अगर आपने अपने निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में नाम दर्ज करवा लिया है, तो इसका मतलब है कि आपने अपना रजिस्ट्रेशन भी करवा लिया है। ऐसी स्थिति में आप बिना वोटर कार्ड के मतदान भी कर सकते हैं। जरूरत होगी तो सिर्फ एक आईडी प्रूफ की।
ऐसा पहली बार नहीं है जब मोहनराज ने इस तरह की घोषणा की हो। उन्होंने साल 2009 के चुनावों में भी खुद को सबसे अमीर व्यक्ति दर्शाते हुए बताया था कि उनके पास ₹1,977 करोड़ की जमा पूँजी है। मोहनराज सोचते हैं कि ईमानदारी से अपनी सारी संपत्ति के बारे में बताना देशहित का कार्य है।
जब आपातकाल के बाद देव आनंद की अध्यक्षता में बनी थी बॉलीवुड की अपनी राजनीतिक पार्टी। जानिए क्या हुआ इसके बाद। राजनारायण ने क्यों जोहर के हाथ-पाँव तोड़ने की धमकी दी थी? क्या हुआ नेशनल पार्टी का और क्यों अकेले पड़ गए थे देव आनंद?
किसानों और मजदूर संगठनों पर मजबूत पकड़ रमेंद्र सिंह राठौड़ के पक्ष में नजर आती दिख रही है। किसान और मजदूर संघर्ष समिति द्वारा चलाए गए आंदोलनों में भी राठौड़ सक्रिय भूमिका में रहे। इस कारण करीब 50,000 मजदूर और डेढ़ लाख किसानों को मिलाकर लगभग 2 लाख मतदाताओं तक इनकी सीधी पकड़ के कारण विरोधियों के लिए इनसे जीत पाना आसान नहीं होगा।
रणबीर गंगवा को लेकर मीडिया में खबरें हैं कि भाजपा उनको हिसार लोकसभा क्षेत्र से प्रत्याशी बना सकती है। गंगवा आईएनएलडी के प्रमुख नेताओं में से एक हैं और वह राज्यसभा के सदस्य भी रह चुके हैं।
प्रधानमंत्री मोदी जहाँ बनारस से चुनाव लड़ेंगे, वहीं अमित शाह को गाँधीनगर की ज़िम्मेदारी दी गई है। गाँधीनगर में भाजपा ने 1989 से आजतक चुनाव नहीं हारा है।
एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि लोकसभा चुनावों में भाजपा सरकार फिर से प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। उनकी मानें तो वे इस बार 74+ का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं।
आचार संहिता का उल्लंघन करने के आरोप में सपा प्रत्याशी सुरेंद्र कुमार उर्फ मुन्नी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। उन पर आरोप है कि वो होली मिलन समारोह में चुनावी भाषण दे रहे थे।
मैनपुरी से सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव चुनाव लड़ने वाले हैं। कन्नौज से डिंपल यादव सपा से ताल ठोकेंगी। वहीं फ़िरोज़ाबाद से वरिष्ठ सपा नेता रामगोपाल यादव के बेटे अक्षय यादव को टिकट दिया गया है। अजित सिंह और जयंत सिंह के ख़िलाफ़ भी कॉन्ग्रेस उम्मीदवार नहीं उतारेगी।