ग्रेस पार्टी घर की गृहणी के खाते में जमा करवाएगी।
जिन परिवारों की आय 12,000 रुपए से कम है, उन्हें हर महीने 12,000 रुपए तक की आमदनी पर ले जाना है - शर्त यही है कि अगर उनकी पार्टी मतलब कॉन्ग्रेस लोकसभा चुनाव में जीतेगी, मतलब राहुल गाँधी पीएम बनेंगे, तभी यह वादा पूरा होगा।
इससे पहले भी राहुल गाँधी ऐसे हवाई वादे कर चुके हैं। इधर से आलू डालिये उधर सोना निकलेगा टाइप। पता नहीं राहुल गाँधी खुद नहीं समझ पा रहे या जानबूझकर ऐसे हवाई वादे कर रहे हैं, जिसके पूरा होने की संभावना शुरू से ही नहीं दिख रही।
रचनात्मकता की सभी हदें पार करते हुए राहुल गाँधी की इस पारिवारिक पार्टी के सदस्यों को उनसे ये रिक्वेस्ट करते हुए भी दिखाया गया है कि राहुल गाँधी को इस बार अमेठी नहीं, बल्कि केरल की किसी सीट से चुनाव लड़ना चाहिए।
केंद्रीय मंत्री ने राहुल गाँधी से पूछा, “क्या आपने यूनिटेक से दो संपत्ति खरीदी हैं? भाजपा आज पूछ रही है कि क्या आपने यूनिटेक से दो सम्पत्तियाँ खरीदी हैं।"
रैली से पहले कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर बवाल काटा और भारी उत्पात मचाया। इस बवाल के दौरान रैली स्थल पर जमकर कुर्सियां फेंकी गईं और नेताओं के लिए लगी VIP बैरिकेडिंग भी तोड़ दी गई।
2004 के चुनावी हलफनामे में, राहुल गाँधी ने अपनी कुल संपत्ति 55,38,123 घोषित की थी। उनकी देनदारियाँ शून्य थीं। 2009 में, राहुल गाँधी ने दिल्ली के मेट्रोपॉलिटन मॉल साकेत में 2 दुकानें खरीदीं। 1,63,95,111 रुपए में यह पैसा कहाँ से आया? इस आय का स्रोत क्या था?